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ग्वालियर-चंबल अंचल में मानसून की दस्तक का इंतजार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अंचल में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 25 जून है, लेकिन इस बार इसके जून के अंतिम सप्ताह में पहुंचने की संभावना है। शुक्रवार को दिनभर बादल छाए रहने के बावजूद उमस और गर्मी से राहत नहीं मिली। पिछले 18 वर्षों (2008-2025) के आंकड़े बताते हैं कि मानसून सिर्फ छह बार ही तय समय पर या उससे पहले पहुंचा, जबकि अधिकांश वर्षों में इसकी दस्तक देरी से हुई। इसके बावजूद बारिश पर इसका खास असर नहीं पड़ा। 18 वर्षों में आठ बार 800 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वर्ष 2025 में मानसून 19 जून को पहुंचा और रिकॉर्ड 1446 मिमी बारिश हुई, जबकि 2024 में 26 जून को दस्तक के बाद 1197 मिमी वर्षा दर्ज की गई। 2025 में दस्तक देते ही जमकर बरसे बादल: आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में मानसून 19 जून को पहुंचा और पूरे सीजन में 1446 मिमी वर्षा हुई, जो पिछले 18 वर्षों में सर्वाधिक रही। ऐसा पहली बार हुआ जब जून में मानसून के दस्तक देते ही लगातार बारिश हुई थी। आगे: आज और कल आंधी व बारिश की संभावना
मानसून 23 जून तक छत्तीसगढ़ पहुंच सकता है। इसके बाद मध्य प्रदेश में इसकी प्रगति होगी। अगले 48 घंटे के दौरान ग्वालियर-चंबल संभाग में आंधी और हल्की बारिश की संभावना है। मानसून इस बार देरी से पहुंचेगा, लेकिन बारिश कितनी होगी, इसका अनुमान अभी लगाना मुश्किल है। -अरुण शर्मा, वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक
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