इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार रिपोर्ट नहीं भेजने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने का आदेश दिया है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तीन बार निर्देश के बावजूद रिपोर्ट नहीं भेजी। मामला एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मुकदमे से जुड़ा है। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एक साल के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। जनवरी 2026 में कोर्ट ने पाया कि छह साल बाद भी मुकदमा लंबित है।
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने में सुनवाई पूरी कर 21 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 15 दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने पर फैसला होगा।