प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने पार्टी के नए राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ मुलाकात की और उनके साथ तस्वीर भी खिंचवाई। इस दौरान भाजपा की नई टीम के सदस्य प्रधानमंत्री के साथ नजर आए। पार्टी मुख्यालय में इस मुलाकात को संगठन के लिहाज से अहम माना जा रहा है। यह मुलाकात उस बैठक के बाद हुई, जिसमें भाजपा ने ‘वंदे मातरम’ के सम्मान और ऐतिहासिक विरासत को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि संगठन की बैठकें नए विचारों और दृष्टिकोणों को सामने लाने का माध्यम होती हैं। इनका उद्देश्य पार्टी को मजबूत करना और जनता के साथ उसका जुड़ाव और गहरा करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बैठक की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने लिखा कि संगठनात्मक बैठकें पार्टी को मजबूत करने और लोगों से संपर्क बढ़ाने के लिए नए विचारों और नजरियों पर चर्चा का अवसर देती हैं। उन्होंने पार्टी के सहयोगियों और नई संगठनात्मक टीम के साथ हुई बातचीत को भी शानदार बताया।
युवाओं से संवाद पर भाजपा का जोर
भाजपा अपनी आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों की तैयारी कर रही है। इनमें युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। शनिवार को इससे पहले नितिन नवीन ने नए पदाधिकारियों के साथ बैठक की और ‘युवा संवाद’ को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत बताई।
पार्टी 14 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों तक पहुंच बनाने के लिए कार्यक्रम तैयार कर रही है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों के वरिष्ठ नेताओं को शामिल करते हुए विशेष टीमें गठित की जा रही हैं। इन टीमों के गठन और उनके संचालन में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की भी भूमिका रहेगी। अभियान में पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय पदाधिकारियों को भी जिम्मेदारियां सौंपे जाने की संभावना है।
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर भी नजर
भाजपा की संगठनात्मक तैयारियों में आगामी विधानसभा चुनाव भी अहम मुद्दा हैं। पार्टी जमीनी स्तर पर अपने नेटवर्क को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है। नितिन नवीन रविवार को भाजपा मुख्यालय के विस्तार परिसर में एक और समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें राज्यों के भाजपा अध्यक्ष, संगठन महामंत्री और राज्य प्रभारी शामिल होंगे। बैठक में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के साथ आगामी पार्टी कार्यक्रमों और संगठन से जुड़े अन्य मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

वंदे मातरम को लेकर भाजपा ने क्या फैसला लिया?
भाजपा ने वंदे मातरम के इतिहास और महत्व को लेकर देशभर में जागरूकता अभियान चलाने का एलान किया है। पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय गीत स्वतंत्रता आंदोलन, भारत माता के प्रति सम्मान और देश की राष्ट्रीय चेतना का स्थायी प्रतीक है। भाजपा ने कांग्रेस कार्यसमिति के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें 1937 के प्रस्ताव को दोबारा अपनाते हुए कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम की केवल पहली दो पंक्तियां गाने की व्यवस्था की गई है।
भाजपा ने छह अंतरों वाले पूरे संस्करण की बात क्यों कही?
पार्टी के प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा वंदे मातरम के छह अंतरों वाले पूर्ण संस्करण के सम्मान, गरिमा और विरासत की रक्षा करेगी। पार्टी ने 1950 में संविधान सभा की घोषणा और वर्ष 2026 में संसद द्वारा राष्ट्रीय गीत को ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण दिए जाने का भी उल्लेख किया। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति का फैसला संविधान या संसद द्वारा बनाए गए कानून को प्रभावित नहीं कर सकता। पार्टी के अनुसार, 1937 का राजनीतिक समझौता 1950 के संवैधानिक निर्णय और 2026 के कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
देशभर में कैसे चलेगा जागरूकता अभियान?
भाजपा ने कहा कि देशभर में चलाए जाने वाले अभियान के दौरान ‘वंदे मातरम’ से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों और स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका को सामने रखा जाएगा। युवाओं के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाने की भी बात कही गई है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस गीत के स्वतंत्रता संघर्ष और बलिदान से संबंध को समझ सकें। पार्टी ने कहा कि वह राष्ट्रीय गीत को सांप्रदायिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन किए जाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
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