नीट परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों को लेकर देशभर में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए मेट्रो, सड़कें, दुकानें और इंटरनेट तक बंद कर सकती है, लेकिन पेपर लीक जैसी समस्या को नहीं रोक पा रही है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए सरकार पर छात्रों के साथ क्रूर व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि छात्रों ने सिर्फ अपने अधिकारों की मांग की थी, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए। राहुल ने तंज कसते हुए कहा, ‘मोदी जी, आप सब कुछ बंद कर सकते हैं; मेट्रो, सड़कें, इंटरनेट – लेकिन एक चीज नहीं रोक पाए, और वह है पेपर लीक’।
यह भी पढ़ें- वांगचुक बोले: केंद्र से कोई डील नहीं हुई, बताया क्यों खत्म किया अनशन? सफदरजंग अस्पताल को बताया उत्तर कोरिया
पुलिस कार्रवाई पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने एक घायल छात्र का वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर गोली चलाकर उन्हें घायल किया गया। उन्होंने कहा कि आज के समय में अपने हक की मांग करने वाले छात्रों को न्याय की जगह छर्रे मिल रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
प्रदर्शन में पुलिस और छात्र दोनों घायल
दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी खबर है। इस घटना ने पूरे मामले को और गरमा दिया है।
सरकार का जवाब: कानून होगा और सख्त
इस बीच केंद्र सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए कदम तेज कर दिए हैं। केंद्रीय कैबिनेट ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन को मंजूरी दे दी है। सूत्रों के मुताबिक, इस संशोधन बिल को 27 जुलाई को संसद में पेश किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा है कि पेपर लीक के खिलाफ कड़े कानून बनाए जाएंगे।
यह भी पढ़ें- बाबा सिद्दीकी हत्याकांड: दिल्ली कोर्ट ने अनमोल बिश्नोई को मुंबई पुलिस की हिरासत में भेजने से किया इनकार
सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन
इसी मुद्दे पर चल रहे आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन का अपना अनशन खत्म कर दिया। उन्होंने सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया, जिसमें परीक्षा प्रणाली में सुधार की बात कही गई है।