27 सितंबर 1932 को जन्मे Yash Chopra को दुनिया ने ‘किंग ऑफ रोमांस’ कहा. उनकी फिल्मों में प्यार था, बारिश थी, बर्फीली वादियां थीं, उड़ती हुई chiffon साड़ियां थीं और ऐसे किरदार थे जिनके इश्क को पर्दे पर देखने के बाद मोहब्बत थोड़ी और खूबसूरत लगने लगती थी. Yash Raj Films भी उन्हें पांच दशक से ज्यादा लंबे करियर वाला वह filmmaker मानता है जिसने हिंदी सिनेमा में romance और drama की भाषा को अलग पहचान दी.
लेकिन Yash Chopra की अपनी जिंदगी को अगर करीब से देखें, तो उनके किस्से उनकी फिल्मों से कम दिलचस्प नहीं हैं. मसलन, जब वह पहली बार मुंबई आए तो उनके बड़े भाई B.R. Chopra ने उनसे पूछा कि उस दौर के किसी बड़े superstar से मिलना है क्या. जवाब सुनकर शायद B.R. Chopra भी हैरान हुए होंगे.
Yash Chopra ने कहा, “मुझे एक songwriter से मिलना है… साहिर लुधियानवी से.”
स्टार नहीं, साहिर से मिलने की थी जिद
यह किस्सा Yash Chopra ने खुद Sahir Ludhianvi के जीवनीकार Akshay Manwani को सुनाया था. कॉलेज के दिनों में Yash, Sahir की शायरी पढ़ चुके थे और उनके प्रशंसक थे. इसलिए मुंबई पहुंचने के बाद उनकी दिलचस्पी किसी superstar से ज्यादा उस शायर से मिलने में थी, जिसकी कलम उन्हें पहले ही अपना दीवाना बना चुकी थी.
B.R. Chopra के जरिए दोनों की मुलाकात हुई और फिर यह रिश्ता सिर्फ एक filmmaker और lyricist का professional association नहीं रहा. Sahir आगे चलकर Chopra के cinema के सबसे महत्वपूर्ण creative सहयोगियों में शामिल हुए.
यानी जिस Yash Chopra को बाद में दुनिया romance का बादशाह कहने लगी, उसकी कहानी की शुरुआती धुन किसी heroine या superstar से नहीं, एक शायर की कविता से निकली थी.

Switzerland में अपनी ही कहानी से थे अनजान
Yash Chopra और Switzerland का रिश्ता किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं था. उनकी फिल्मों ने Switzerland की वादियों को भारतीय दर्शकों की romantic imagination का हिस्सा बना दिया. यहां तक कि Switzerland में Lauen Lake को unofficially ‘Chopra Lake’ कहा जाने लगा. YRF के मुताबिक Swiss government ने भी Yash Chopra को Switzerland को भारतीय दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनाने के लिए सम्मानित किया था.
लेकिन असली मजा उस anecdote में है जो ‘The Romantics’ में सामने आया.
एक बार Yash Chopra Switzerland में बस से सफर कर रहे थे. बस का conductor पर्यटकों को रास्ते की जगहें दिखाते हुए बता रहा था कि आगे एक lake आएगी, जिसे ‘Chopra Lake’ कहा जाता है.
और जिस शख्स के नाम से वह lake जुड़ी थी, वही Yash Chopra उस बस में एक आम tourist की तरह बैठा था. Conductor को पता तक नहीं था कि उसके सामने वही filmmaker बैठा है जिसने Switzerland को अपनी फिल्मों की romantic दुनिया का हिस्सा बना दिया था.
कितना फिल्मी irony है. जिस आदमी ने दुनिया को Switzerland दिखाया, एक दिन Switzerland की बस में बैठकर खुद अपनी बनाई हुई पहचान की कहानी सुन रहा था.
‘Daag’ में तीनों stars को मरना था!
Yash Chopra की filmmaking का एक और मजेदार किस्सा ‘Daag’ से जुड़ा है.
फिल्म में Rajesh Khanna, Sharmila Tagore और Rakhee जैसे बड़े कलाकार थे. लेकिन तीनों कलाकारों को लगता था कि अगर उनके किरदार की मौत हो जाए तो climax ज्यादा असरदार बनेगा.
Yash Chopra ने किसी एक को नाराज करने के बजाय तीन अलग-अलग endings शूट कर डालीं.
