“मेरे पति ने उसका क्या बिगाड़ा था? उन्हें क्यों मार डाला? आखिर क्या दुश्मनी थी? वो तो सिर्फ अपने बच्चों का भविष्य बनाने के लिए रात-दिन 2-2 शिफ्ट में अलग-अलग काम करते थे…”
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यह कहते-कहते महिला की आवाज भर्रा जाती है। आंसू निकल पड़ते हैं। कुछ पल के लिए वह खामोश हो जाती है। यह दर्द उस महिला का है, जिसने 36 साल की उम्र में अपने पति को खो दिया। पति घर के इकलौते कमाने वाले थे। अब तीन बच्चों की परवरिश और घर चलाने की जिम्मेदारी अकेले उनके कंधों पर आ गई है।
दरअसल, 24 मई की रात भोपाल के ईकोलॉजिकल पार्क के पास एक सनसनीखेज वारदात हुई थी। पुलिस के अनुसार, एचआईवी पाॅजिटिव आरोपी ने पहले युवक को धक्का देकर गिराया, फिर उसके साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाए और सिर कुचलकर हत्या कर दी। 30 मई को कटारा थाना क्षेत्र के एक नाले से शव बरामद हुआ। पुलिस ने 25 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पढ़िए रिपोर्ट…

24 मई को युवक की हत्या कर दी गई थी।
मंडीदीप में फैक्ट्री वर्कर से अलग है कहानी
राजधानी भोपाल से सटे औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप के लोगों की लाइफ स्टाइल अलग है। यहां कारखानों में काम करने वाले लोगों के घरों में सुबह से ही हलचल शुरू हो जाती है। हजारों लोग सुबह छह-साढ़े छह बजे टिफिन लेकर घर से निकल जाते हैं, लेकिन बस्ती में रहने वाले एक फैक्ट्री वर्कर की कहानी इनसे थोड़ी अलग थी।
संकरी गली, ढलान वाले रास्ते से होकर जब हम मृतक के परिवार से मिलने पहुंचे तो किराए के दो कमरे के घर में टीवी, फ्रिज, कूलर और बच्चों की जरूरत का हर सामान मौजूद था। मृतक की पत्नी और दो बेटियां वहां मौजूद थीं।
पत्नी बताती हैं कि घर तो वह सिर्फ टिफिन लेने और चाय पीने आते थे। पहली नौकरी मंडीदीप की क्रॉम्प्टन कंपनी में करते थे। वहां ओवर टाइम करने के बाद 17 हजार रुपए मिलते थे, जबकि भोपाल में अमेजन के डिलीवरी ऑफिस में बतौर सिक्योरिटी गार्ड की जॉब से 10 हजार रुपए मिलते थे।
27 मई को दूसरी नौकरी का महीना पूरा होना था। सैलरी आने के बाद फ्रिज, कूलर और बेड की किस्त भी कटना थी।

आरोपी ने पहले युवक को खाना खिलाया, फिर उसके साथ संबंध बनाए।
मां की दूसरी शादी के बाद छोड़ दिया गांव
पत्नी बताती हैं- पति ने जीवन में बहुत संघर्ष किया। जब उनकी उम्र 15 साल थी, तब पिता की मौत हो गई। मेरी सास ने बेटे को छोड़ दूसरी शादी कर ली। इसके बाद वे मामा के साथ मंडीदीप के सतलापुर आ गए। यहां फैक्ट्री में मजदूरी करने लगे। फिर हमारी शादी हुई। तीन बच्चे हुए।
मंडीदीप में काम करते हुए 21 साल हो गए। वे चाहते थे कि जो परेशानी उन्होंने उठाई, उनके बच्चों को नहीं उठानी पड़े। बड़ी बेटी 11वीं, छोटी आठवीं और बेटा छठी क्लास में हैं। फीस ज्यादा होने के बावजूद तीनों बच्चों को प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे। ऊपर से महंगाई, कम वेतन में एक नौकरी से घर का खर्च चलना मुश्किल था।
दूसरी नौकरी इसी महीने जॉइन की थी
बच्चों की तरफ देखते हुए पत्नी कहती हैं- पति को बच्चों की बहुत चिंता रहती थी। दूसरी नौकरी इसी महीने जॉइन की थी। 24 मई के दिन बारिश हुई थी। जब वो घर आए तो उनके कपड़े गीले थे। शराब भी पिए हुए थे। मैंने उन्हें रात में ड्यूटी पर जाने से मना किया। उन्होंने कहा कि बाहर ठंडी हवा लगेगी तो उतर जाएगी। बेटे ने चादर में लपेट कर दोनों मोबाइल दे दिए। थोड़ी देर बाद वो बाइक से ड्यूटी के लिए निकल गए।
रात की ड्यूटी के बाद रोजाना सुबह छह-साढ़े बजे तक वापस आ जाते थे। आधे-एक घंटे में तैयार होकर दिन की ड्यूटी पर निकल जाते थे। उनके आने से पहले ही टिफिन तैयार रखती और चाय गैस पर रख देती थी, लेकिन उस दिन वे नहीं आए। फोन लगाया तो एक फोन बंद आ रहा था। दूसरे मोबाइल रिंग जाती रही। सोचा, शायद सीधे ही दिन वाली ड्यूटी पर चले गए होंगे।

आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए पत्थर से सिर कुचल दिया था।
दिनभर लगाती रही फोन, फिर शाम को पहुंची थाने
उस दिन यह सोचकर काम में लग गई कि सुबह 11 बजे ब्रेक होगा, तब फोन लगा लूंगी। 11 बजे कॉल किया तो भी रिंग जाती रही। इसके बाद दोपहर 2 बजे फिर फोन किया तो भी रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद रिश्तेदार को लेकर शाम करीब 5 बजे सतलापुर थाने पहुंची। गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस ने सर्चिंग शुरू की, लेकिन पता नहीं चला। इंतजार करते-करते पांच दिन हो गए। रोज थाने जाती। पुलिसवालों से पति को तलाशने के लिए गुहार लगाती। 30 मई को पुलिस हमें एक लाश की शिनाख्त के लिए लेकर गई। उसे देखते ही पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई, वो मेरे पति का शव था। चेहरा बुरी तरह कुचला हुआ था। कपड़ों से पहचान सकी।
अब घर कैसे चलेगा, पता नहीं
पत्नी का कहना है कि पुलिस मुझे थाने लेकर आ गई। कुछ समझ नहीं आ रहा था। बार-बार आंखों के सामने अंधेरा सा छा रहा था, तभी रिश्तेदार ने बताया कि जिसने हत्या की है, वो भी थाने में है। मैं चीखती हुई उसके पास जाने लगी, लेकिन पुलिस ने नहीं जाने दिया।
उनकी किसी से क्या दोस्ती और क्या दुश्मनी हो सकती है। वो तो अपने बच्चों के लिए 2-2 शिफ्ट में ही 12-12 घंटे काम करते थे। महीने की 27 मई को नई नौकरी की पहली सैलरी आनी थी, जिससे किस्तें और बच्चों की फीस भरी जानी थी, लेकिन इससे पहले सब कुछ खत्म हो गया।
जैसे-तैसे झुग्गी से छोटा सा घर बनाया था। समझ नहीं आता कि घर कैसे चलेगा। अब तक तो बचे-खुचे राशन और रिश्तेदारों की मदद से चल रहा था। सवाल है कि दो-दो बेटियाेंं और बेटे को कैसे पालूंगी?

कटारा हिल्स थाना पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
मेडिकल जांच में HIV संक्रमित निकला आरोपी
कटारा हिल्स टीआई सुनील दुबे ने बताया कि आरोपी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। जांच में उसके एचआईवी संक्रमित होने की पुष्टि हुई। वह कई साल से पुरुषों के साथ संबंध बनाता रहा है। आरोपी न्यू मार्केट और वीआईपी रोड इलाके में घूमता था। वहां कोई नहीं मिलता तो मिसरोद स्थित अपने घर लौट जाता।
पहले भी जेल जा चुका है आरोपी
जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी एक युवक के साथ गलत काम करने के मामले में जेल जा चुका है। वह करीब तीन महीने जेल में रहा था। 2023 में इसी तरह के मामले में वह करीब आठ महीने जेल में रह चुका है। आरोपी के खिलाफ पहले से आपराधिक रिकॉर्ड मौजूद है।
आरोपी हर किसी को संक्रमित करना चाहता था
टीआई के अनुसार, आरोपी को अलग-अलग लोगों से संबंध बनाने की लत लग चुकी थी। आरोपी हर किसी को संक्रमित करना चाहता था। यह पता लगा रहे हैं कि जेल से छूटने के बाद वह किन लोगों के संपर्क में आया था। जरूरत पड़ने पर उनकी काउंसलिंग और स्वास्थ्य जांच कराई जा सके।
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