इंदौर में एक सप्ताह से लगातार बारिश का दौर जारी है। पिछले तीन दिनों के भीतर ही शहर में छह इंच से ज्यादा पानी बरस चुका है। इसे मिलाकर चालू मानसून सीजन में अब तक कुल 11 इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है। शुक्रवार की शाम को तेज बारिश होने के बाद रातभर से रुक-रुककर कहीं हल्की तो कहीं रिमझिम फुहारें गिर रही हैं। शनिवार सुबह भी मौसम का यही मिजाज बना हुआ है और आसमान में काले बादल छाए हुए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि आज भी शाम तक शहर के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।
शुक्रवार शाम को अचानक शुरू हुई तेज बारिश करीब दो घंटे तक लगातार जारी रही और फिर थम गई। इस अल्पावधि में ही मौसम केंद्र पर करीब ढाई इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद देर रात को एक बार फिर रिमझिम बारिश का सिलसिला शुरू हो गया जो सुबह तक चलता रहा। पिछले तीन दिनों से शहर का अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है जबकि न्यूनतम तापमान 21 से 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। मौसम की स्थिति ऐसी है कि बारिश के दौरान तो वातावरण में अच्छी ठंडक घुल जाती है लेकिन पानी थमते ही कुछ समय बाद उमस लोगों को परेशान करने लगती है।
दोहरा मानसून सिस्टम मेहरबान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस समय पूरे मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है जिसके चलते प्रदेशभर में जमकर पानी बरस रहा है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि इंदौर पर इस समय दोहरा मानसून सिस्टम मेहरबान है। मुंबई में सक्रिय अरब सागर के सिस्टम का असर मालवा अंचल तक दिखाई दे रहा है। दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती सिस्टम प्रदेश के जबलपुर, रीवा और भोपाल संभाग में भारी बारिश करा रहा है। इसी दोहरे प्रभाव के कारण इंदौर सहित पूरे प्रदेश में अच्छी वर्षा हो रही है। यह मौसमी सिस्टम अगले तीन से चार दिनों तक और सक्रिय रहेगा जिससे जुलाई का पहला हफ्ता पूरी तरह पानीदार रहने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू, मलेरिया के लिए एडवाइजरी जारी की
मानसून के सक्रिय होते ही जलजनित और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य एडवाइजरी जारी की है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि दूषित पानी और अस्वच्छ वातावरण के कारण डायरिया, टाइफाइड, पीलिया, पेचिश, हैजा, मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं। इन मौसमी बीमारियों का सबसे अधिक और सीधा असर बच्चों तथा बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ता है इसलिए उन्हें विशेष देखभाल की जरूरत है।
पीने का पानी उबालकर उपयोग करें
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अत्यधिक वर्षा और जलभराव के बाद पेयजल स्रोतों के दूषित होने की संभावना काफी बढ़ जाती है जिससे जलजनित रोगों का प्रकोप फैलता है। इसी वजह से नागरिकों को केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी पीने की हिदायत दी गई है। लोगों को ताजा भोजन करने तथा भोजन पकाने में साफ पानी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने व्यक्तिगत स्वच्छता पर जोर देते हुए भोजन करने से पहले और शौच के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोने की बात कही है।
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