यानी एक फिल्म, तीन stars और तीन संभावित endings.
आखिरकार Yash Chopra ने वही ending रखी जो उन्हें सही लगी. अंतिम version में दोनों heroines साथ बैठकर knitting करती हैं और Rajesh Khanna बच्चों को horse riding सिखाते नजर आते हैं. यह किस्सा उनके असिस्टेंट रहे Ramesh Talwar ने बताया था.
यहां Yash Chopra का एक अलग चेहरा दिखता है. वह सिर्फ बड़े stars को लेकर फिल्म बनाने वाले director नहीं थे. उन्हें यह भी पता था कि star ego को कैसे handle करना है और आखिरी फैसला कैसे अपने हाथ में रखना है.
‘Kaala Patthar’ में तीन heroes और एक कमरा
अब कहानी ‘Kaala Patthar’ के दिनों की.
फिल्म की shooting के दौरान Amitabh Bachchan, Shashi Kapoor और Shatrughan Sinha समेत पूरी team Pune के Blue Diamond hotel में ठहरी थी. होटल में सबसे बड़ा suite सिर्फ एक था.
Amitabh उस समय टॉप स्टार थे. Shashi Kapoor और Shatrughan Sinha भी अपने-अपने स्टारडम के साथ मौजूद थे. ऐसे में सबसे बड़ा कमरा किसे मिले, यह छोटी बात होकर भी बड़ी समस्या बन सकती थी.
Yash Chopra ने solution निकाला.
उन्होंने वह सबसे बड़ा suite खुद ले लिया और Amitabh Bachchan, Shashi Kapoor और Shatrughan Sinha को बाकी कमरे दे दिए.
Ramesh Talwar ने बाद में बताया कि Yashji ने ऐसा टेंशन और किसी भी तरह की partiality के आरोप से बचने के लिए किया था.
यानी डायरेक्टर ने अपने लिए लक्जरी नहीं चुनी थी, बल्कि तीन बड़े स्टार्स के बीच बैलेंस बनाने का तरीका निकाला था.
अमिताभ और शत्रुघ्न के बीच की chemistry भी संभालते थे Yashji
‘Kaala Patthar’ के set पर stars की अपनी chemistry थी. Ramesh Talwar के मुताबिक Shatrughan Sinha को डर रहता था कि Amitabh और Shashi की दोस्ती और स्टार स्टेटस के बीच कहीं उनके हिस्से के सीन्स कम न हो जाएं.
एक्शन सीन्स में भी दोनों सितारों के बीच कम्पीटिशन की झलक दिखाई देती थी. कभी Shatrughan को लगता कि उन्हें ज्यादा चोट लग रही है, तो कभी Amitabh की प्रतिक्रिया सामने आती.
Yash Chopra ने scenes को इस तरह balance किया कि दोनों को उनका moment मिले.
आज के शब्दों में कहें तो Yash Chopra सिर्फ director नहीं थे. वह set पर star psychology भी संभाल रहे थे.
Pamela से पहली मुलाकात में Yashji ने कहा था- ‘Ghanti nahi baji’
जिस आदमी ने पर्दे पर प्रेम कहानियां बनाईं, उसकी अपनी love story की शुरुआत भी कुछ कम दिलचस्प नहीं थी.
Pamela Chopra और Yash की पहली मुलाकात को लेकर Pamela ने बताया था कि दोनों पहली नजर में एक-दूसरे से प्रभावित नहीं हुए थे.
Pamela ने अपने घर जाकर कहा था, “Theek hain, nothing great.”
उधर Yash Chopra ने भी अपने परिवार से कह दिया था, “Ghanti nahi baji.”
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई.
एक cricket match में दोनों पहले एक-दूसरे को देख चुके थे. Pamela को लगा था कि Yash उनकी खूबसूरत cousins को देख रहे हैं, जबकि Yash ने बाद में बताया कि उनकी नजर Pamela पर थी.
बाद में एक sangeet में Pamela को गाते हुए सुनकर Yash उनसे प्रभावित हुए. फिर Delhi में एक और मुलाकात हुई. Yash की flight miss हो गई और अगली मुलाकात ज्यादा सहज माहौल में हुई. Pamela ने याद किया कि Yash lungi-कुर्ता पहनकर जमीन पर बैठे थे और चम्मच से dholki बजा रहे थे.
इस बार दोनों को लगा कि शायद बात बन सकती है.
