लखनऊ ने आसमान की स्वच्छता में बाजी मारी है, राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत उसके नगर निगम के लिए 1.50 करोड़ रुपये का इनाम दिया गया है। उसे टक्कर दी है यानी दूसरे स्थान पर जमीन में सफाई में अव्वल रहने वाले इंदौर को मिला है।भोपाल और आगरा संयुक्त रुप से चौथे स्थान, गुजरात का सूरत पांचवें स्थान पर रहा । यह सभी 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर हैं।
नई दिल्ली के इंदिरा पर्यावरण भवन में हुए कार्यक्रम में महापौर सुषमा खर्कवाल नगर आयुक्त गौरव कुमार अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव और पर्यावरण अभियंता संजीव प्रधान ने पुरस्कार स्वीकार किया । तीसरा स्थान भी मध्य प्रदेश के जबलपुर को मिला है। इस सर्वेक्षण को हर साल केंद्रीय वायु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा किया जाता है। वहीं तीन से 10 लाख की आबादी में नोएडा आठवें नंबर पर है।
इस सर्वेक्षण के आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के शहर लगातार वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए उल्लेखनीय काम कर रहे हैं। दरअसल राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम- एनसीएपी के तहत 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए 16,425 करोड़ की प्रदर्शन आधारित सहायता दी गई है। मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2017-18 के मुकाबले 2025-26 में 108 शहरों में पीएम10 स्तर में सुधार हुआ। इनमें 72 शहरों में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से अधिक कमी दर्ज की गई, जबकि 14 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सफल रहे।
इस मौके पर एनसीएपी के तहत शहरों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों द्वारा अपनाई गई श्रेष्ठ प्रबंधन पद्धतियों का संग्रह भी जारी किया गया। इसमें सड़क की धूल, वाहन और औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्र विकास और जन-जागरूकता से जुड़े उपाय शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम-एनसीएपी के तहत कराए गए पांचवें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में लखनऊ ने देश में नंबर वन स्थान हासिल किया। स्वच्छ वायु दिवस 2026 के अवसर पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों और वार्डों को सम्मानित किया।
स्वच्छ हवा रैंकिंग में इंदौर पिछड़ा, अलग-अलग श्रेणियों में यूपी के 16 शहर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में इंदौर को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है। सर्वेक्षण में राज्य के 16 शहरों ने विभिन्न श्रेणियों जगह बनाई है। रैंकिंग में दूसरा स्थान देश के सबसे स्वच्छ शहर का दर्जा रखने वाले इंदौर और तीसरा स्थान जबलपुर को मिला है। वहीं, भोपाल व आगरा संयुक्त रूप से चौथे और गुजरात का सूरत पांचवें स्थान पर रहा।
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दस लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में गाजियाबाद ने 9वां, कानपुर ने 11वां, प्रयागराज ने 13वां और मेरठ ने 22वां स्थान प्राप्त किया। वहीं, 3 लाख से 10 लाख तक की आबादी वाले शहरों में भी यूपी के छह शहरों ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इसमें फिरोजाबाद ने दूसरा, झांसी ने 5वां, मुरादाबाद व नोएडा ने 8वां, गोरखपुर ने 22वां और बरेली ने 26वां स्थान प्राप्त किया। तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों में रायबरेली 17वें, अनपरा 29वें, खुर्जा 30वें और गजरौला 31वें स्थान पर है।
इस रणनीति से कामयाबी, ओडिशा और महाराष्ट्र का हाल क्या?
लखनऊ ने वायु प्रदूषण कम करने के लिए कई स्तरों पर काम किया। कचरा संग्रहण में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करना, सड़क सफाई में मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का इस्तेमाल और पुराने कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन प्रमुख हैं। बड़े शहरों में दिल्ली 21वें, मुंबई 28वें स्थान पर है। 3-10 लाख की आबादी के शहरों में ओडिशा का राउरकेला अव्वल है। सर्वेक्षण में पहली बार वार्डों को भी शामिल किया गया। कैटेगरी-1 में लखनऊ के वार्ड-70 ने पूरे देश में प्रथम स्थान हासिल किया है।
आगरा, वाराणसी, कानपुर व प्रयागराज की रैंकिंग में गिरावट, किन शहरों की रैंकिंग सुधरी
| शहर | रैंकिंग 2026 | रैंकिंग 2025 |
|---|---|---|
| लखनऊ | 1 | 15 |
| गाजियाबाद | 9 | 12 |
| मेरठ | 22 | 33 |
| आगरा | 4 | 3 |
| कानपुर | 11 | 5 |
| प्रयागराज | 13 | 7 |
| वाराणसी | 34 | 11 |
3-10 लाख आबादी की श्रेणी में कितना बदलाव?
| शहर | 2026 की रैंक | 2025 का पायदान |
|---|---|---|
| फिरोजाबाद | 2 | 5 |
| नोएडा | 8 | 9 |
| झांसी | 5 | 2 |
| मुरादाबाद | 8 | 2 |
| गोरखपुर | 22 | 5 |
| बरेली | 26 | 7 |
| रायबरेली | 17 | 7 |
| अनपरा | 29 | 5 |
| खुर्जा | 30 | 26 |
| गजरौला | 31 | 23 |
130 शहरों में किसकी स्थिति कैसी? नीचे देखें पूरी सूची
10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की रैंकिंग
| क्र. | शहर/नगर | अंतिम स्कोर | रैंक |
|---|---|---|---|
| 1 | लखनऊ | 198 | 1 |
| 2 | इंदौर | 197 | 2 |
| 3 | जबलपुर | 195 | 3 |
| 4 | भोपाल | 192 | 4 |
| 5 | आगरा | 192 | 4 |
| 6 | सूरत | 191 | 5 |
| 7 | रायपुर | 189 | 6 |
| 8 | ठाणे | 187 | 7 |
| 9 | चंडीगढ़ | 187 | 7 |
| 10 | राजकोट | 187 | 7 |
| 11 | अहमदाबाद | 186 | 8 |
| 12 | विजयवाड़ा | 186 | 8 |
| 13 | गाजियाबाद | 184 | 9 |
| 14 | नवी मुंबई | 184 | 9 |
| 15 | नागपुर | 183.8 | 10 |
| 16 | कानपुर | 183.2 | 11 |
| 17 | त्रिची | 183 | 12 |
| 18 | पुणे | 183 | 12 |
| 19 | इलाहाबाद | 180 | 13 |
| 20 | फरीदाबाद | 179.7 | 14 |
| 21 | वडोदरा | 179 | 15 |
| 22 | वसई विरार | 179 | 15 |
| 23 | पटना | 178 | 16 |
| 24 | औरंगाबाद | 178 | 16 |
| 25 | दुर्ग भिलाई | 175.3 | 17 |
| 26 | धनबाद | 174.5 | 18 |
| 27 | हैदराबाद | 174.2 | 19 |
| 28 | जयपुर | 174 | 20 |
| 29 | विशाखापत्तनम | 172 | 21 |
| 30 | दिल्ली | 172 | 21 |
| 31 | मेरठ | 170.5 | 22 |
| 32 | आसनसोल | 170.3 | 23 |
| 33 | जोधपुर | 163.2 | 24 |
| 34 | अमृतसर | 163 | 25 |
| 35 | श्रीनगर | 162.6 | 26 |
| 36 | रांची | 162.5 | 27 |
| 37 | मुंबई | 160.8 | 28 |
| 38 | नासिक | 160.2 | 29 |
| 39 | ग्वालियर | 157 | 30 |
| 40 | हावड़ा | 152.9 | 31 |
| 41 | बेंगलुरु | 152.6 | 32 |
| 42 | लुधियाना | 151.2 | 33 |
| 43 | वाराणसी | 150 | 34 |
| 44 | चेन्नई | 147.7 | 35 |
| 45 | जमशेदपुर | 147.3 | 36 |
| 46 | कोटा | 146.3 | 37 |
| 47 | कोलकाता | 142.2 | 38 |
| 48 | मदुरै | 132.1 | 39 |
3 से 10 लाख आबादी वाले शहर
| क्र. | शहर/नगर | अंतिम स्कोर | रैंक |
|---|---|---|---|
| 1 | राउरकेला | 198.5 | 1 |
| 2 | फिरोजाबाद | 195 | 2 |
| 3 | गुंटूर | 195 | 2 |
| 4 | अमरावती | 194 | 3 |
| 5 | भुवनेश्वर | 193.5 | 4 |
| 6 | झांसी | 192.5 | 5 |
| 7 | अलवर | 192 | 6 |
| 8 | लातूर | 188.5 | 7 |
| 9 | मुरादाबाद | 187.5 | 8 |
| 10 | नोएडा | 187.5 | 8 |
| 11 | उदयपुर | 187.5 | 8 |
| 12 | नेल्लोर | 187 | 9 |
| 13 | कोरबा | 186.5 | 10 |
| 14 | दावणगेरे | 183.6 | 11 |
| 15 | देहरादून | 182 | 12 |
| 16 | उज्जैन | 181.5 | 13 |
| 17 | राजामुंद्री | 180 | 14 |
| 18 | गुवाहाटी | 179.6 | 15 |
| 19 | उल्हासनगर | 179.5 | 16 |
| 20 | सोलापुर | 178.5 | 17 |
| 21 | सागर | 178 | 18 |
| 22 | हुबली-धारवाड़ | 177.2 | 19 |
| 23 | जम्मू | 176.5 | 20 |
| 24 | कटक | 174 | 21 |
| 25 | गोरखपुर | 170 | 22 |
| 26 | सांगली | 168.2 | 23 |
| 27 | जलगांव | 165.6 | 24 |
| 28 | पटियाला | 165.4 | 25 |
| 29 | बरेली | 165 | 26 |
| 30 | अकोला | 165 | 26 |
| 31 | बैरकपुर | 164.1 | 27 |
| 32 | मुजफ्फरपुर | 163.1 | 28 |
| 33 | कुरनूल | 162 | 29 |
| 34 | चंद्रपुर | 158.5 | 30 |
| 35 | बदलापुर | 158 | 31 |
| 36 | दुर्गापुर | 156.3 | 32 |
| 37 | कोल्हापुर | 145.5 | 33 |
| 38 | कडपा | 144 | 34 |
| 39 | अनंतपुर | 144 | 34 |
| 40 | गया | 140.9 | 35 |
| 41 | गुलबर्गा | 138.2 | 36 |
| 42 | जालंधर | 124.5 | 37 |
3 लाख से कम आबादी वाले शहर
| क्र. | शहर/नगर | स्कोर | रैंक |
|---|---|---|---|
