वैभव सूर्यवंशी की इन कमियों की हो रही है बात, जोफ्रा आर्चर की पुरानी बात पर छिड़ी चर्चा

वैभव सूर्यवंशी की इन कमियों की हो रही है बात, जोफ्रा आर्चर की पुरानी बात पर छिड़ी चर्चा

वैभव सूर्यवंशी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी तीन मैचों में महज 42 रन ही बना पाए हैं

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 7 मिनट

श्रेयस अय्यर को पहली बार टी-20 फ़ॉर्मेट की कप्तानी मिली लेकिन टीम को लगातार पांच मैचों में हार का सामना करना पड़ा है.

आयरलैंड के साथ दो मैचों में वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली तो भारत में सोशल मीडिया पर तीखी बहस हो रही थी कि उन्हें क्यों नहीं मौक़ा दिया जा रहा है.

इंग्लैंड के साथ पाँच मैचों की टी-20 सिरीज़ के दूसरे मैच में वैभव को मौक़ा मिला. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यह उनका डेब्यू था और 10 गेंदों पर वो 14 रन बनाकर आउट हो गए.

तीसरे मैच में भारत 125 रनों से हारा और वैभव पाँच गेंद पर 13 रन बनाकर आउट हो गए. चौथे मैच में वैभव 10 गेंद पर 15 रन बनाकर आउट हुए. वैभव के बारे में कहा जा रहा है कि वह हर गेंद पर अटैक के मूड में रहते हैं और यही अप्रोच उन पर भारी पड़ रहा है.

वैभव ब्रिस्टल के काउंटी ग्राउंड में खेले जा रहे चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबले में 10 गेंदों पर 15 रन बनाकर आउट हो गए. अपने अब तक के तीनों अंतरराष्ट्रीय मैचों में वह बैक-ऑफ-लेंथ गेंदों के ख़िलाफ़ संघर्ष करते दिखे हैं.

कहा जा रहा है कि अगर वैभव सूर्यवंशी को लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट में जमे रहना है तो उन्हें सिर्फ़ आईपीएल की सपाट पिचों पर ही नहीं, बल्कि दुनिया भर में अलग-अलग परिस्थितियों में भी रन बनाने होंगे.

पिछले दो टी-20 मैचों में इस रणनीति से सफलता मिलने के बाद राजस्थान रॉयल्स में वैभव सूर्यवंशी के टीममेट जोफ्रा आर्चर ने पहले ही ओवर में दो बार शॉर्ट गेंद फेंकी.

युवा बल्लेबाज़ ने दोनों गेंदों पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन बल्ले से मनचाहा संपर्क नहीं बना सके.

आर्चर ने लगातार शरीर को निशाना बनाकर गेंदबाज़ी की और सिर्फ़ आठ गेंदों के भीतर ही 15 साल के वैभव का विकेट हासिल कर लिया. लगातार दूसरे मैच में उन्होंने वैभव सूर्यवंशी को अपना शिकार बनाया.

जोफ़्रा आर्चर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, जोफ़्रा आर्चर ने लगातार दूसरी बार वैभव सूर्यवंशी को आउट किया है

जोफ़्रा आर्चर की पुरानी बात

आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद पर राजस्थान रॉयल्स की शानदार जीत के बाद जोफ्रा आर्चर ने वैभव सूर्यवंशी के ख़िलाफ़ अपनी गेंदबाज़ी की योजना बताने से मज़ाकिया अंदाज़ में इनकार कर दिया था.

आईपीएल के आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर वायरल हुए मैच के बाद के इंटरव्यू में आर्चर से पूछा गया था कि क्या नेट्स में सूर्यवंशी को गेंदबाज़ी करते हुए उन्होंने उन्हें रोकने का कोई फॉर्मूला खोज लिया है.

अपने युवा टीममेट की बल्लेबाज़ी की किसी संभावित कमज़ोरी बताने के बजाय इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ने मज़ाक में सवाल को टाल दिया था.

आर्चर ने मुस्कुराते हुए कहा था कि वह आईपीएल ख़त्म होने के बाद बताएंगे कि सूर्यवंशी के सामने कैसी गेंदबाज़ी करेंगे. उनके इस जवाब ने अनुमान लगाने पर मजबूर कर दिया था.

जब आर्चर से पूछा गया कि क्या वह नेट्स में सूर्यवंशी को गेंदबाज़ी करते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, “कभी-कभी.”

इसके बाद जब प्रेजेंटर ने उनसे पूछा कि वह सूर्यवंशी के सामने आख़िर कैसी गेंद फेंकते हैं, तो आर्चर ने हँसते हुए कहा था, “मैं आपको आईपीएल के बाद बताऊंगा.” अब आर्चर अपनी गेंदबाज़ी से बता रहे हैं कि वैभव सूर्यवंशी से कैसे निपटना है.

