मेट्रो का अंडर ग्रांउड प्रोजेक्ट: इंदौर एयरपोर्ट के पास 20 मीटर गहरा गड्ढा तैयार, अब टनल बोरिंग मशीन का इंतजार

मेट्रो का अंडर ग्रांउड प्रोजेक्ट: इंदौर एयरपोर्ट के पास 20 मीटर गहरा गड्ढा तैयार, अब टनल बोरिंग मशीन का इंतजार

इंदोर में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 31.32 किलोमीटर की रिंग बनाई जाना है। इसमें 19 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड है और 12.2 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत है। ऐ …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 20 Jun 2026 10:51:06 AM (IST)Updated Date: Sat, 20 Jun 2026 10:51:06 AM (IST)

मेट्रो का अंडर ग्रांउड प्रोजेक्ट: इंदौर एयरपोर्ट के पास 20 मीटर गहरा गड्ढा तैयार, अब टनल बोरिंग मशीन का इंतजार
एयरपोर्ट के समीप बन रहे भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर में 20 मीटर गहरा गड्ढा तैयार किया है। इसमें अगस्त में टनल बोरिंग मशीनों को उतारा जाएगा। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. एयरपोर्ट, बड़ा गणपति के अलावा बंगाली चौराहे के पास से सुरंग बनाने वाली मशीनों को जमीनों में उतारा जाएगा
  2. मेट्रो ट्रेक के लिए सुरंग बनाने का कार्य अगस्त माह के अंत तक शुरू होने की संभावना है
  3. एयरपोर्ट के समीप स्थित मेट्रो के भूमिगत स्टेशन परिसर में 20 मीटर गहरा गड्ढा किया जा चुका है

उदय प्रताप सिंह, नईदुनिया, इंदौर। मेट्रो के अंडर ग्रांउड प्रोजेक्ट में मेट्रो ट्रेक के लिए सुरंग बनाने का कार्य अगस्त माह के अंत तक शुरु होने की संभावना है। इस प्राेजेक्ट में सबसे पहले एयरपोर्ट स्थित भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर से दो सुरंगों के निर्माण के लिए टनल बोरिंग मशीन को जमीन में उतारा जाएगा। इसके लिए एयरपोर्ट के समीप स्थित मेट्रो के भूमिगत स्टेशन परिसर में 20 मीटर गहरा गड्ढा किया जा चुका है।

गौरतलब है कि जमीन के 18 से 20 मीटर गहराई में मेट्रो की सुरंग बनाई जाना है। ऐसे मे टनल बोरिंग मशीन जमीन के नीचे-नीचे गहराई में खोदाई कर मिट्टी को हटाएगी और इसके साथ सुरंग में सीमेंट कांक्रीट की लेयर को बनाएगी। सुरंग की खोदाई का कार्य एयरपोर्ट से बड़ा गणपति चौराहे की ओर बढ़ेगा।

12 किलाेमीटर हिस्से में तीन स्थानों पर टनल बोरिंग मशीन उतारी जाएगी

इंदोर में मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत 31.32 किलोमीटर की रिंग बनाई जाना है। इसमें 19 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड है और 12.2 किलोमीटर का हिस्सा भूमिगत है। ऐसे में भूमिगत मेट्रो प्राेजक्ट के लिए 12.2 किमी हिस्से में तीन स्थानों से टनल बोरिंग मशीन को जमीन में उतारा जाएगा।

फिलहाल भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट के पहले चरण में 8.7 किमी हिस्से में दो स्थानों पर टनल बोरिंग मशीन को जमीन में उतारा जाएगा। ऐसे में एयरपोर्ट के अलावा बड़ा गणपति पर बनने वाले मेट्रो स्टेशन से टनल बोरिंग मशीन जमीन में उतारी जाएगी। वही खजराना से रीगल तक 3.5 किलोमीटर हिस्सा जो पूर्व में एलिवटेड था, उसे भूमिगत किया जाना है। ऐसे में इस हिस्से में निर्माण के लिए नई एजेंसी तय होगी। ऐसे में इस हिस्से में भी सुरंग बनाने के लिए तीसरा स्थान चयन कर टनल बोरिंग मशीन को जमीन में उतारा जाएगा। इस तरह इंदौर के भूमिगत मेट्रो प्रोजेक्ट में तीन स्थानों पर छह टनल बोरिंग मशीनों से काम शुरु किया जाएगा।

नवंबर-दिसंबर तक टनल बोरिंग मशीन का दूसरा सेट भी आएगा

सुरंग निर्माण के लिए जुलाई माह टनल बोरिंग मशीनें इंदौर पहुंचेगी। मशीन के पुर्जो को एयरपाेर्ट स्थित भूमिगत मेट्रो स्टेशन परिसर में इंस्टाल किया जाएगा। इसके बाद इन मशीनों को जमीन के 18 मीटर गहराई में उतारा जाएगा। अगस्त से सुरंग निर्माण का काम शुरु हो जाएगा। नवंबर- दिसंबर तक टनल बोरिंग मशीन का दूसरा सेट भी इंदौर आएगा। – एस. कृष्ण चैतन्य, एमडी मप्र मेट्रो

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