पड़ोसी की छत से कूदकर घर संयुक्त संचालक के घर में घूसी लोकायुक्त पुलिस, ऐसे पकड़ाए कंडवाल

पड़ोसी की छत से कूदकर घर संयुक्त संचालक के घर में घूसी लोकायुक्त पुलिस, ऐसे पकड़ाए कंडवाल

भ्रष्ट महिला एवं बाल विकास अधिकारी लक्ष्मीनारायण कंडवाल ने 1986 में ग्राम सुनाला में माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी की शुरुआत की …और पढ़ें

Publish Date: Wed, 10 Jun 2026 10:16:34 PM (IST)Updated Date: Wed, 10 Jun 2026 10:16:33 PM (IST)

पड़ोसी की छत से कूदकर घर संयुक्त संचालक के घर में घूसी लोकायुक्त पुलिस, ऐसे पकड़ाए कंडवाल
पड़ोसी की छत से कूदकर घर संयुक्त संचालक के घर में घूसी लोकायुक्त पुलिस (ये इमेज एआई से बनाई गई है)

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भ्रष्ट महिला एवं बाल विकास अधिकारी लक्ष्मीनारायण कंडवाल ने 1986 में ग्राम सुनाला में माध्यमिक विद्यालय में सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी की शुरुआत की थी। उस वक्त कंडवाल की माली हालत ठीक नहीं थी। महिला एवं बाल विकास अधिकारी बनने के बाद कंडवाल ने जमकर चांदी कूटी और करोड़ों रुपये की संपत्ति बना ली।

एसपी (लोकायुक्त) डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, करीब एक महीने से कंडवाल की संपत्ति की जांच चल रही थी। मंगलवार को पुलिस ने उनके खिलाफ कोर्ट से सर्च वारंट निकाला और छह टीमें गठित कीं।

पड़ोस की छत से कूदी लोकायुक्त की टीम, ऐसे पकड़ाए कंडवाल

टीम निजी वाहनों से स्कीम-103 स्थित मकान पर पहुंची, पर कंडवाल ने दरवाजा नहीं खोला। डीएसपी सुनील तालान और एएसआई रहीम खान पड़ोसी की छत पर चढ़कर कंडवाल की छत पर आ गए। आवाज लगाने पर कंडवाल चौंक गए और खुद ही दरवाजा खोलने जा पहुंचे। बाहर निरीक्षक आशुतोष मिठास बल लेकर खड़े हुए थे। टीम ने कंडवाल को कब्जे में कर लिया और घर की छानबीन शुरू कर दी।

छानबीन के दौरान कंडवाल के बेटे अभिषेक और पवन के रूम में शराब की बोतलें पड़ी हुई थीं। महिला पुलिस ने कंडवाल की पत्नी शारदा और बहू तनु व हर्षिता को कब्जे में लिया। करीब पांच घंटे चली छानबीन के दौरान संपत्ति और लॉकर की जानकारी जुटा ली गई।

सहायक शिक्षक से महिला एवं बाल विकास अधिकारी का सफर

डीएसपी के अनुसार, लक्ष्मीनारायण कंडवाल का करियर ग्राफ इस प्रकार रहा…

  • 1986: सहायक शिक्षक के पद पर भर्ती हुई थी। पहली नौकरी ग्राम सुनाला स्थित माध्यमिक विद्यालय में लगी थी।
  • 1989: नौकरी छोड़ी और एलआईसी में सहायक की नौकरी करने लगे।
  • 1996: एलआईसी से नौकरी छोड़ी और परियोजना अधिकारी (महिला एवं बाल विकास अधिकारी) रामा, झाबुआ में बन गए।
  • 2003: महिला एवं बाल विकास अधिकारी के रूप में नीमच में पदोन्नत हुए।
  • 2008 से 2013: जिला कार्यक्रम अधिकारी के पद पर पदोन्नत हुए और 2013 तक खरगोन में
  • भोपाल से रीवा और जबलपुर: संयुक्त संचालक के रूप में पदोन्नत हुए और भोपाल पदस्थ हुए। यहां से रीवा तबादला हुआ और 2018 तक पदस्थ रहे। इसके बाद जबलपुर पोस्टिंग हुई और 2020 तक पदस्थ रहे।
  • 2021 से 2024: उज्जैन में संयुक्त संचालक के पद पर पदस्थ रहे।
  • जून 2025: इंदौर पोस्टिंग करवा ली।

बेटों, पत्नी और बहुओं के नाम पर भी अरबों-करोड़ों का खेल

डीएसपी के अनुसार, कंडवाल के बेटे अभिषेक और पवन सुपर मार्केट का काम संभालते हैं। इसकी कीमत करीब 3,573,218 रुपये बताई गई है। पुलिस ने पुत्रवधू तनु निनामा और पत्नी शारदा के नाम से भी संपत्ति की जानकारी निकाली है।

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