ब्रिस्टन में शॉर्ट गेंद को पुल करने की कोशिश में वैभव सूर्यवंशी ने मिड-ऑन पर सैम करन को आसान कैच थमा दिया. इसके साथ ही उनकी 10 गेंदों की पारी समाप्त हो गई. बाएं हाथ के बल्लेबाज़ वैभव ने अब तक मिले तीन मौक़ों में सिर्फ 42 रन बनाए हैं.

वैभव सूर्यवंशी

वरिष्ठ खेल पत्रकार विक्रांत गुप्ता ने एक्स पर लिखा है, ”वैभव सूर्यवंशी जितनी जल्दी अपनी बल्लेबाज़ी के ‘सोडा-बोतल इफेक्ट’ वाले अंदाज़ से बाहर निकलेंगे, उतना ही उनके लिए बेहतर होगा. क्रिकेट में विपक्षी टीमों तक जानकारी बहुत तेज़ी से पहुंचती है. अब टीमें उनकी कमज़ोरी को निशाना बनाएंगी, उनके शरीर और गले की लाइन पर उछाल वाली गेंदें फेंकेंगी और उन्हें ऐसी गेंदों पर जोखिम भरे शॉट खेलने के लिए मजबूर करने की कोशिश करेंगी.”

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पहचान मुख्य रूप से इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में बनाई है, जहाँ की परिस्थितियां बिल्कुल अलग होती हैं. इंग्लैंड की परिस्थितियों में भारतीय बल्लेबाज़ों को ऐतिहासिक रूप से संघर्ष करना पड़ा है और इस दौरे पर भी वही देखने को मिला है.

केवल सूर्यवंशी ही नहीं, बल्कि टीम के दूसरे बल्लेबाज़ भी रन बनाने के लिए जूझ रहे हैं. अभिषेक शर्मा और नए कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें तो बाक़ी बल्लेबाज़ों का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है. हालांकि ये दोनों भी अपनी सर्वश्रेष्ठ लय में नहीं दिखे हैं.

हालांकि सचिन तेंदुलकर ने भी शुरुआती वनडे मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. पाकिस्तान और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अपने पहले दो वनडे मुक़ाबलों में सचिन लगातार दो बार बिना खाता खोले आउट हुए थे.

वैभव सूर्यवंशी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, 9 जुलाई को इंग्लैंड के ब्रिस्टल स्थित सीट यूनिक स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए चौथे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच के अंत में इंग्लैंड के हैरी ब्रूक भारत के वैभव सूर्यवंशी से हाथ मिलाते हुए

वैभव की बल्लेबाज़ी

आईपीएल के दौरान भी यह चर्चा थी कि शॉर्ट पिच गेंदों के ख़िलाफ़ उनकी बल्लेबाज़ी बहुत मज़बूत नहीं है. मौजूदा टी-20 सिरीज़ के साथ-साथ पिछले महीने श्रीलंका में खेली गई त्रिकोणीय वनडे सीरीज़ में भी उन्होंने ऐसा प्रदर्शन किया, जिससे उन आशंकाओं को कुछ हद तक सही साबित होने का आधार मिला था.

क्रिकेट की गहरी समझ रखने वाले इतिहासकार मुकुल केसवन ने इसी साल आईपीएल ख़त्म होने के बाद अंग्रेज़ी अख़बार टेलीग्राफ़ में लिखा था कि वह वैभव सूर्यवंशी की पारी शुरुआत से अंत तक क्यों नहीं देखते हैं.

मुकुल केसवन ने लिखा था, ”मैं वैभव सूर्यवंशी की पूरी पारी शुरुआत से अंत तक नहीं देखता. इसकी वजह सीधी है. आईपीएल इतना ज़्यादा बल्लेबाज़ों, ख़ासकर बड़े शॉट लगाने वालों के पक्ष में झुका हुआ है कि छक्के-चौकों की अहमियत ही कम हो जाती है. लगातार बड़े शॉट देखकर एक समय के बाद मन भर जाता है और दिलचस्पी कम होने लगती है.”

”टी-20 में बड़े शॉट लगाने वाले बल्लेबाज़ टेस्ट क्रिकेट के बल्लेबाज़ों की तुलना में कहीं अधिक जोखिम उठाते हैं. लेकिन विडंबना यह है कि उनके पास सिर्फ़ 20 ओवर में 10 विकेट गंवाने का ख़तरा होता है, जबकि टेस्ट क्रिकेट में आम तौर पर 80 या 90 ओवर तक बल्लेबाज़ी करनी होती है. इसलिए लंबे प्रारूप में बल्लेबाज़ी को रोमांचक बनाने वाला दबाव और जोखिम टी-20 में काफ़ी कम हो जाता है. जब सूर्यवंशी ने आईपीएल में जसप्रीत बुमराह के एक ओवर में दो छक्के लगाए, तो मेरे मन में एक साथ दो बातें आईं. पहली, “वाह.” और दूसरी, “अब यही काम टेस्ट क्रिकेट में बुमराह के ख़िलाफ़ करके दिखाइए.”

