भगवान शिव के आंगन को भी रखा साफ, कैलास मानसरोवर में इंदौरियों ने चलाया स्वच्छता अभियान

भगवान शिव के आंगन को भी रखा साफ, कैलास मानसरोवर में इंदौरियों ने चलाया स्वच्छता अभियान

इंदौर स्वच्छता के प्रति प्रेम के चलते लोगों की सोच से भी होती है। शहर के लोग जहां भी जाते हैं, वहां सफाई का संदेश देने की कोशिश करते हैं। यही वजह है क…और पढ़ें

Publish Date: Thu, 06 Aug 2026 11:23:35 AM (IST)Updated Date: Thu, 06 Aug 2026 11:23:35 AM (IST)

भगवान शिव के आंगन को भी रखा साफ, कैलास मानसरोवर में इंदौरियों ने चलाया स्वच्छता अभियान
डोलमा ला दर्रे पर चलाया सफाई अभियान। (सौजन्य)

HighLights

  1. इंदौर स्वच्छता के प्रति प्रेम के चलते लोगों की सोच से भी होती है
  2. शहर के लोग जहां भी जाते हैं, वहां सफाई का संदेश देने की कोशिश करते हैं
  3. यही वजह है कि इंदौर लगातार स्वच्छता में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर: इंदौर स्वच्छता के प्रति प्रेम के चलते लोगों की सोच से भी होती है। शहर के लोग जहां भी जाते हैं, वहां सफाई का संदेश देने की कोशिश करते हैं। यही वजह है कि इंदौर लगातार स्वच्छता में देशभर में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है।

इसी सोच को लेकर इंदौर के पांच यात्रियों ने कैलास मानसरोवर यात्रा के दौरान भी स्वच्छता का संदेश दिया। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बीच न केवल लोगों को जागरूक किया, बल्कि यात्रा मार्ग पर फैला कूड़ा-कचरा भी इकट्ठा किया।

इंदौर निवासी कमलेश गुप्ता ने 1 से 16 जुलाई तक काठमांडू मार्ग से कैलास मानसरोवर की यात्रा पूरी की। उनके साथ उनकी पत्नी सुषमा गुप्ता और महू के तीन साथी नेहल अग्रवाल, वंशिका अग्रवाल और पीयूषा अग्रवाल भी थे।

उन्होंने बताया कि तिब्बत क्षेत्र में अक्सर यह शिकायत सुनने को मिलती है कि कुछ भारतीय यात्री यात्रा के दौरान कूड़ा-कचरा फैला देते हैं। इससे भारत की छवि भी प्रभावित होती है। इसी वजह से वहां कई तरह की धार्मिक गतिविधियों पर भी पहले से कई सीमाएं लगाई जा चुकी हैं। इसे देखते हुए समूह ने यात्रा शुरू होने से पहले स्वच्छता जागरूकता के लिए विशेष बैनर तैयार करवाए।

5643 मीटर की ऊंचाई पर की सफाई

कमलेश गुप्ता ने बताया कि यात्रा के दौरान समूह ने कई स्थानों पर यात्रियों को सफाई के लिए प्रेरित किया। सबसे खास अभियान कैलाश परिक्रमा के सबसे ऊंचे स्थान डोलमा ला दर्रे पर चलाया गया। समुद्र तल से 5643 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस स्थान पर ऑक्सीजन की कमी के कारण कुछ कदम चलने पर ही सांस फूलने लगती है।

आमतौर पर यात्रियों को वहां केवल पांच से दस मिनट रुकने दिया जाता है। इसके बावजूद समूह ने वहां अपना स्वच्छता अभियान का बैनर लगाया और करीब एक घंटे तक सफाई अभियान चलाया। वहां से गुजर रहे कई भारतीय यात्रियों ने भी इसमें हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर रास्ते पर फैला कूड़ा-कचरा इकट्ठा किया। बाद में स्थानीय लोगों की मदद से एकत्रित कचरे को नीचे बने डस्टबिन तक पहुंचाया गया।

Source link
#भगवन #शव #क #आगन #क #भ #रख #सफ #कलस #मनसरवर #म #इदरय #न #चलय #सवचछत #अभयन

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *