![]()
सीहोर में सरकारी जमीन पर बन रहे मंदिर और रिटेनिंग वॉल के निर्माण कार्य को तहसीलदार अमित सिंह ने शुक्रवार को रुकवा दिया। सेंकड़ाखेड़ी मार्ग पर स्थित इस भूमि पर अतिक्रमण करने वाले माधव आश्रम संचालक मोहितराम पाठक सहित चार लोगों को स्थगन आदेश जारी किए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में, तहसीलदार अमित सिंह ने शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर निर्माण कर रहे लोगों के खिलाफ यह कदम उठाया है। सभी संबंधितों को किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। तहसील कार्यालय सीहोर द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, ग्राम छावनी स्थित भूमि पर अवैध रूप से मंदिर और रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा रहा था। यह भूमि राजस्व अभिलेखों में ‘शासकीय मद अतिशेष’ के रूप में दर्ज है। मामला हाईकोर्ट जबलपुर में विचाराधीन
नोटिस में यह भी बताया गया है कि इस भूमि से संबंधित एक मामला उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। मौके पर निरीक्षण के दौरान, अतिक्रमणकारियों द्वारा स्वामित्व संबंधी कोई दस्तावेज या निर्माण संबंधी अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। जिन लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें मोहितराम पाठक, जेपी शर्मा, जगदीश माहेश्वरी और लीलाबाई शामिल हैं। उन्हें तत्काल निर्माण कार्य बंद करने और तीन दिनों के भीतर अवैध निर्माण को स्वयं हटाने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्माण कार्य बंद नहीं किया जाता है या अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। शासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की स्थिति में, इसका पूरा खर्च बकाया भू-राजस्व की तरह उनकी चल-अचल संपत्ति से वसूल किया जाएगा। अब अतिक्रमण हुआ तो जुर्माना लगेगा
प्रशासन ने बताया कि अभी केवल नोटिस जारी किए गए हैं। जवाब सुनने के बाद, अवैध अतिक्रमण कर निर्माण करने वालों पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। यह भूमि सरकारी है और इसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है। पंडित मोहित राम पाठक ने कहा कि कोई भी नया निर्माण कार्य नहीं किया जा रहा। पहले यहां सीमेंट की बाउंड्री थी खंभों की, चद्दर की बाउंड्री कि है। गौ माताओं की जोन बीमार- हैंडीकैप पूरे जिले की गोवंश हम उठाके लाते हैं जो एक्सीडेंट होते हैं। बड़े से बड़ा एक्सीडेंट होता है। उन्होंने कहा कि कलेक्टर साहब को भी यह पता है और सबको मालूम है। श्री राम गौशाला 2002 से यहां संचालित है और यहां किसी प्रकार का नया कोई निर्माण नहीं किया जा रहा है। केवल बाउंड्री वाल करके इसमें गौ माता को संरक्षित, उनके चारे और गौ ग्रास की व्यवस्था की जा रही है। बेचने के आरोपों पर उन्होंने आगे कहा कि पूरी गलत जानकारी है। किसी प्रकार के कोई दस्तावेज़ हों तो वो पेश करे जाएं। किसी भी प्रकार का कोई दस्तावेज हो। गलत जानकारी है, यहां केवल गौ माता की सेवा हो रही है। किस कारण क्या शिकायत हुई है उसका देखेंगे, बाकी आप देख रहे हैं निरंतर 2002 से श्री राम गौशाला अपना कार्य कर रही है और आगे भी करेगी।
Source link
#सरकर #जमन #पर #बन #रह #मदर #नरमण #पर #रक #हईकरट #म #ममल #लबत #सहर #म #चर #लग #क #अतकरमण #हटन #क #नटस #जर #Sehore #News

