प्रधानमंत्री के संबोधन पर जुबानी जंग:कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप? केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया पलटवार – Pm Modi Independence Day Speech Congress Allegations Pralhad Joshi Counter Attack

प्रधानमंत्री के संबोधन पर जुबानी जंग:कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप? केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया पलटवार – Pm Modi Independence Day Speech Congress Allegations Pralhad Joshi Counter Attack

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन में महिला आरक्षण को लेकर की गई अपील को ‘बेईमानी भरी बात’ बताया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ सितंबर 2023 में संसद में सर्वसम्मति से पारित हो गया था। लेकिन केंद्र की ‘दोहरी सोच वाली राजनीति’ के कारण इसे 2024 के लोकसभा चुनाव से ही लागू नहीं होने दिया गया।

रमेश ने महिला आरक्षण पर क्या कहा?

जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, आज लाल किले से प्रधानमंत्री ने महिला आरक्षण के पक्ष में बेईमानी भरी बात की। उन्हें पता होना चाहिए कि संसद ने सितंबर 2023 में सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। लेकिन मोदी सरकार की दोहरी सोच वाली राजनीति ने यह सुनिश्चित किया कि यह 2024 के चुनाव से ही लागू न हो। उन्होंने कहा कि इस अधिनियम को 16 अप्रैल 2026 की शाम देर से जल्दबाजी और चुपचाप अधिसूचित किया गया।

प्रधानमंत्री के संबोधन पर जुबानी जंग:कांग्रेस ने क्या लगाए आरोप? केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने किया पलटवार – Pm Modi Independence Day Speech Congress Allegations Pralhad Joshi Counter Attack


कांग्रेस नेता ने कहा कि महिला आरक्षण का विचार 1993 में ही 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के जरिये सामने आया था। रमेश ने लिखा कि प्रधानमंत्री को याद रखना चाहिए कि 1993 में पारित 73वें और 74वें संविधान संशोधनों के जरिये संविधान में महिला आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। इसे लागू कराने के पीछे (पूर्व प्रधानमंत्री) राजीव गांधी की सोच और दृढ़ संकल्प की बड़ी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का रुख लगातार यह रहा है कि मौजूदा लोकसभा की सीटों की संख्या के आधार पर 2029 के लोकसभा चुनाव से महिला आरक्षण लागू किया जाए। 

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73वां और 74वां संविधान संशोधन स्थानीय स्तर की सरकारों से जुड़े हैं। इनके तहत शहरों की सरकारों और ग्राम पंचायतों की भूमिका को बनाया गया और मान्यता दी गई। इन संशोधनों में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए कुछ प्रतिशत सीटें आरक्षित करने की व्यवस्था भी की गई। साथ ही इन स्थानीय निकायों में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गईं।

कांग्रेस ने मौजूदा विधेयक पर क्या कहा?

कर्नाटक के राज्य मंत्री संतोष लाड ने भी कहा कि स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने का काम कांग्रेस ने किया था। उन्होंने कहा कि अगर मौजूदा महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से अलग कर दिया जाए तो कांग्रेस इसका समर्थन करने के लिए तैयार है।

संतोष लाड ने कहा, उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन से क्यों जोड़ा, यह हमें नहीं पता। अगर वे इसे परिसीमन विधेयक से अलग कर दें तो हम इसका समर्थन करने के लिए तैयार हैं। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिला आरक्षण की व्यवस्था लाई थी। जिला पंचायत और नगरपालिकाओं में महिलाओं को आरक्षण दिया गया। उन्होंने कहा, मौजूदा महिला आरक्षण विधेयक भी कांग्रेस के समर्थन से ही पारित हुआ था। यह राज्यसभा में लंबित था, क्योंकि उस समय कांग्रेस के पास बहुमत नहीं था।

‘वंदे मातरम’ विवाद पर जयराम रमेश ने क्या कहा?

वंदे मातरम विवाद को प्रधानमंत्री पर लेकर निशाना साधते हुए जयराम रमेश ने एक अलग पोस्ट साझा की। इसमें बताया गया कि राष्ट्रीय गीत की पहली दो पंक्तियों को अपनाने का फैसला कैसे हुआ था। जयराम रमेश के मुताबिक, खुद रवींद्रनाथ टैगोर ने राष्ट्रीय गीत की पहली दो पंक्तियों को अपनाने का सुझाव दिया था।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने एक्स पर लिखा कि टैगोर ने इस मुद्दे पर जवाहरलाल नेहरू को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम से टैगोर का खास संबंध था और उन्होंने ही गीत की पहली दो पंक्तियों को अपनाने का सुझाव दिया था। उनके पत्र ने कांग्रेस कार्यसमिति के वंदे मातरम प्रस्ताव को पूरी तरह प्रभावित किया था।

रमेश ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर पर ‘बांटने वाली विचारधारा’ रखने का आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने इसे शर्मनाक बयान बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के झूठ और तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की जनता बिना शर्त माफी की मांग करती है।

पीएम मोदी ने महिला आरक्षण पर क्या कहा?

