20000 Borewells Dry, Basar University Online Classes

20000 Borewells Dry, Basar University Online Classes

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हैदराबाद21 मिनट पहले

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तेलंगाना के हैदराबाद में मानसून बीतने के महज 17 दिन बाद ही गर्मियों जैसा जलसंकट खड़ा हो गया है। शहर में आमतौर पर मार्च से पानी के टैंकरों की मांग बढ़ती थी, लेकिन इस बार अक्टूबर में ही रोजाना 8 हजार टैंकर बुक हो रहे हैं।

जल बोर्ड के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक 62,565 टैंकर बुक हुए, जबकि पिछले साल इसी दौरान 18,806 बुकिंग हुई थीं। यानी मांग 233% बढ़ गई है। बोडुप्पल इलाके में बीते साल की तुलना में 22 गुना टैंकरों की मांग बढ़ी है। यह संकट इसलिए भी असामान्य है, क्योंकि गर्मियों का मौसम अभी 5 महीने दूर है।

सबसे ज्यादा मार शहर के तेजी से बढ़ते रिहायशी व आईटी इलाकों पर पड़ी है। अपार्टमेंट, दफ्तर व अन्य की टैंकरों पर निर्भरता बढ़ती जा रही है। 20 हजार बोरवेल सूख चुके हैं। वहीं, जलाशयों में घटता पानी चिंता बढ़ा रहा है। जल बोर्ड ने पानी की खपत 20% घटाने की अपील की है।

पानी की कमी के चलते अब तेलंगाना की बासर यूनिवर्सिटी में सोमवार से क्लासेज ऑनलाइन होंगी। यहां रोज 25 लाख लीटर पानी की जरूरत है, लेकिन 10 लाख लीटर ही मिल रहा है।

किल्लत; सिंगूर जलाशय में 11% पानी, सामान्य सप्लाई 9 नवंबर तक ही संभव हैदराबाद को पानी देने वाले सिंगूर जलाशय में भंडार तेजी से घट रहा है। इसकी कुल क्षमता 29.91 टीएमसी है, जबकि 17 अक्टूबर को इसमें 3.416 टीएमसी पानी बचा था। यानी क्षमता का सिर्फ 11%।

आकलन के मुताबिक, पानी निकालने की मौजूदा दर जारी रही तो सिंगूर से सामान्य आपूर्ति के लिए पानी 9 नवंबर तक ही पर्याप्त होगा। इसके बाद विशेष पंपों से निकालकर 10 दिसंबर तक ही आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है।

इस साल 27% कम बारिश, 1 साल में जलस्तर 22 फीट नीचे – हैदराबाद में इस बार बारिश इतनी कम हुई कि मानसून भी भूजल की कमी पूरी नहीं कर सका। शहर में सामान्य 627 मिमी के मुकाबले 27% कम यानी 458 मिमी बारिश हुई। शहर के 16 में से 13 मंडलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें चारमीनार में 39% व सैदाबाद में 38% कमी रही। कम बारिश के कारण भूजल संकट गंभीर होने लगा है। – सितंबर 2025 के मुकाबले सितंबर 2026 में ग्रेटर हैदराबाद और आसपास के शहरी क्षेत्र का भूजल औसतन 22.5 फीट नीचे चला गया। तेजी से बढ़ते अपार्टमेंट, लगातार भूजल निकासी और कम बारिश ने समस्या गंभीर कर दी है।

घरों में बिस्तर के नीचे बोरवेल लगा पानी चोरी कर बेच रहे थे पानी की कमी के बीच कुछ इलाकों में अवैध भूजल कारोबार का मामला सामने आया है। सुन्नम चेरुवु झील के आसपास कुछ घरों में बिस्तर के नीचे और रसोई के भीतर बोरवेल लगाए गए थे। पानी पाइपलाइनों के जरिए स्टोरेज टैंकों तक पहुंचता था। फिर बड़े टैंकरों में भरकर बेचा जा रहा था। ड्रोन की मदद से इस कथित नेटवर्क का पता चला। 15 बोरवेल और उनसे जुड़ी पाइपलाइनें हटाई गई हैं।

देश के जलाशयों में पिछले साल से 28 फीसदी कम पानी देश के प्रमुख जलाशयों में पिछले साल के मुकाबले 28% कम पानी है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, 178 जलाशयों में 123.2 अरब घनमीटर पानी है। यह क्षमता का 67% है, जबकि बीते साल 93% था। यानी 26% अंक घटा है। सबसे गंभीर स्थिति दक्षिण भारत की है। आंध्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु व तेलंगाना के 50 जलाशयों में 42% पानी है।

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