‘मैटरनिटी लीव’ को लेकर इंदौर हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, नहीं कर सकते इंकार और भेदभाव | Indore High Court Major Ruling On Maternity Leave Denial And Discrimination Are Not Permitted

‘मैटरनिटी लीव’ को लेकर इंदौर हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, नहीं कर सकते इंकार और भेदभाव | Indore High Court Major Ruling On Maternity Leave Denial And Discrimination Are Not Permitted

‘मैटरनिटी लीव’ को लेकर इंदौर हाइकोर्ट का बड़ा फैसला, नहीं कर सकते इंकार और भेदभाव | Indore High Court Major Ruling On Maternity Leave Denial And Discrimination Are Not Permitted

हाई कोर्ट में डॉ. श्रद्धा पवार ने याचिका दायर की थी। उन्होंने इस याचिका में डीसीआइ के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनको पढ़ाई दोबारा शुरू करने से रोका गया था। दरअसल, डॉ. पवार ने 2018-19 में एमडीएस कोर्स में प्रवेश लिया था। डीसीआइ के एमडीएस कोर्स के नियम के हिसाब से उन्हें तीन से छह साल के अंदर ये कोर्स पूरा करना था लेकिन उन्होंने इस समयावधि में ये कोर्स पूरा नहीं किया। इसलिए उन्हें अनुमति नहीं दी गई।

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