रेलवे प्रोजेक्ट के तहत 454 हेक्टेयर जंगल की जमीन पर पटरियां बिछाएगा। इस दौरान करीब एक लाख 34 हजार पेड़ों की कटाई होगी। वन विभाग जल्द ही जमीन देने के स …और पढ़ें

HighLights
- प्रोजेक्ट के तहत 454 हेक्टेयर जंगल की जमीन पर बिछाएगा पटरियां
- मालवा और निमाड़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को नई गति मिलने जा रही है
- पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने वन विभाग को 100 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। डॉ. अंबेडकर नगर (महू)-खंडवा रेल लाइन का अमान परिवर्तन मीटरगेज से ब्राडगेज मध्यप्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं में से एक है। मालवा और निमाड़ क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित इंदौर-खंडवा गेज कन्वर्जन परियोजना को नई गति मिलने जा रही है। पश्चिम रेलवे रतलाम मंडल ने वन विभाग को 100 करोड़ रुपए जमा करा दिए हैं।
रेलवे प्रोजेक्ट के तहत 454 हेक्टेयर जंगल की जमीन पर पटरियां बिछाएगा। इस दौरान करीब एक लाख 34 हजार पेड़ों की कटाई होगी। इसके बाद परियोजना से जुड़ी वन भूमि देने की प्रक्रिया तेज हो गई है। वन विभाग जल्द ही जमीन देने के साथ पेड़ों की कटाई सहित आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो गई है। फिलहाल इस मार्ग पर सनावद से खंडवा तक मेमू ट्रेन का संचालन जारी है।
रेलवे ने वन विभाग को लगभग 100 करोड़ रुपये जमा कर चुका हैं और सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है
वर्तमान ट्रैक के स्थान पर पातालपानी वन क्षेत्र से होकर नया रेल मार्ग विकसित किया जा रहा है। रेलवे और वन विभाग ने इस दौरान पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। इसके लिए रेलवे ने वन विभाग को लगभग 100 करोड़ रुपये जमा कर चुका हैं और सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है।
खंडवा-महू प्रस्तावित ब्रॉडगेज लाइन लगभग 156 किमी लंबी है
पर्यावरणीय अनुमति के बाद शेष निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ेगा। खंडवा-महू प्रस्तावित ब्रॉडगेज लाइन लगभग 156 किमी लंबी है। परियोजना पूरी होने पर इंदौर और खंडवा के बीच सीधी ब्राडगेज रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। उत्तर भारत और दक्षिण भारत के बीच एक वैकल्पिक रेल कारिडोर भी विकसित होगा। अमान परिवर्तन के लिए 2017 से ट्रेक बंद है।
महू-ओंकारेश्वर रोड खंड के लगभग 90 किमी हिस्से में वन क्षेत्र से जुड़ी स्वीकृति सहित अन्य प्रक्रिया चल रही है
काम की धीमी रफ्तार के कारण पांच साल में पूरा होने वाला अमान परिवर्तन नौ साल बाद भी अधूरा है। परियोजना का कार्य कई हिस्सों में पूरा हो चुका है, लेकिन सबसे चुनौतीपूर्ण भाग महू (डॉ. अंबेडकर नगर) से ओंकारेश्वर रोड के बीच का है। महू-ओंकारेश्वर रोड खंड के लगभग 90 किमी हिस्से में वन क्षेत्र से जुड़ी स्वीकृति सहित अन्य प्रक्रिया चल रही है।
अभी खंडवा से सनावद तक मेमू ट्रेन का संचालन हो रहा है
खंडवा से अकोट के बीच भी अमान परिवर्तन का कार्य चलने से मार्ग पर भी ट्रेन का संचालन बंद है। परियोजना केवल मीटर गेज को ब्रॉडगेज में बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तहत कई स्थानों पर नए सिरे से रेल ट्रैक बिछाया जा रहा है। अभी खंडवा से सनावद तक मेमू ट्रेन का संचालन हो रहा है।
454 हेक्टेयर में रेल लाइन, 16 सुरंगें होंगी तैयार
इंदौर-बड़वाह वनमंडल की जमीन परियोजना में आएगी। इंदौर की 407 हेक्टेयर और खरगोन की 46 हेक्टेयर जमीन शामिल है। रेल मार्ग पर 20 किमी के क्षेत्र में 16 सुरंगें बनाई जाएंगी। इनमें बड़िया से बेका के बीच 4.1 किमी, चोरल से मुख्यतियार बलवाड़ा के बीच 2.2 किमी और राजपुर के पास 1.6 किमी लंबी सुरंगें होंगी। बाकी 12.1 किमी में 13 छोटी सुरंगें बनेंगी। इसके अलावा 30-30 मीटर लंबे वायडक्ट (पुल) भी बनाए जाएंगे। इसमें 17 हजार पेड़ों को सुरक्षित रखा जाएगा।
वन विभाग को उपलब्ध कराई राशि
पश्चिम रेलवे निर्माण विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को राशि उपलब्ध करा दी गई है। वन विभाग द्वारा पेड़ों की कटाई कर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर आगे का कार्य आरंभ होगा। इसके बाद रेलवे द्वारा टन बनाने का काम शुरू होगा। – मुकेश कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे
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