मुंबई लौटकर Yash ने परिवार से कहा- “Ghanti baj gayi.”
शायद यही वजह है कि उनकी फिल्मों का romance इतना सहज लगता था. क्योंकि पर्दे के बाहर भी Yash Chopra के लिए प्यार सिर्फ grand gestures का नाम नहीं था. कभी-कभी एक missed flight, एक गाना और जमीन पर बैठकर dholki बजाना भी काफी था.
Pamela फिल्मों से ज्यादा शब्दों के खेल की दीवानी थीं
Yash Chopra और Pamela की जिंदगी का एक और खूबसूरत किस्सा है.
Pamela Chopra बड़ी quiz enthusiast थीं. जब Shah Rukh Khan ‘Kaun Banega Crorepati 3’ host कर रहे थे, Pamela उनके शो के set पर पहुंचीं. लेकिन वह camera के सामने बैठकर attention नहीं चाहती थीं. वह अलग कमरे में बैठकर television screen पर शो देखती रहीं और खुद भी सवालों के जवाब देती रहीं.
दिलचस्प बात यह थी कि Pamela को फिल्मी सवालों से ज्यादा English language, words के meanings और उनकी origins से जुड़े सवाल पसंद थे.
यानी Yash Chopra के घर में cinema के बीच एक ऐसी आवाज भी थी जिसे शब्दों के पर्दे के पीछे की दुनिया ज्यादा रोमांचित करती थी.
और फिर आता है वह Yash Chopra, जो फिल्मों से बाहर भी फिल्मों जैसा था
Yash Chopra का करियर सिर्फ रोमांस तक सीमित नहीं था. ‘Dhool Ka Phool’, ‘Waqt’, ‘Ittefaq’, ‘Deewaar’, ‘Kaala Patthar’, ‘Silsila’, ‘Chandni’, ‘Lamhe’, ‘Darr’, ‘Dil To Pagal Hai’, ‘Veer-Zaara’ और ‘Jab Tak Hai Jaan’ तक उन्होंने अलग-अलग दौर और अलग-अलग इमोशंस को पर्दे पर जगह दी. YRF के ऑफिशियल प्रोफाइल के मुताबिक उन्होंने अपने करियरकी शुरुआत B.R. Chopra के assistant के रूप में की और बाद में उनके बैनर के लिए कई महत्वपूर्ण फिल्में निर्देशित कीं.
लेकिन शायद Yash Chopra को समझने का सबसे खूबसूरत तरीका उनकी फिल्मों की सूची देखना नहीं, उनके छोटे-छोटे किस्से सुनना है.
एक युवा लड़का जो superstar से मिलने के बजाय साहिर से मिलना चाहता था.
एक filmmaker जो Switzerland में अपनी ही ‘Chopra Lake’ की कहानी सुनता रहा और सामने वाले को पता तक नहीं था कि वह किससे बात कर रहा है.
एक director जिसने तीन stars को खुश करने के लिए तीन endings शूट कर डालीं.
एक filmmaker जिसने तीन बड़े heroes के बीच कमरे को लेकर होने वाली खींचतान खत्म करने के लिए सबसे बड़ा suite खुद ले लिया.
और वही आदमी जिसकी अपनी love story ‘घंटी नहीं बजी’ से शुरू होकर ‘घंटी बज गई’ तक पहुंची.
शायद इसीलिए Yash Chopra सिर्फ ‘King of Romance’ नहीं थे.
वह उन लोगों में थे जिन्होंने अपनी जिंदगी में भी cinema को महसूस किया और cinema में भी जिंदगी को.
27 सितंबर को उनकी birth anniversary पर उनकी फिल्मों के गाने जरूर याद कीजिए. लेकिन कभी उनके ये छोटे-छोटे किस्से भी याद कीजिएगा.
क्योंकि Yash Chopra की सबसे खूबसूरत कहानी शायद किसी फिल्म में नहीं, उनकी अपनी जिंदगी के इन छोटे-छोटे scenes में छिपी थी.
ये भी पढ़ें: राइज एंड फॉल 2 में पहले ही दिन पलटा पूरा खेल, किसी को मिले 4 लाख तो कोई पहुंचा सीधे बेसमेंट
The post होटल का वो एक कमरा और तीन सुपरस्टार… Yash Chopra ने ऐसे खत्म किया Ego का खेल, फिर जो हुआ वो… appeared first on Prabhat Khabar.