जयराम रमेश की यह प्रतिक्रिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से आगे आने और राज्य विधानसभाओं तथा लोकसभा में महिलाओं को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की नीतियां बनाने में महिलाओं का नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में महिला जनप्रतिनिधियों के योगदान का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी मजबूत करने के उद्देश्य से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पास किया गया था।


लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पंचायतों, नगरपालिकाओं और नगर निगमों में बड़ी संख्या में महिला जनप्रतिनिधि देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। वे स्थानीय समस्याओं को हल कर रही हैं और सक्षम नेतृत्व दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया। लेकिन पिछले 40 वर्षों से राजनीतिक कारणों और राजनीतिक खींचतान की वजह से महिला आरक्षण का सपना बार-बार अटकता रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लाल किले की प्राचीर से तिरंगे की छाया में वह देश के सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि वे आगे आएं और महिलाओं की ताकत और क्षमता का सम्मान करें।

उन्होंने सभी दलों से आग्रह किया कि वे महिलाओं के सम्मान में आगे बढ़ें और जल्द से जल्द राज्य विधानसभाओं तथा लोकसभा में माताओं और बहनों को 33 फीसदी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें, ताकि वे भारत की नीतियां बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकें।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू क्यों नहीं हो सका?

नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित हुआ था। हालांकि, इसके लागू होने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। 17 अप्रैल को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक गिर गया। इसे सदन में मौजूद और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत पूरी नहीं हो सकी। इसके कारण महिला आरक्षण कानून को लागू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

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कांग्रेस ने पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सली’ हमले पर पलटवार किया

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमागी नक्सली’ वाले बयान पर भी पलटवार किया। कांग्रेस ने इसे प्रधानमंत्री की हताशा का साफ संकेत बताया। जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पहले अपने विरोधियों को ‘शहरी नक्सली’ कहा और अब उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कह रहे हैं। उन्होंने मोदी को पूरी राजनीति में ‘मास्टर अब्यूजर’ यानी सबसे ज्यादा अपश्ब्दों का इस्तेमाल करने वाला बताया।


उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, पहले उन्होंने अपने विरोधियों को ‘शहरी नक्सली’ कहा। अब वह उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कह रहे हैं। यह उनकी हताशा का साफ संकेत है। उन्होंने आगे कहा कि यह अलग बात है कि प्रधानमंत्री अंत में वही काम कर देते हैं, जिनकी मांग या समर्थन ये कथित ‘शहरी नक्सली’ या अब ‘दिमागी नक्सली’ करते हैं। रमेश ने कहा, प्रधानमंत्री के पास पूरी राजनीति में ‘मास्टर अब्यूजर’ यानी सबसे ज्यादा अपशब्द कहने वाले व्यक्ति की एमए की डिग्री है।

प्रह्लाद जोशी ने मल्लिकार्जुन खरगे को दिया जवाब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार की आलोचना पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जनता तीन बार फैसला कर चुकी है कि किसने अच्छा काम किया और किसने नहीं।

प्रह्लाद जोशी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, लोगों ने तीन बार तय किया है कि किसने अच्छा काम किया और किसने नहीं। आज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मैं तुलना नहीं करना चाहता, लेकिन जनता का फैसला खुद बताता है कि किसने क्या काम किया है। 


जोशी का यह बयान कांग्रेस मुख्यालय में भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के बाद आया। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला था। उन्होंने सरकार पर मूलभूत अधिकार देने में नाकाम रहने, संसद के प्रति जवाबदेही से बचने और बांटने वाली राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि सरकार गरीबों को ‘कुचल’ रही है।

तिरंगा फहराने के बाद खरगे के साथ कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। खरगे ने मौजूदा सरकार के कामकाज की तुलना पिछली कांग्रेस सरकारों के देश निर्माण के काम से की।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण पर भी निशाना साधा। उन्होंने सरकार के विकास और बदलाव के दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़ी कई बड़ी कल्याणकारी योजनाएं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के दौरान बनाई गई थीं।

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