इंदौर में रविवार को एक पेड़ मां के नाम कार्यक्रम के मंच पर राजनीति के तंज और उपमाओं का दौर चला।

HighLights
- मुख्यमंत्री ने कैलाश विजयवर्गीय को 5 बार “कैलाश जी भाईसाहब” कहकर संबोधित किया
- विजयवर्गीय ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तुलना लाल बहादुर शास्त्री से की
- उन्होंने महापौर पुष्यमित्र भार्गव पर भी तंज कसा कि व्यस्तता के कारण बैठक में नहीं आ पाते
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। रविवार को इंदौर में सजे हरियाली के मंच पर प्रदेश दिग्गज राजनीतिक चेहरे जुटे थे। मौका भले पौधारोपण का था लेकिन राजनेता थे तो राजनीति की उपमाएं और व्यंग्य भी मंच से सुनाई दिए। मेजबान के रूप में मौजूद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की तुलना कांग्रेस के नेता रहे पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री से कर दी।
इंदौर को लेकर लिखी गई एक चिट्ठी के संदर्भ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कैलाश विजयवर्गीय को राजनीति के अलग-अलग सिरों पर खड़ा बताया जा रहा था, लेकिन रविवार को मुख्यमंत्री के संबोधन से राजनीति की दूरी नहीं बल्कि भाई साहब के संबोधन की नजदीकी नजर आई। एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरुआत दीप जलाकर की गई।
पानी बचाओ और पेड़ लगाओ
इस दौरान केंद्र में और एक-दूसरे के पास मुख्यमंत्री डॉ. यादव और मंत्री विजयवर्गीय ही नजर आए। भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री प्रह्लाद पटेल व मंत्री तुलसी सिलावट इनके दाएं-बाएं दिखे। सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव बस दीप प्रज्वलन की तस्वीर की फ्रेम में जैसे-तैसे समाए से दिखे।
इसके बाद माइक संभालते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष को देखकर लाल बहादुर शास्त्री की याद आती है। जिनका कद छोटा, लेकिन काम बड़ा था। जलसंकट को भी याद करते हुए विजयवर्गीय बोले कि हमने दो लक्ष्य रखे हैं पानी बचाओ-पेड़ लगाओ। महापौर पुष्यमित्र भार्गव व्यस्त रहते हैं इसलिए बैठकों में नहीं आ पाते। महापौर को यह भी कहा कि अगले वर्ष चैन से रहना है तो हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग करवाइए।
भाईसाहब कहकर पुकारा
मंच पर मुख्यमंत्री आए तो मंत्रीगण कैलाश विजयवर्गीय और प्रह्लाद पटेल के उनके संबोधन में खास बात नजर आई। मुख्यमंत्री ने विजयवर्गीय को कैलाशजी भाईसाहब कहकर संबोधित किया। सिर्फ एक बार नहीं बल्कि भाषण के दौरान पूरे पांच बार इसी तरह उन्होंने विजयवर्गीय को संबोधित किया। पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय को भतीजा कहकर पुकारा। प्रह्लाद पटेल को भी प्रह्लाद जी भाईसाहब कहते सुनाई दिए।
सीएम बोले- इन दोनों मंत्रियों की जोड़ी राजनीति में राम और लक्ष्मण की जोड़ी है। माना जा रहा है कि मंच पर संगठन मंत्री व अध्यक्ष दोनों थे, लिहाजा वरिष्ठता का अहसास मुख्यमंत्री के संबोधन में भी दिखा। मुख्यमंत्री ने मंत्री तुलसी सिलावट को तुलसी भैया व सांसद शंकर लालवानी को हर-हर शंकर, जय-जय शंकर कहकर संबोधित किया?
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