नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की भोपाल से शुरुआत होने के बाद शनिवार को इंदौर से इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन शुरू हुआ। शनिवार को पहले दिन इंदौर से अन्य शहरों के लिए 24 रूटों पर 96 बसें रवाना हुई। इन बसों में साढ़े दस हजार यात्रियों ने यात्रा की।
इसमें अधिकांश रूट पहले से संचालित हो रहे थे, जिनको अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत संचालित किया जा रहा है। वहीं आगामी दिनों में इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसें भी दिखाई देंगी और अन्य रूटों पर भी बस सेवा का शुभारंभ होगा।
इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन किया जाएगा
एआईसीटीसीएल द्वारा पहले से संचालित बसों का पूरा सिस्टम अब मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत कार्य करने लगा है। इस सेवा में अब इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों का संचालन किया जाएगा। पुराने और नए रूट को जोड़कर सुगम बस सेवा का पूरा सिस्टम कार्य करेगा।
180 बसों में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की ब्रांडिंग की गई है
इसमें 180 बसों में मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की ब्रांडिंग की गई है और यह बसें सड़कों पर दौड़ने लगी हैं। बस सेवा का नेटवर्क शहरी क्षेत्र के साथ ही अन्य शहरों के लिए बढ़ाया जाएगा। सुगम परिवहन सेवा में पहले दिन इंदौर से धार, अशोकनगर, खंडवा, बुरहानपुर, नीमच, मंदसौर, उज्जैन, सागर, मुलताई और भोपाल सहित अन्य शहरों के लिए रवाना हुई। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री की मनसा है कि प्रदेश के 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों को बस सेवा के तहत जोड़ा जाए, ताकि आमजन को सुगम परिवहन की सुविधा मिल सके।
46 रूटों पर बसों की प्लानिंग
सुगम परिवहन सेवा के तहत आने वाले समय में 46 इंटर सिटी नए रूट को जोड़ा जाना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया कर बसों को जोड़ा जाएगा। इन रूटों पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाना है। सुगम परिवहन सेवा में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बसों का संचालन किया जाना है।
अन्य शहरों के बीच जुड़ेगा नेटवर्क
इंदौर को डिविजन मुख्यालय बनाया गया है और यहां से संभाग स्तर पर बसों की व्यवस्था और निगरानी की जाएगी। इंदौर के साथ ही इसमें बड़वानी से खंडवा, खंडवा से खरगोन, खरगोन से घार, ओंकारेश्वर से बुरहानपुर आदि शहरों के लिए बसों की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
बुकिंग से लेकर ट्रैकिंग की व्यवस्था
परिवहन सेवा के अंतर्गत संचालित बसों की बुकिंग और निगरानी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम तैयार किया जाएगा। इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) के माध्यम से बसों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एमपीवायपीआईएल) एवं उसकी सात सहायक कंपनियों में कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। इनमें माध्यम से बसों के संचालन, लोकेशन, समयबद्धता एवं अन्य गतिविधियों की रियल टाइम निगरानी होगी।
32 इंट्रासिटी रूट पर 301 बसें
शहर के मध्य सुगम परिवहन सेवा के लिए 301 बसें संचालित की जा रही हैं। यह बसें 32 रूटों पर संचालित होती हैं। शनिवार को इसमें एक लाख से अधिक यात्रियों ने यात्रा की। वहीं छह नए रूट भी शुरू किए हैं। इसमें सेमलिया चाऊ से रंगवासा, नायता-मुंडला से अरविंदो, बेस्ट प्राइस से चोइथराम नेत्रालय, नायता-मुंडला से आईएसबीटी कुमेड़ी, बेस्ट प्राइस से महू नाका और तेजाजी नगर से पितृ पर्वत हैं।
पूरे प्रदेश में रूट का हुआ सर्वे
- 55 जिलों में हुआ रूट सर्वे
- 150 शहरी रूट किए चिन्हित
- 450 इंटरसिटी रूट चिन्हित
- 436 इंटरस्टेट रूट चिन्हित
ये खास
- 80 किमी प्रति घंटा निर्धारित होगी बस गति
- सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस से होगी निगरानी
- अग्निरोधी प्लाइवुड और सीटें बसों में रहेंगी
- झपकी आने पर सेंसर ड्राइवर देगा अलर्ट
- ईवी बसों के लिए बनेंगे नए चार्जिंग पाइंट
- 75 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने पर फोकस
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