कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे के पास बांकड़ा मस्जिद कब बनी थी और क्या है पूरा विवाद

कोलकाता एयरपोर्ट के रनवे के पास बांकड़ा मस्जिद कब बनी थी और क्या है पूरा विवाद

बांकड़ा मस्जिद

इमेज स्रोत, Sanjay Das/BBC

इमेज कैप्शन, एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के मुताबिक़, किसी भी रनवे के 240 मीटर के दायरे में कोई ढांचा नहीं होना चाहिए (सांकेतिक तस्वीर)

प्रकाशित

पढ़ने का समय: 6 मिनट

कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट परिसर के अंदर मौजूद बांकड़ा मस्जिद को हटाए जाने को लेकर अटकलें तेज़ हो चुकी हैं.

बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी ने पुष्टि की है कि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के अधिकारियों ने परिसर में स्थित 136 साल पुरानी एक मस्जिद में नमाज़ पर रोक लगा दी है.

उन्होंने बताया कि पहले शुक्रवार शाम से तीन दिनों के लिए इस पर रोक लगा दी गई थी लेकिन अब तक यह रोक नहीं हटाई गई है.

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस फ़ैसले का समर्थन किया है. मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार किसी को उसके धर्म का पालन करने से नहीं रोक रही है लेकिन एयरपोर्ट की सुरक्षा ज़्यादा अहम है.

एयरपोर्ट अधिकारियों ने अपने एक बयान में कहा है कि ‘अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा नियमों के मुताबिक़, किसी भी रनवे के 240 मीटर के दायरे में कोई ढांचा नहीं होना चाहिए, लेकिन बांकड़ा एयरपोर्ट मस्जिद रनवे से महज़ 165 मीटर दूर है. इसी वजह से उसे वहां से दूसरी जगह शिफ़्ट करना ज़रूरी है.’

बयान के मुताबिक़, “मस्जिद एयरपोर्ट की सुरक्षा के लिए चिन्हित इलाक़े के भीतर है. उस इलाक़े की सुरक्षा का ज़िम्मा सीआईएसएफ़ पर है. वो पहले ही मस्जिद के वहां होने पर आपत्ति जता चुकी है.”

मस्जिद समिति के महासचिव मोहम्मद ज़मीरुददीन ने पत्रकारों को बताया, “मस्जिद को वहां से हटाने के लिए लंबे समय से बातचीत चल रही थी. एयरपोर्ट के अधिकारियों ने मस्जिद के लिए दूसरी जगह देने का भरोसा दिया था. लेकिन वहां प्रवेश पर रोक लगाने से पहले समिति को कोई नोटिस नहीं दिया गया.”

बांकड़ा मस्जिद

इमेज स्रोत, Sanjay Das/BBC

इमेज कैप्शन, जानकारों के मुताबिक़, कोलकाता एयरपोर्ट की स्थापना 1924 में हुई थी और मस्जिद 1890 में बनी थी (फ़ाइल फ़ोटो)

कहां है बांकड़ा मस्जिद?

कोलकाता में बीबीसी के सहयोगी पत्रकार प्रभाकर मणि तिवारी जानकारों के हवाले से बताते हैं कि कोलकाता एयरपोर्ट की स्थापना 1924 में हुई थी जबकि वो मस्जिद वहां 1890 में बनी थी. उस समय वह इलाक़ा अविभाजित बंगाल में था और गांव वालों के पैसों से उसका निर्माण किया गया था. किसी दौर में सातखीरा (अब बांग्लादेश में) और उसके आसपास के गांवों के लोग भी नमाज़ पढ़ने इस मस्जिद में आते थे.

पहले इस मस्जिद का नाम गौरीपुर जामे मस्जिद था. बाद में इसका नाम बदल कर बांकड़ा एयरपोर्ट मस्जिद कर दिया गया.

प्रभाकर मणि तिवारी बांकड़ा मस्जिद में जाकर नमाज़ पढ़ने की प्रक्रिया भी बताते हैं.

उनका कहना है कि जैसोर रोड स्थित आठ नंबर गेट से 20 लोगों को सुरक्षा और पहचान पत्रों की गहन जांच के बाद सीआईएसएफ़ की निगरानी में बस से मस्जिद तक ले जाया जाता था.

सिद्दिक़ुल्लाह चौधरी

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दिक़ुल्लाह चौधरी ने कहा है कि 1890 में बांकड़ा गांव में ये मस्जिद बनी थी

टीएमसी का क्या है कहना

एक ओर जहां सत्ताधारी बीजेपी का तर्क है कि एयरपोर्ट के रनवे के पास सुरक्षा कारणों से मस्जिद नहीं होनी चाहिए.

