इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे का निर्माण कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे भेरुघाट बायपास जुलाई तक बनकर तैया …और पढ़ें

HighLights
- कलेक्टर शिवम वर्मा ने हाईवे के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया
- बायपास शुरू होने के बाद घाट सेक्शन में भारी वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकेगी
- कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य तय सीमा में पूरे किए जाएं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे (एनएच-347बीजी) परियोजना को तेजी से पूरा करने की कवायद की जा रही है। बुधवार को कलेक्टर शिवम वर्मा ने हाईवे के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया।
बताया गया कि इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे का संपूर्ण निर्माण कार्य इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। वहीं लंबे समय से ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझ रहे भेरुघाट बायपास जुलाई तक बनकर तैयार हो जाएगा। बायपास शुरू होने के बाद घाट सेक्शन में भारी वाहनों की आवाजाही सुचारू हो सकेगी और दुर्घटनाओं के जोखिम में भी कमी आएगी।
परियोजना से जुड़े सभी कार्य तय सीमा में पूरे किए जाएं
इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे के निर्माण कार्यो का निरीक्षण करने पहुंचे कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़े सभी कार्य तय सीमा में पूरे किए जाएं, ताकि सिंहस्थ से पहले यातायात व्यवस्था पूरी तरह से सुगम बनाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों ने बताया कि इंदौर-खंडवा नेशनल हाईवे का संपूर्ण निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर वर्मा ने प्रशासनिक या राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में राजस्व और प्रशासन से संबंधित बाधा नहीं आना चाहिए। भूमि अधिग्रहण, सीमांकन या अन्य लंबित मामलों का त्वरित निराकरण कर एनएचएआई को पूरा सहयोग दिया जाए। एनएचएआइ इंदौर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रवीण यादव के अलावा अन्य अधिकारी इस दौरान मौजूद रहे।
अंडर ग्राउंड मेट्रो के लिए बंगाली चौराहे पर शुरु हुआ मृदा परीक्षण
इंदौर। बंगाली चौराहे पर मेट्रो के अंडर ग्राउंड हिस्से के निर्माण के लिए मृदा परीक्षण कार्य शुरु कर दिया गया है। इस चौराहे के आसपास करीब चार स्थानों पर जमीन की 30 मीटर गहराई तक चट्टानों के परीक्षण के लिए पाइलिंग कर मृदा परीक्षण का कार्य किया जा रहा है। मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत बंगाली चौराहे से रीगल तक का करीब चार किलोमीटर हिस्सा भी अंडरग्राउंड किया जाना प्रस्तावित है। गौरतलब है कि पूर्व में मेट्रो प्रबंधन द्वारा इस हिस्से में ओवरहेड मेट्रो बनाने की योजना थी । जनप्रतिनिधियों व स्थानीय लोगों के विरोध के बाद इस हिस्से को अंडरग्राउंड करने का निर्णय लिया गया।
Source link
#सहसथ #क #लए #दसबर #तक #पर #ह #जएग #इदरखडव #नशनल #हईव #क #कम #भरघट #क #जम #स #जलई #म #मलग #मकत


