नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की जांच लगातार गहराती जा रही है। प्रारंभिक तलाशी के बाद अब जांच में कई नए तथ्य सामने आए हैं।
लोकायुक्त ने आरोपित शिवराम, उसके परिवार और उससे जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही आयकर विभाग, सेबी और बिजली कंपनी से भी विस्तृत जानकारी मांगी गई है।
परिजनों और कंपनियों के बैंक खातों में मिले लाखों रुपये
एसपी (लोकायुक्त) डॉ. राजेश सहाय के अनुसार, जांच के दौरान शिवराम सेमिल, उनकी पत्नी रामबेटी सेमिल, पुत्र सौरभ सेमिल और पुत्रवधू सुनीता सेमिल के भारतीय स्टेट बैंक में कई खाते मिले हैं। इसके अलावा सौरभ सेमिल का एक खाता आईडीबीआई बैंक में तथा दो सावधि जमा (एफडी) भी मिली हैं। शुभम इलेक्ट्रिकल और कर्निश पावरजोन के नाम से संचालित छह बैंक खातों में कुल 62.89 लाख रुपये जमा पाए गए हैं।
बैंकों, IT विभाग और सेबी से पत्राचार
लोकायुक्त ने आरोपित, उसके परिवार और संबंधित कंपनियों के सभी बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए बैंकों से पत्राचार कर दिया है। वहीं, आयकर विभाग से शिवराम सेमिल और उनके परिवार द्वारा दाखिल आयकर विवरणी (आईटीआर) की जानकारी मांगी गई है। सेबी को भी पत्र भेजकर शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय निवेशों का पूरा ब्योरा तलब किया गया है।
मुरैना में मिली संपत्तियों का ब्योरा और बिजली कंपनी से मांगा सेवा विवरण
एसपी के अनुसार, मुरैना में हुई तलाशी की रिपोर्ट भी लोकायुक्त को मिल गई है। वहां स्थित आवास से 7.51 लाख रुपये की संपत्ति का विवरण तैयार किया गया है। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये मूल्य का मकान, 20 बाय 40 वर्गफीट का एक प्लॉट तथा लगभग सवा बीघा कृषि भूमि होने की जानकारी मिली है। इन संपत्तियों के दस्तावेज और रजिस्ट्री की प्रतियां संबंधित विभागों से मंगाई जा रही हैं।
विवेचना के तहत लोकायुक्त ने बिजली कंपनी से शिवराम सेमिल का संपूर्ण सेवा विवरण भी तलब किया है। साथ ही आरोपित के विरुद्ध दर्ज अपराध की सूचना विभाग को भेज दी गई है, ताकि विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जा सके।
अब तक 17.12 करोड़ व्यय के मिले साक्ष्य
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, पुनर्गणना के बाद अब तक शिवराम सेमिल और उनके परिवार द्वारा चल-अचल संपत्तियों पर लगभग 17.12 करोड़ रुपये व्यय किए जाने के प्रथम दृष्टया साक्ष्य मिले हैं। जांच अभी जारी है और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।
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