पोलियो से नहीं टूटा हौसला:मां बनने के बाद थामी राइफल; चुनौतियों से लड़कर मोना ने इस तरह जीता एशियाड का स्वर्ण – Who Is Mona Agarwal? From Childhood Polio To Asian Para Games Gold, A Mother’s Inspiring Journey

पोलियो से नहीं टूटा हौसला:मां बनने के बाद थामी राइफल; चुनौतियों से लड़कर मोना ने इस तरह जीता एशियाड का स्वर्ण – Who Is Mona Agarwal? From Childhood Polio To Asian Para Games Gold, A Mother’s Inspiring Journey

पोलियो से नहीं टूटा हौसला:मां बनने के बाद थामी राइफल; चुनौतियों से लड़कर मोना ने इस तरह जीता एशियाड का स्वर्ण – Who Is Mona Agarwal? From Childhood Polio To Asian Para Games Gold, A Mother’s Inspiring Journey

मोना अग्रवाल
– फोटो : Twitter

विस्तार

राजस्थान के सीकर में जन्मी मोना अग्रवाल ने अपनी मेहनत और हौसले से साबित किया है कि मुश्किल परिस्थितियां किसी के सपनों का रास्ता नहीं रोक सकतीं। नौ महीने की उम्र में पोलियो से प्रभावित होने के बाद उनके लिए जीवन की राह आसान नहीं रही, लेकिन उन्होंने खेल को अपनी पहचान बनाने का जरिया बनाया। पहले पैरा एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग और सिटिंग वॉलीबॉल में हाथ आजमाया और फिर निशानेबाजी को चुना। अब 2026 एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रेरणादायक यात्रा में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।




महिला 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच1 फाइनल में मोना ने 250.0 अंक हासिल किए। उन्होंने भारत की ही अवनि लेखरा को महज 0.4 अंक से पीछे छोड़कर स्वर्ण पदक जीता। अवनि को 249.6 अंकों के साथ रजत पदक मिला। इस तरह दोनों भारतीय निशानेबाजों ने स्पर्धा में शीर्ष दो स्थान हासिल किए।

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