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विदिशा शहर में कचरा निस्तारण का संकट गहरा गया है। स्थायी डंपिंग यार्ड न होने के कारण नगर पालिका को विभिन्न स्थानों पर कचरा डालना पड़ रहा है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में, हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासियों ने बुधवार को कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उनके इलाके के पास कचरा डंप करने से तेज बदबू फैल रही है और मक्खियों की संख्या बढ़ गई है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि बदबू के कारण घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। बदबू और मक्खियों से परेशान कॉलोनीवासी रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी के पास कचरा डंप किए जाने से पूरे क्षेत्र में तेज बदबू फैल रही है। मक्खियों की संख्या बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। डंपिंग यार्ड नहीं, इसलिए भटक रही नगर पालिका विदिशा में लंबे समय से स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं हो सकी है। पहले प्रशासन ने सोठिया गांव के पास जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जत्रापुरा और मिर्जापुर की खंतियों में कचरा डालना शुरू किया। बारिश ने और बढ़ाई मुश्किल हाल की बारिश के कारण जत्रापुरा और मिर्जापुर जाने वाले रास्ते बंद हो गए। इससे शहर से कचरा उठाने का काम प्रभावित हुआ और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर नगर पालिका परिसर में ही खड़े करने पड़े। जहां जगह मिली, वहीं शुरू हुआ विरोध बारिश के बाद नगर पालिका ने अलग-अलग स्थानों पर कचरा डालने की कोशिश की। सुआखेड़ी में ग्रामीणों के विरोध के चलते कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद जिला प्रशासन ने गेहूंखेड़ी में जगह उपलब्ध कराई, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने कचरा वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया। अब डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासी विरोध कर रहे हैं। स्थायी समाधान की तलाश नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर के कचरे के निस्तारण की है। स्थायी डंपिंग यार्ड नहीं होने के कारण हर नए स्थान पर विरोध की स्थिति बन रही है। इसका असर न केवल शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है।
विदिशा शहर में कचरा निस्तारण का संकट गहरा गया है। स्थायी डंपिंग यार्ड न होने के कारण नगर पालिका को विभिन्न स्थानों पर कचरा डालना पड़ रहा है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में, हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासियों ने बुधवार को कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उनके इलाके के पास कचरा डंप करने से तेज बदबू फैल रही है और मक्खियों की संख्या बढ़ गई है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि बदबू के कारण घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। दरअसल, विदिशा में कचरा निस्तारण के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं है। पहले प्रशासन ने सोठिया गांव के पास डंपिंग यार्ड के लिए जमीन दी थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जत्रापुरा और मिर्जापुर की खंतियों में कचरा डालना शुरू किया। हाल ही में हुई बारिश के कारण जत्रापुरा और मिर्जापुर तक जाने वाले रास्ते बंद हो गए। इससे शहर से कचरा उठाने का काम प्रभावित हुआ और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर नगर पालिका परिसर में खड़े करने पड़े। बारिश के बाद नगर पालिका ने सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर कचरा डालने के निर्देश दिए। सुआखेड़ी में ग्रामीणों के विरोध के बाद कर्मचारियों को लौटना पड़ा। फिर जिला प्रशासन ने गेहूंखेड़ी में जगह उपलब्ध कराई, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने कचरा वाहन नहीं घुसने दिए। अब डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासी विरोध कर रहे हैं। नगर पालिका के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि शहर का कचरा आखिर कहां डाला जाए। स्थायी समाधान न होने के कारण यह समस्या लगातार गहराती जा रही है, जिससे शहर की स्वच्छता और जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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