पत्नी को फोन करके बोला बाढ़ और तुरंत कट गया फोन, नेपाल की तबाही की भयावह कहानी, International Hindi News

पत्नी को फोन करके बोला बाढ़ और तुरंत कट गया फोन, नेपाल की तबाही की भयावह कहानी, International Hindi News

गुरुंग की भाभी शांति ने बताया कि मेरी बहन की हालत बहुत खराब है। तीन दिन हो गए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके तीन बच्चे हैं और सभी 10 साल से कम उम्र के हैं।

पत्नी को फोन करके बोला बाढ़ और तुरंत कट गया फोन, नेपाल की तबाही की भयावह कहानी, International Hindi News

पत्नी को फोन करके बोला बाढ़ और तुरंत कट गया फोन, नेपाल की तबाही की भयावह कहानी

नेपाल में विनाशकारी बाढ़ ने हाहाकार मचा दिया। 26 अगस्त की सुबह आई बाढ़ से ठीक पहले वहां मौजूद लोग अपने-अपने रोजमर्रा के काम कर रहे थे, लेकिन तभी तबाही ने सबकुछ बदल दिया। रसुवा जिले के अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में सिक्योरिटी सुपरवाइजर गुरुंग हादसे से ठीक पहले अपनी पत्नी से बात कर रहे थे। इसी दौरान, सैलाब आया और वह अपनी पत्नी से बाढ़ कह सके और तभी उनका फोन कट गया। तीन दिन हो गए, लेकिन तब भी वह लापता हैं। उनका परिवार गुरुंग की खोज में लगा हुआ है।

सीएनएन न्यूज 18 से बात करते हुए गुरुंग की भाभी शांति ने बताया कि मेरी बहन की हालत बहुत खराब है। तीन दिन हो गए, लेकिन कुछ पता नहीं चला। उसके तीन बच्चे हैं और सभी 10 साल से कम उम्र के हैं। वहीं, सुशील लाल दास भी अपने भाई को ढूंढने की कोशिश में जुटे हुए हैं। सुशील के भाई रौशन एक ड्राइवर हैं और वे भारतीय टूरिस्ट के एक ग्रुप को लेने के लिए रसुवा गए हुए थे। उसी के बाद तबाही आई और सबकुछ खत्म हो गया। सुशील ने बताया कि इस अस्पताल की लिस्ट में उनका नाम नहीं है। अब हम पता लगाने के लिए चितवन जाएंगे।

भारतीय पर्यटक यात्रा बीच में छोड़कर लौट रहे

वहीं, नेपाल में बाढ़ के बाद बनी प्रतिकूल स्थिति का असर अब पर्यटन और सड़क संपर्क पर भी दिखने लगा है। काठमांडू, पोखरा, चितवन और नेपालगंज की यात्रा पर गए कई भारतीय पर्यटक बीच रास्ते से लौटकर महराजगंज जिले की सोनौली सीमा के रास्ते भारत वापस आ रहे हैं। सोनौली सीमा से लौटे पर्यटकों ने बताया कि नेपाल में कई जगहों पर उन्हें भारी जलभराव और बाढ़ का सामना करना पड़ा। आगे की यात्रा असुरक्षित लगने के बाद उन्होंने अपनी योजनाएं रद्द कर भारत लौटने का फैसला किया।

बिहार के रक्सौल निवासी चंदन कुमार ने बताया कि वह मोटरसाइकिल से नेपालगंज जा रहे थे, लेकिन रास्ते में कई जगह सड़कें जलमग्न थीं और जब आगे का रास्ता सुरक्षित नहीं लगा तो उन्होंने यात्रा बीच में ही रोक दी। केरल निवासी मधुर अपने परिवार के साथ पोखरा जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति देखने के बाद परिवार ने यात्रा रद्द करने का फैसला किया। सुरक्षित भारत लौटने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली।

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