देश की राजनीति में उत्तर प्रदेश की भूमिका हमेशा निर्णायक रही है। यहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव को लेकर सियासी दल जमीनी स्तर पर अपनी रणनीति तैयार करने में जुट गए हैं। आने वाले चुनाव में जहां भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश करेगी, वहीं विपक्ष सत्ता परिवर्तन की उम्मीदों के साथ मैदान में उतरने की तैयारी कर रहा है। उत्तर प्रदेश की इसी चुनावी सरगर्मी के बीच, हम आपको राज्य की हर सीट के इतिहास और राजनीतिक परिदृश्य के बारे में विस्तार से बता रहे हैं। इसी कड़ी में आज बात फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा सीट की होगी। आइए, जानते हैं इस सीट का पूरा सियासी गणित और इतिहास।
पहले जानते हैं सिरसागंज विधानसभा सीट के बारे में
उत्तर प्रदेश में कुल 75 जिले हैं, जिनमें कुल 403 विधानसभा सीटें हैं। इन्हीं में से एक जिला फिरोजाबाद है। जिले में कुल पांच विधानसभा सीटें हैं। इनमें- फिरोजाबाद, टूंडला, शिकोहाबाद, जसराना और सिरसागंज शामिल हैं। ‘सीट का समीकरण’ की आज की कड़ी में हम फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा सीट की बात करेंगे। फिरोजाबाद जिले की सिरसागंज विधानसभा सीट 2008 में परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई थी। यहां पहला चुनाव 2012 में हुआ था। यहां से पहले विधायक हरिओम यादव बने थे, जिन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) के टिकट पर चुनाव लड़ा था।