मुकुल केसवन ने लिखा है, ”बेशक, यह तुलना पूरी तरह उचित नहीं है. अगर किसी समानांतर दुनिया में टेस्ट क्रिकेट होता ही नहीं और सिर्फ़ टी-20 क्रिकेट ही खेला जाता, तो शायद मेरे जैसे दर्शक दोनों प्रारूपों की तुलना ही नहीं करते. तब संभव है कि मैं सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाज़ी का बिना किसी शर्त के पूरा आनंद लेता.”

”लेकिन अगर उसी दुनिया में मैं ऐसा प्रवासी भारतीय होता, जिसे मेजर लीग बेसबॉल और आईपीएल, दोनों की अच्छी समझ होती, तो शायद मैं फिर भी तुलना करता. जैसे कई प्रवासी भारतीय करते हैं. मैं यह सवाल उठाता कि 1960 के दशक के आखिर में एमएलबी के प्रशासकों ने बल्लेबाज़ और पिचर के बीच संतुलन बहाल करने के लिए खेल के नियमों में बदलाव किए, जबकि आईपीएल लगातार बल्लेबाज़ों को बढ़त देने के लिए छोटी बाउंड्री, फ्री हिट और फील्डिंग प्रतिबंध जैसे नियमों को बढ़ावा देता रहा है.”

वैभव सूर्यवंशी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, वैभव सूर्यवंशी ने इसी सिरीज़ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था

भारत की हार पर क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स

लगातार पाँच मैचों में हार के बाद एक बार फिर से टीम सिलेक्शन और प्लेइंग इलेवन पर सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और क्रिकेट की अच्छी समझ रखने वाले शशि थरूर ने एक्स पर लिखा है, ”मैं सचमुच नि:शब्द हूँ. समझ नहीं आ रहा कि क्या कहूँ. पूरी तरह स्तब्ध हूँ. यह एक और ऐसी शर्मनाक हार है, जिसे बयां करना मुश्किल है. सच कहूं तो अब कहने के लिए कुछ भी नहीं बचा है.”

वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने लिखा है, ”फ़रवरी में टी-20 विश्व कप जीतने वाली यही भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड के सामने पूरी तरह बेबस नज़र आ रही है. बहुत कम मौक़ों पर भारतीय टीम इतनी फीकी और रणनीति के मामले में इतनी लाचार दिखाई दी है. यह एक बात भी साफ़ कर देता है कि इस टीम के लिए जसप्रीत बुमराह से ज़्यादा अपरिहार्य कोई खिलाड़ी नहीं है. वह भारत के असली मैच विनर हैं. अक्सर कहा जाता है कि एक खिलाड़ी अकेले टीम नहीं बनाता. लेकिन बुमराह इस नियम के अपवाद हैं.”

इंग्लैंड से लगातार तीसरी हार पर भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफ़ान पठान ने लिखा है, ”पहले बल्लेबाज़ी करते हुए हमारे बल्लेबाज़ औसत स्कोर तक नहीं बना पा रहे हैं. वहीं लक्ष्य का पीछा करते समय वे मुक़ाबले के आसपास भी नज़र नहीं आते.”

”गेंद जब एक्स्ट्रा उछाल या हरकत करती है तो भारतीय बल्लेबाज़ असहज स्थिति में फँस जाते हैं. अगर वे नहीं चाहते कि उन्हें सिर्फ़ सपाट पिचों पर रन बनाने वाला बल्लेबाज़ कहा जाए, तो उन्हें अब तक के अपने प्रदर्शन से कहीं बेहतर खेल दिखाना होगा.

”श्रेयस अय्यर ने बेहतरीन पारी खेली. जिस तरह वह मध्य ओवरों को नियंत्रित करते हैं, वह एक मास्टरक्लास है. वह लगातार स्ट्राइक रोटेट करते रहते हैं और सोच-समझकर जोखिम उठाने के लिए सही मौक़ों का चुनाव करते हैं. दूसरे बल्लेबाज़ों को भी उनसे सीख लेनी चाहिए.”

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

Source link
#वभव #सरयवश #क #इन #कमय #क #ह #रह #ह #बत #जफर #आरचर #क #परन #बत #पर #छड #चरच

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *