“_id”:”6a6dea11c85c845d590ec8e7″,”slug”:”up-name-change-policy-party-bjp-yogi-adityanath-news-and-updates-2026-08-01″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”विचार: दलगत भावनाओं से ऊपर है नामकरण की योगी दृष्टि”,”category”:”title”:”Events Coverage”,”title_hn”:”इवेंट कवरेज”,”slug”:”events-coverage”
सीएम योगी आदित्यनाथ – फोटो : अमर उजाला
संत रविदास के 650वें जयंती वर्ष पर भदोही का नाम संत रविदास नगर कर दिया गया। भदोही के लिए भी यह गौरव की बात है। अब यह जिला सामाजिक समरसता के अग्रदूत के रूप में दिखाई देगा। संत रविदास ने अपने समय में जाति और वर्ण के उन बंधनों को चुनौती दी थी, जिनकी वजह से समाज का एक बड़ा वर्ग शिक्षा और सम्मान के अवसर से वंचित था। उनके नाम पर जिले का नामकरण इस बात का प्रतीक है कि योगी सरकार भी जाति और वर्ण के आधार पर नहीं, समभाव से और सबके विकास के लिए संकल्पशील है।
वस्तुतः सीएम योगी का प्रयास मुगलकालीन या औपनिवेशिक नामों को हटाने तक सीमित नहीं, बल्कि उन गुमनाम वीरांगनाओं और लोकनायकों को राष्ट्रीय स्मृति में रखने का है जिन्हें दशकों तक इतिहास की मुख्यधारा से बाहर रखा गया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पासी समाज की वीरांगना ऊदा देवी का ही उदाहरण लें, जिन्होंने लखनऊ के सिकंदरबाग में अंग्रेज सैनिकों के विरुद्ध अदम्य साहस दिखाया था। योगी सरकार ने न केवल लखनऊ में उनकी प्रतिमा स्थापित की, बल्कि एक महिला पीएसी बटालियन का नामकरण भी उनके नाम पर किया।