नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश में निवेश के लिए सबसे अनुकूल राज्यों की सूची में मध्य प्रदेश सातवें स्थान पर है। गोवा और दिल्ली जैसे छोटे राज्यों को हटा दें तो शीर्ष पांच में शामिल है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स-2026 के अनुसार प्राकृतिक संसाधन, नीतिगत स्थिरता, संस्थागत दक्षता और कुशल मानव संसाधन ने प्रदेश को निवेश का मजबूत गंतव्य बनाया है। वहीं, नवाचार और कारोबारी माहौल ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सुधार के बाद मध्य प्रदेश शीर्ष निवेश राज्यों में शामिल हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार देश के मध्य में स्थित होने के कारण मध्य प्रदेश उत्तर और दक्षिण भारत के बीच रणनीतिक सेतु का काम करता है। यही भौगोलिक स्थिति उद्योगों और लाजिस्टिक्स के लिए इसे स्वाभाविक बढ़त देती है। औद्योगिक आधारभूत ढांचे के विस्तार और निवेश-अनुकूल नीतियों ने इस क्षमता को और मजबूत किया है।
प्रदेश की ताकत : संसाधन, नीति और संस्थागत व्यवस्था
रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत पर्यावरणीय स्थिरता (73 प्रतिशत), संस्थागत वातावरण (71 प्रतिशत), नियामकीय सुगमता (66 प्रतिशत), वित्तीय स्वास्थ्य (57 प्रतिशत), सरकारी नीतियां (54 प्रतिशत) और संसाधन (51 प्रतिशत) को माना गया है। दूसरी ओर कारोबारी माहौल (28 प्रतिशत) सबसे कमजोर क्षेत्र है, जहां सुधार की सबसे अधिक जरूरत बताई गई है।
खनिज संपदा और कुशल मानव संसाधन बनी बढ़त
कोयला, चूना पत्थर और मैंगनीज जैसे खनिज प्रदेश को सीमेंट, इस्पात और ऊर्जा उद्योगों के लिए मजबूत आधार देते हैं। वर्ष 2024 में देश के गैर-धात्विक खनिज उत्पादन में मध्य प्रदेश की हिस्सेदारी 15.6 प्रतिशत रही और इस श्रेणी में वह दूसरे स्थान पर रहा।
रिपोर्ट प्राकृतिक संपदा के साथ कुशल मानव संसाधन को भी बड़ी ताकत मानती है। वर्ष 2023 में प्रदेश ने 12,819 नए तकनीकी कार्यबल तैयार किए, जबकि अधिकांश राज्यों का औसत करीब चार हजार रहा। इससे स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश अब संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था के साथ ज्ञान और तकनीक आधारित निवेश की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
नीतियों पर भरोसा, अब नवाचार की चुनौती
प्रशासनिक दक्षता, कम श्रमिक विवाद, प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली और सिंगल विंडो व्यवस्था ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। राज्य की नीतियों में स्थिरता को लेकर निवेशकों की धारणा श्रेणी के औसत से छह अंक बेहतर रही।
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अगली चुनौती इनोवेशन इकोसिस्टम है। वर्ष 2021 के 540 स्टार्टअप बढ़कर 2023 में 1,264 हो गए, लेकिन प्रति लाख आबादी पर इनक्यूबेटर बड़े राज्यों के औसत से 53 प्रतिशत और पेटेंट आवेदन 48 प्रतिशत कम हैं। रिपोर्ट का संकेत है कि अब मध्य प्रदेश को अगली छलांग के लिए शोध, नवाचार और बौद्धिक संपदा पर अधिक निवेश करना होगा।

टॉप-5 में पहुंचने के लिए पांच सलाह
- बैंक शाखाओं की उपलब्धता बढ़ाने की जरूरत।
- औद्योगिक पार्कों का उन्नयन।
- सड़कों और ड्रेनेज की बेहतर योजना।
- हवाई संपर्क का विस्तार।
- पुलिस बल की उपलब्धता बढ़ाकर कानून-व्यवस्था को और मजबूत करना।
फैक्ट फाइल
- देश में रैंक : 7वां
- बड़े राज्यों में रैंक : 5वां
- कुल स्कोर : 48.9
- सबसे मजबूत क्षेत्र : पर्यावरणीय स्थिरता (73%), संस्थागत वातावरण (71%), नियामकीय सुगमता (66%)
- सबसे बड़ा सुधार क्षेत्र : कारोबारी माहौल (28%)
इंदौर सहित समूचे मालवा-निमाड़ के लिए अवसर
- इंदौर-पीथमपुर प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्लस्टर।
- धार, देवास और उज्जैन औद्योगिक विस्तार के प्रमुख केंद्र।
- दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और इंदौर-मनमाड़ रेल परियोजना से लॉजिस्टिक्स को नई ताकत मिलेगी।
- पीथमपुर आटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फार्मा उद्योग का प्रमुख हब है।
- उज्जैन, ओंकारेश्वर और महाकाल लोक धार्मिक पर्यटन के जरिए सेवा क्षेत्र में निवेश की नई संभावनाएं बना रहे हैं।
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