| 1 | कलिंगा नगर | 198.5 | 1 |
| 2 | अंगुल | 196.5 | 2 |
| 3 | तालचर | 193.5 | 3 |
| 4 | एलुरु | 193 | 4 |
| 5 | हल्दिया | 190.6 | 5 |
| 6 | विजयनगरम | 189.5 | 6 |
| 7 | देवास | 188 | 7 |
| 8 | संगारेड्डी | 186.8 | 8 |
| 9 | दमतल | 186 | 9 |
| 10 | नलगोंडा | 185.8 | 10 |
| 11 | परवाणू | 185.5 | 11 |
| 12 | श्रीकाकुलम | 185.5 | 11 |
| 13 | सुंदर नगर | 185 | 12 |
| 14 | नलबाड़ी | 184 | 13 |
| 15 | काला अंब | 182.4 | 14 |
| 16 | नालागढ़ | 182.2 | 15 |
| 17 | ऋषिकेश | 180.7 | 16 |
| 18 | रायबरेली | 180.5 | 17 |
| 19 | गोबिंदगढ़ | 180.2 | 18 |
| 20 | नया नंगल | 179 | 19 |
| 21 | सिलचर | 178.7 | 20 |
| 22 | काशीपुर | 178.2 | 21 |
| 23 | पांवटा साहिब | 174 | 22 |
| 24 | बद्दी | 172.5 | 23 |
| 25 | बालासोर | 170 | 24 |
| 26 | शिवसागर | 168.5 | 25 |
| 27 | ओंगोल | 168.5 | 25 |
| 28 | चित्तूर | 167.8 | 26 |
| 29 | जालना | 164.7 | 27 |
| 30 | खन्ना | 163.7 | 28 |
| 31 | अनपरा | 161.5 | 29 |
| 32 | खुर्जा | 160.8 | 30 |
| 33 | गजरौला | 155.7 | 31 |
| 34 | पठानकोट/डेरा बाबा | 155.1 | 32 |
| 35 | नगांव | 152.3 | 33 |
| 36 | दीमापुर | 146.5 | 34 |
| 37 | तूतीकोरिन | 142.2 | 35 |
| 38 | कोहिमा | 134.1 | 36 |
| 39 | डेरा बस्सी | 110.5 | 37 |
| 40 | बर्नीहाट | 108.5 | 38 |
किन पैमानों पर परखे गए शहर
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में शहरों के प्रदर्शन का आकलन सड़क की धूल पर नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण एवं विध्वंस- सीएंडडी कचरा प्रबंधन, खुले में कचरा जलाने पर नियंत्रण और जन-जागरूकता जैसी गतिविधियों के आधार पर किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय हरित अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने की और स्वच्छ हवा हासिल करना असंभव लक्ष्य नहीं है। इसके लिए बेहतर योजना और जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन कर शहर वायु गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं। उन्होंने स्थानीय निकायों को प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया।
उत्तर प्रदेश को कैसे मिली सफलता
लखनऊ की इस उपलब्धि को लेकर इस मौके पर मेयर सुषमा बर्कवाल ने कहा यह सफलता योगी आदित्यनाथ के अथक प्रयासों का नतीजा है। जिसमें नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में नगर निगम और शहरवासियों के अथक सहयोग से यह संभव हो सका है। इस सफलता की वजह, कचरा प्रबंधन, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, घरों से कूड़ा एकत्र करने के लिए 11 सौ इलेक्ट्रिक वाहन, सड़क से धूल साफ करने के लिए पूरी तरह से मशीनों का प्रयोग, कचरा प्रबंधन के लिए सौ फीसदी वैज्ञानिक प्रबंधन किया गया। निर्माण और विध्वंस का सौ फीसदी निस्तारण है।
किन शहरों को मिलता है पुरस्कार
हर साल यह पुरस्कार 3 समूहों तीन लाख से कम जनसंख्या 3 से 10 लाख जनसंख्या और 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले 24 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 130 शहरों की रैकिंग पर आधारित है। इसमें 10 शहरों के कड़े मानकों पर परख कर चुना जाता है। इस बार के सर्वेक्षण में दिल्ली 21 वें स्थान, मुंबई 28 वें स्थान पर, रायपुर छठे, दुर्ग भिलाई 17वें स्थान पर है। 3 लाख से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में उड़ीसा के राउरकेला को पहला, उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद और गुंटूर को दूसरा स्थान और छत्तीसगढ़ के कोरबा को तीसरा स्थान मिला है।
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