मानवता की मिसाल: भोपाल स्टेशन पर अचानक बेहोश होकर गिरा यात्री; चेकिंग स्टाफ की सूझबूझ से बची जान

मानवता की मिसाल: भोपाल स्टेशन पर अचानक बेहोश होकर गिरा यात्री; चेकिंग स्टाफ की सूझबूझ से बची जान

भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर यात्री के अचानक गिरने पर चेकिंग स्टाफ राज त्रिवेदी ने तुरंत मदद करते हुए उसे संभाला और उसकी देखभाल की।

Publish Date: Fri, 04 Sep 2026 11:26:59 PM (IST)Updated Date: Fri, 04 Sep 2026 11:26:59 PM (IST)

मानवता की मिसाल: भोपाल स्टेशन पर अचानक बेहोश होकर गिरा यात्री; चेकिंग स्टाफ की सूझबूझ से बची जान
परिवार और मित्र की सहमति से उसे ट्रेन से आगे की यात्रा करने दिया गया। सौ- रेलवे

HighLights

  1. यात्री के अचानक गिरने पर चेकिंग स्टाफ राज त्रिवेदी ने तुरंत सहायता की
  2. मोबाइल से उसके पिता और मित्र को सूचना दी और उसकी देखभाल की
  3. परिवार और मित्र की सहमति से उसे ट्रेन से आगे की यात्रा करने दिया गया

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। भोपाल रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान एक रेल कर्मचारी ने तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अचानक अचेत हुए यात्री की मदद कर उसकी स्थिति संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चेकिंग स्टाफ राज त्रिवेदी ने बिना समय गंवाए यात्री को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और उसके परिजन से संपर्क कर उन्हें घटना की जानकारी दी।

घटना 3 सितंबर को दोपहर करीब 3:45 बजे भोपाल स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर हुई। एक यात्री अचानक अचेत होकर गिर गया। उसकी स्थिति दौरा पड़ने जैसी प्रतीत हो रही थी। यात्री को इस हालत में देखकर ड्यूटी पर तैनात चेकिंग स्टाफ राज त्रिवेदी तत्काल उसके पास पहुंचे।

यात्री को प्राथमिक सहायता दी

राज त्रिवेदी ने सबसे पहले उप स्टेशन अधीक्षक, भोपाल को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने यात्री को प्राथमिक सहायता देते हुए उसके जूते उतारे और कपड़े ढीले किए। साथ ही हाथ-पैर और सिर की मालिश कर उसे संभालने का प्रयास किया।

उन्होंने यात्री के मोबाइल फोन से उसके पिता और मित्र से संपर्क कर घटना की जानकारी दी और उन्हें स्टेशन पहुंचने के लिए कहा। करीब आधे घंटे तक यात्री के मित्र के पहुंचने तक राज त्रिवेदी उसके पास मौजूद रहे और उसकी देखभाल करते रहे।

होश आने के बाद सामान्य हुई स्थिति

कुछ समय बाद यात्री को होश आ गया और उसकी स्थिति सामान्य हो गई। यात्री के स्वयं के आग्रह और उसके परिवार एवं मित्र की सहमति के बाद उसे उसकी ट्रेन 22403 से आगे की यात्रा करने की अनुमति दी गई।

भोपाल मंडल ने राज त्रिवेदी की तत्परता, सूझबूझ और मानवीय संवेदनशीलता की सराहना की है। मंडल का कहना है कि ऐसे रेलकर्मी अपने नियमित दायित्वों के साथ यात्रियों की सुरक्षा, सहायता और सुविधा के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाकर भारतीय रेल की सेवा भावना को मजबूत करते हैं।

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