शनिवार को शहर में दिन में बादल छाए और दोपहर में निकली धूप ने गर्मी व उमस का अहसास करवाया। दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो …और पढ़ें

HighLights
- शनिवार को शहर में दिन में बादल छाए और दोपहर में निकली धूप ने गर्मी व उमस का अहसास करवाया
- दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था
- वहीं न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शनिवार को शहर में दिन में बादल छाए और दोपहर में निकली धूप ने गर्मी व उमस का अहसास करवाया। दिन में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। वही न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक था। इंदौर में 20 जुलाई के बाद गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं।
भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में एक ऊपरी हवा का चक्रवात उत्तरी झारखंड व बंगाल पर बना हुआ है। वही एक द्रोणिका अमृतसर, करनाल व हरदोई से जा रहा है। आगामी दिनों में यह नीचे आएगी। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक एक ऊपरी हवा का चक्रवात हरियाणा पर बना हुआ है, वही एक ऊपरी हवा चक्रवात दक्षिण पश्चिम मप्र पर बना हुआ है। इनके प्रभाव से 20 जुलाई से इंदौर में हल्की वर्षा होगी और तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।
छाएगे बादल, छिटपुट वर्षा से करना पड़ेगा संतोष
इंदौर सहित प्रदेश भर में मानसून की गति पर ब्रेक लगने के कारण वर्षा की गतिवधियां गायब हो गई है। इस वजह से वर्षा के माैसम में भी शहरवासियों को अभी दिन के साथ रात में भी गर्मी का अहसास हो रहा है।
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक आगामी सप्ताह में इंदौर में गरज-चमक के साथ वर्षा शहरवासियों को राहत देगी। दिन व रात के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी। हालांकि उमस व गर्मी का असर बरकरार रहेगा। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के विज्ञानियों के मुताबिक वर्तमान में बंगाल के पश्चिमी हिस्से और उससे लगे झारखंड पर एक चक्रवाती हवा का घेरा बना हुआ है।
वहीं अब मानसून द्रोणिका अमृतसर, करनाल, हरदोई, रांची और दीघा से होकर उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। आगामी दिनों में यह नीचे आएगी। इसके प्रभाव से इंदौर में 20 जुलाई के बाद गरज-चमक के साथ वर्षा की गतिवधियां दिखाई देगी। इसके अलावा एक ऊपरी हवा चक्रवात उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों पर समुद्र तल से 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है।
वहीं एक अन्य चक्रवाती हवाओं का घेरा पूर्वी उत्तर प्रदेश पर भी बना हुआ है। एक अन्य ऊपरी हवा का चक्रवात दक्षिण पश्चिम मप्र पर बना हुआ है। इनके प्रभाव अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण प्रदेश में बादल बनेगे और वर्षा की गतिवधियां बढ़ेगी। अगले दो दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से में वर्षा होगी। वही 20 जुलाई के बाद इंदौर सहित पश्चिमी मप्र के हिस्सों में वर्षा होने की संभावना है।
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