सिहोरा बैंक डकैती के मास्टरमाइंड बिहार के रहने वाले सुनील पासवान की गिरफ्तारी के बाद उसके काले साम्राज्य के चौंकाने वाले राज सामने आ रहे हैं।
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बैंक लूट की रकम से उसने रिश्तेदारों के नाम पर ट्रक और लग्जरी वाहन खरीदे, खुद की फर्म बनाकर कोल माइंस में कारोबार शुरू किया और पत्नी को मामूली नौकरी पर रखकर हर महीने लाखों रुपए भेजता रहा। अब 11 महीने बाद गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसकी अवैध संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है।
11 अगस्त 2025 को जबलपुर जिले के सिहोरा स्थित इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में दिनदहाड़े हुई 14.5 करोड़ रुपए के सोने और 5 लाख रुपए की नकदी की सनसनीखेज डकैती के मास्टरमाइंड सुनील पासवान को आखिरकार 11 महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया।
16 जुलाई 2026 की तड़के जबलपुर क्राइम ब्रांच और बिहार एसटीएफ की संयुक्त टीम ने उसे बिहार के नक्सल प्रभावित बांके बाजार क्षेत्र के एक गांव से उस समय दबोचा, जब वह नग्न हालत में सो रहा था। पुलिस को देखते ही उसने चादर लपेटकर छत के रास्ते भागने की कोशिश की, लेकिन घेराबंदी के चलते पकड़ा गया।

आरोपी सुनील पासवान।
महज 18 मिनट में लूटा था बैंक
जबलपुर में संभवतः पहली बार दिनदहाड़े बैंक में इतनी बड़ी डकैती हुई थी। 11 अगस्त 2025 को पांच हथियारबंद बदमाशों ने महज 18 मिनट में इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक से करीब 14.5 करोड़ रुपए मूल्य का सोना और 5 लाख रुपए नकद लूट लिया था।
वारदात के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और जांच के दौरान गैंग के अधिकांश सदस्य गिरफ्तार कर लिए, लेकिन मास्टरमाइंड सुनील पासवान लगातार फरार रहा। उस पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और झारखंड पुलिस ने कुल ₹1 लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

सिहोरा बैंक डकैती का वीडियो। -फाइल
ऐसे रची थी सिहोरा बैंक डकैती की साजिश
पुलिस के अनुसार बिहार से मध्यप्रदेश आने के बाद सुनील की मुलाकात राजेश दास से हुई। दोनों ने सिहोरा क्षेत्र की तीन बैंकों की रेकी की। इंसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में सुरक्षा गार्ड नहीं होने के कारण उसे निशाना बनाया गया।
गैंग ने करीब 10 दिन तक रेकी की, मझौली क्षेत्र में फेरीवाले के नाम पर किराये का मकान लिया और जबलपुर से मोटरसाइकिल खरीदकर वारदात को अंजाम दिया।
नक्सल प्रभावित जंगल में छिपा था
एएसपी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में जबलपुर क्राइम ब्रांच की तीन टीमों ने बिहार एसटीएफ के साथ मिलकर करीब 120 घंटे लगातार निगरानी की। पुलिस को सूचना मिली कि सुनील बांके बाजार के नक्सल प्रभावित जंगल क्षेत्र के तिलैया गांव में छिपा है और जल्द ही ठिकाना बदलने वाला है।
16 जुलाई की रात करीब 2 बजे पुलिस ने उसके ठिकाने पर दबिश दी। वह नग्न अवस्था में सो रहा था। पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर ही पकड़ लिया गया। उसके कब्जे से करीब एक करोड़ रुपए मूल्य का सोना भी बरामद किया गया।
पत्नी से करवाता 5 हजार की नौकरी
करोड़ों रुपए बैंक डकैती से लूटने के बाद भी डकैत सुनील पासवान पत्नी ममता पासवान से नौकरी करवाता था। पुलिस को शक ना हो इसके लिए झारखंड के धनबाद में इसने एक बूटिक सेंटर में पत्नी की नौकरी लगवा रखी थी। दो बेटे भी साथ में रहे थे। पत्नी ममता को हर माह 5 हजार रुपए मिलते थे, जो कि सिर्फ दिखावे के लिए थे।

आरोपियों से बरामद किया गया सोना।
रिश्तेदारों के नाम पर लग्जरी वाहन
सुनील पत्नी को हर माह 50 हजार से 1 लाख रुपए भेजा करता था। यह बच्चों की पढ़ाई और घर के कामों में खर्च होता था। रिश्तेदारों के नाम ट्रक-लग्जरी कार बैंक में डैकती डालने के बाद जितना भी गोल्ड या फिर केस मिलता था, उसे वह इनवेस्ट कर दिया करता था।
सुनील ने चार से अधिक बड़े ट्रक, 2 लग्जरी कार खरीदी थी। सुनील ने अपनी एक फर्म बना रखी थी। कोल माइंस में गाड़िया लगा रखी थी, जो कि रिश्तेदारों के नाम पर थी, इसके लिए टैक्स और फर्म की जीएसटी फीस सुनील ही भरा किया करता था।

मामले की जानकारी देते एसपी संपत उपाध्याय।
चार दिन में बदला करता था ठिकाना
एएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील पासवान बहुत ही शातिर किस्म का अपराधी था। पुलिस से बचने के लिए यह हर चार दिन में अपना ठिकाना बदल दिया करता था। जिस दिन इसे पकड़ा गया है, उसी सुबह चार बजे वह दूसरे स्थान पर जाने की तैयारी कर रहा था, पर उससे ठीक दो घंटे पहले पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
सुनील पासवान इतना शातिर था कि वह स्मार्ट फोन नहीं बल्कि की-पेड मोबाइल का उपयोग किया करता था। समय-समय पर सिम भी बदल लिया करता था। भागने के लिए लग्जरी कार ना लेकर होंडा हॉर्नेट रेसिंग बाइक का उपयोग किया करता था।

आरोपियों से बरामद की गईं बाइक।
2023 में भी कर चुका है बड़ी बैंक डकैती
पुलिस जांच में सामने आया कि सुनील पासवान लंबे समय से अंतरराज्यीय बैंक डकैत गिरोह का सरगना है। उसने 19 सितंबर 2023 को छत्तीसगढ़ के रायगढ़ स्थित एक्सिस बैंक में करीब ₹5.62 करोड़ (₹4.19 करोड़ नकद और ₹1.43 करोड़ का सोना) की डकैती डाली थी।
इस मामले में उसके कई साथी गिरफ्तार हुए, लेकिन वह फरार हो गया था। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड में भी बैंक लूट और फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दिया।

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एमपी में 14 करोड़ का सोना लूटा, बिहार में छिपाया

जबलपुर के सिहोरा में इसाफ स्मॉल फाइनेंस बैंक में 14 करोड़ का सोना और 5 लाख कैश लूटने के मामले का खुलासा हो गया। रविवार को पुलिस ने 4 आरोपियों को दमोह से गिरफ्तार कर लिया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
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