Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत इस साल 14 सितंबर 2026 को रखा जा रहा है। सुहागिन महिलाएं पति की तरक्की, खुशियां और लंबी उम्र की कामना से इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं। यह व्रत कठिन उपवासों में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें पूरे 24 घंटे तक अन्न-जल का त्याग किया जाता है। इस शुभ अवसर पर भगवान शिव और उनके पूरे परिवार का पूजन किया जाता है। इसके प्रभाव से विशेष फलों की प्राप्ति होती हैं। वहीं, कुछ स्थानों पर कन्याएं भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए हरतालिका तीज मनाती हैं। ऐसे में आइए इस दिन के महत्व के साथ-साथ तीज पर बनने वाले शुभ योग, मुहूर्त और तिथि को भी जान लेते हैं।

2 of 5
Hartalika Teej 2026
– फोटो : Instagram
हरतालिका तीज पूजन मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 05 मिनट से सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगा।
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4 बजकर 32 मिनट से सुबह 5 बजकर 19 मिनट तक
- पूजन का शुभ मुहूर्त: सुबह 6 बजकर 05 मिनट से सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11 बजकर 52 मिनट से दोपहर 12 बजकर 41 मिनट तक
हरतालिका तीज 2026: 14 सितंबर को हरतालिका तीज, व्रत से पहले जान लें ये जरूरी नियम

3 of 5
Hartalika Teej 2026
– फोटो : Instagram
कब होगा हरतालिका तीज व्रत का पारण?
हरतालिका तीज का व्रत 15 सितंबर 2026 को सूर्योदय के बाद खोला जाएगा। इस दिन स्वाती नक्षत्र और ऐन्द्र योग का संयोग रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत पारण करने से पहले भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें।
Ganesh Chaturthi 2026: दूर्वा सिर्फ घास नहीं! अनलासुर की कथा में छिपा है गणेश पूजा का गहरा अर्थ

4 of 5
Hartalika Teej 2026
– फोटो : Instagram
हरतालिका तीज पर बनेंगे शुभ संयोग
हरतालिका तीज पर कई शुभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन चित्रा नक्षत्र रहेगा और इसके साथ ब्रह्म योग का भी निर्माण होगा। इसके अलावा ऐन्द्र योग का प्रभाव भी रहेगा। ज्योतिषीय दृष्टि से इन शुभ योगों में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि, इस शुभ संयोग में विधि-विधान से पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
गणेश चतुर्थी 2026: बप्पा की स्थापना में कलश क्यों है जरूरी? जानें इसमें रखने वाली शुभ चीजें

5 of 5
हरतालिका तीज
– फोटो : freepik
हरतालिका तीज 2026 दिन-रात के चौघड़िया मुहूर्त
अमृत: सुबह 6:05 से 7:38 बजे तक
काल: सुबह 7:38 से 9:11 बजे तक
शुभ: सुबह 9:11 से 10:43 बजे तक
रोग: सुबह 10:43 से दोपहर 12:16 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 12:16 से 1:49 बजे तक
चर: दोपहर 1:49 से 3:22 बजे तक
लाभ: दोपहर 3:22 से 4:55 बजे तक
अमृत: शाम 4:55 से 6:28 बजे तक
रात का चौघड़िया
चर: शाम 6:28 से 7:55 बजे तक
रोग: शाम 7:55 से रात 9:22 बजे तक
काल: रात 9:22 से 10:49 बजे तक
लाभ: रात 10:49 से 12:16 बजे तक
उद्वेग: रात 12:16 से 1:43 बजे तक
शुभ: रात 1:43 से 3:11 बजे तक
अमृत: रात 3:11 से 4:38 बजे तक
चर: सुबह 4:38 से 6:05 बजे तक
Source link
#हरतलक #तज #पर #बनग #पज #क #चर #खस #महरत #जन #तथ #और #कब #कर #सकग #वरत #क #परण #Hartalika #Teej #Shubh #Muhurat #Vrat #Paran #Time #Hindi



