मलयालम सिनेमा की एक और मास्टरपीस फिल्म जिसकी कहानी हर सीन में आपके आंखों में आंसू ले आएगी। इस इमोशनल फिल्म को IMDB पर शानदार रेटिंग मिली है। कहानी आपको रुला देगी और अंत आपको सुकून।
मलयालम सिनेमा सिर्फ सस्पेंस और थ्रिलर फिल्मों के लिए जाना जाता है। लेकिन इस साल इस इंडस्ट्री ने एक ऐसी भी फिल्म थी जिसकी कहानी आपको रुला देगी। एक बेसहारा मां और बेटे की कहानी। इस साला जुलाई में रिलीज हुई फिल्म ‘बालन द बॉय’। फिल्म की कहानी एक इंदु नाम की महिला और उसके बेटे बालन की है। इंदु जो जेल में बच्चे को जन्म देती है और जब जेल से रिहाई मिलती है तो वो अपने छोटे से बेटे से अलग हो जाती है। इस फिल्म में अपनी मां से अलग हुए बेटे के चेहरे पर दर्द और बिछड़न का दर्द आपको इमोशनल आकर देगा। IMDB पर फिल्म को 8 की रेटिंग मिली है।
बालन की ये कहानी आपको रुला देगी
फिल्म की कहानी इंदु नाम की महिला और उसके बेटे बालन की है। इंदु ने जेल में अपने बेटे को जन्म दिया है। कुछ सालों बाद उसे जेल से रिहाई मिल जाती है। वो बेटे के साथ बाहर निकलती है काम की तलाश में लग जाती है। एकाध जगह पहचान बदल कर काम करती है। कभी दुकान पर तो कभी किसी के घर। हर जगह अपना और बेटे का नाम बदल देती है। बेटे बालन को भी नए नाम और नई कहानी के बारे में बताती है जिससे दोनों एक ही जैसी बात बोले और कभी पकड़े नहीं जाए। इंदु पकड़े जाने के डर से एक जगह से दूसरी जगह भागती रही। इस दौरान बेटे का बचपन भी मिटता रहा।
बूढ़ी दादी से मिलती है मदद
फिर एक दिन इंदु को एक बूढ़ी महिला की देखभाल का काम मिला। घर खाली था। बूढ़ी दादी के परिवार वाले विदेश रहते हैं। महीने में एक बार फोन करते हैं। ये जगह इंदु और उसके बेटे के लिए सबसे सुरक्षित थी। लेकिन बूढ़ी दादी डरने वाली महिला नहीं थी। वो बंदूक लेकर चलती थी। एक दिन बूढ़ी दादी इंदु से उसकी कहानी बताने को कहती है। लेकिन इंदु कुछ नहीं कहती। फिर दादी कहती है कि कोई झूठी ही कहानी सुना दे। तब इंदु एक झूठी कहानी बनाकर कहती है कि एक आदमी एक महिला को अपनी चुंगल में फंसा लेता है,उस पर अत्याचार करता है। वो भाग नहीं पाती। फिर एक दिन उसे पता चलता है कि वो प्रेग्नेंट है। अपने बच्चे और खुद की सुरक्षा के लिए वो उस आदमी को मार देती है और आंगन में गाढ़ कर उस पर केले का पेड़ लगा देती है।
इंदु की असली कहानी
कुछ समय बाद महिला की सच्चाई सामने आ जाती है और उसे जेल हो जाती है। वो जेल में अपने बेटे को जन्म देती है। सालों बाद उसे जेल से रिहाई मिलती है तो वो बेटे को लेकर निकल पड़ती है। दादी समझ जाती है कि ये इंदु की ही कहानी है। वो इंदु से कहती है कि अब ये उसका ही घर है। उसके मरने के बाद वो यहां अपने बेटे के साथ रह सकती है। इसी दौरान दादी भी चल बस्ती है। लेकिन इंदु उसके बेटे को दादी की मौत का सच नहीं बताती।सब कुछ ठीक हो रहा था। बालन भी नई पहचान के साथ अब स्कूल जा रहा था। तभी एक महिला उसके घर आ जाती है। ये वही महिला होती है जो उसे जेल में मिली थी। ये देह व्यापार का कम करती है। चाहती थी कि इंदु भी उसके साथ आ जाए। लेकिन इंदु उसे जान से मार देती है। क्योंकि अब वो अपने बेटे के लिए एक बेहतर भविष्य चाहती है।
फिल्म में होता है मर्डर
तभी उसे पता चलता है कि दादी से मिलने उसका परिवार आ रहा है। लेकिन दादी तो कब की मर चुकी है। इसी दौरान बालन स्कूल गया होता है। बस स्टैंड पर अपनी मां का इंतजार करता है। उस दिन इंदु नहीं आती। घर की तलाश होती है तो पता चलता है कि घर में काम करने वाली महिला ने यानी इंदु ने दादी और उस महिला का मर्डर किया और भाग गई। अब बालन अकेला हो गया। वो अपनी मां की तलाश में होता है। पुलिस वाले उसे पकड़ कर मां की तलाश करते हैं। लेकिन वो पुलिस की पकड़ से भाग जाता है। इस वजह से पुलिस अधिकारी और उसकी गर्लफ्रेंड का ब्रेकअप हो जाता है। पुलिस वाला उस बच्चे को ही इसका जिम्मेदार ठहराता है।
मां से दूर हो जाता है बालन
अब बालन अपनी मां से दूर है। इस बात को कई साल गुजर जाते हैं। अब बालन भी बढ़ा हो जाता है। फिर एक रोज वो बस से कहीं जा रहा होता है। रास्ते में उसे वही जगह दिखती है जो उसे उसकी मां की याद दिलाती है। वो वहां जाता है और पुलिस से मिलता है। उस पुलिस वाले को याद आ जाता है कि ये वही बच्चा है जिसकी वजह से उसका ब्रेकअप हुआ था। वो आज अकेला बिना शादी के रह रहा है। उसकी गर्लफ्रेंड ने किसी और से शादी कर ली। वो बच्चे से बदला लेने के लिए उसकी मां को अपने पास गिरफ्तार कर लेता है।
ऐसे फिर होती है बालन और इंदु की मुलाकात
बालन पुलिस को एक पुराने चोर की पहचान बताता है जिसके बदले में वो अपनी मां को वापस चाहता है। लेकिन पुलिस वाला उसे बस मां को देखने की परमिशन देता है। वो जेल क्ले अंदर जाता है जब वो अपनी मां को देखता है तो हैरान हो जाता है। असल में वो उसकी मां होती ही नहीं है। दरअसल, इंदु ने एक पागल महिला पर सारे इल्जाम लगा दिए थे और पुलिस उसी को जेल ले गई थी। अब बालन वापस अपने स्कूल के बस स्टैंड पर जाता है। क्योंकि उसकी मां ने बचपन में कहा था कि वो हमेशा उसके पास वहीं आएगी। वो रो रहा होता है तभी पीछे से एक औरत आती है। ये इंदु होती है जो सालों बाद अपने बेटे से मिल रही होती। दोनों नई पहचान के साथ निकल जाते हैं।