वहीं विपक्षी टीएमसी और मस्जिद की देखरेख से जुड़े संगठन पश्चिम बंगाल जमीयत उलेमा ए हिंद ने कहा है कि एयरपोर्ट प्रशासन की जो भी चिंताएं हैं, उस पर बैठकर बात की जा सकती है.

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सौगत रॉय ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि ये मस्जिद 136 साल पुरानी है और स्थानीय लोग इसमें नमाज़ पढ़ते हैं, शनिवार से इस मस्जिद में नमाज़ पढ़ना बंद कर दिया गया है.

उन्होंने कहा, “ऐसा बोला गया था कि दो दिन के बाद मस्जिद में आने दिया जाएगा लेकिन दो दिन के बाद भी ये शुरू नहीं हुई. सीआईएसएफ़ कह रहा है कि ऊपर से ऑर्डर नहीं हैं. मैं समझता हूं कि ये लोगों की आस्था पर हमला है. मैं इसकी निंदा करता हूं और मैं मांग करता हूं कि मस्जिद को नमाज़ के लिए फिर से खोला जाना चाहिए. अगर मस्जिद को हटाना है तो स्थानीय लोगों की सहमति से इसे हटाया जाए.”

सौगत रॉय ने कहा कि ये मस्जिद 136 साल पुरानी है और बीजेपी सरकार बनने के बाद अचानक इसको लेकर सवाल उठाया जाने लगा, ऐसी बात नहीं है कि विमान नहीं उड़ रहा है.

पश्चिम बंगाल जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री सिद्दिक़ुल्लाह चौधरी ने कहा है कि 1890 में बांकड़ा गांव में ये मस्जिद बनी थी, और अब एयरपोर्ट अथॉरिटी और विमानन मंत्रालय ने नमाज़ बंद करा दी है.

उन्होंने कहा, “आज तक बांकड़ा गांव के ख़िलाफ़ एक भी सबूत नहीं है कि यहां के किसी शख़्स ने क़ानून तोड़कर कोई काम किया हो. एयरपोर्ट के डायरेक्टर को मैंने तीन दफ़ा परसों फ़ोन किया. तीन दफ़ा एयरपोर्ट थाने में फ़ोन किया. लेकिन किसी ने भी फ़ोन नहीं उठाया और न ही जवाब दिया. पुलिस और ताक़त के बल पर यह काम करना ठीक नहीं है.”

“हम 30 साल से यह कहते आ रहे हैं कि हमारे साथ बैठकर बात करिए और जो परेशानी है उसको देख सकते हैं. लेकिन अचानक ताक़त इस्तेमाल करके वो ग़लत काम कर रहे हैं. बीते 71 सालों के रिकॉर्ड में मस्जिद का नाम दर्ज है और कोई ग़ैर क़ानूनी काम वहां नहीं हो रहा है.”

दिलीप घोष

इमेज स्रोत, ANI

इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष का कहना है कि मस्जिद को हटाकर रनवे को बड़ा किया जाएगा

‘एयरपोर्ट के अंदर ऐसा कंस्ट्रक्शन नहीं होता’

वहीं बीजेपी नेता और राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने कहा है कि मस्जिद को हटाया जाएगा और रनवे का विस्तार किया जाएगा.

उन्होंने कहा, “बाबरी मस्जिद की जहां चर्चा होती थी, उसे भी हटाया गया और उसके लिए भी ज़मीन दी गई. आस्था की बात ठीक है लेकिन कभी किसी एयरपोर्ट के अंदर इस तरह का कंस्ट्रक्शन नहीं होता है. उसमें जो आने-जाने वाले लोग हैं वो समझ गए हैं और हट गए हैं. इसको हटाया जाएगा, रनवे को बड़ा किया जाएगा और कोलकाता एयरपोर्ट की क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा.”

मेघालय के पूर्व गवर्नर और बीजेपी नेता तथागत रॉय का कहना है कि मस्जिद को हटाने का काम एयरपोर्ट प्रशासन को काफ़ी पहले करना चाहिए था.

उन्होंने कहा, “किसी एयरपोर्ट पर इतने नज़दीक मस्जिद का रहना सुरक्षा के लिए हानिकारक है और इसे हटाने का काम पहले करना चाहिए था. पिछली सरकारों ने मुसलमानों के वोट के लिए ऐसा नहीं किया और इस सरकार ने जो तय किया उसका स्वागत है.”

दमदम उत्तर से बीजेपी विधायक सौरभ सिकदार ने कहा है कि संबंधित पक्षों को सुरक्षा के मुद्दे को अहमियत देते हुए रनवे के विस्तार में सहयोग करना चाहिए और उस मस्जिद को वहां से दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

Source link
#कलकत #एयरपरट #क #रनव #क #पस #बकड #मसजद #कब #बन #थ #और #कय #ह #पर #ववद

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *