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रीवा में सड़क दुर्घटना में 105 श्रुतमति माताजी और 105 उपसमति माताजी के निधन के बाद जैन समाज में गहरा आक्रोश है। सकल जैन समाज ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की है। समाजजनों ने इसे सामान्य दुर्घटना मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने घटना की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है। इसी क्रम में रविवार शाम माधवगंज चौराहे से एक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। इसमें बड़ी संख्या में बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। हाथों में मोमबत्तियां लिए समाजजन शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नीमताल चौराहे पहुंचे। यहां दोनों माताजी को विनयांजलि अर्पित की गई। इस दौरान णमोकार महामंत्र और ‘मेरी भावना’ का सामूहिक पाठ कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की गई। समाजजनों ने अपनी बात रखते हुए कहा कि जैन साधु-संत अहिंसक, निहत्थे और तपस्वी होते हैं। वे पैदल विहार कर संयम, शांति और अहिंसा का संदेश देते हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ऐसे संतों के साथ बढ़ती दुर्घटनाएं और हमले समाज के लिए गंभीर विषय हैं। समाज ने मांग की है कि साधु-संतों के विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। समाजसेवी नरेंद्र सोनी ने इस घटना को अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह जानबूझकर की गई प्रतीत होती है। सोनी ने तर्क दिया कि सुबह के समय जब माताजी विहार कर रही थीं, तब इस प्रकार की घटना होना किसी गंभीर साजिश की ओर संकेत करता है। उन्होंने कहा कि केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि पूरा हिंदू समाज इस घटना का विरोध करता है और साधु-संतों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग करता है। व्यापार महासंघ के पदाधिकारी आशीष माहेश्वरी ने भी इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि घटना के जो वीडियो सामने आए हैं, वे इसे सामान्य हादसा नहीं दर्शाते। माहेश्वरी ने मामले में एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने जोर देकर कहा कि साधु-संत समाज को जागृत करने का कार्य करते हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की घटना होना बेहद निंदनीय है। जैन समाज के पदाधिकारी बबलू भंडारी ने कहा कि माताजी का विहार चल रहा था, तभी वाहन चालक ने टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं और बाद में उनका समाधि मरण हो गया। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि साधु-संतों के विहार के दौरान सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता मंजरी जैन ने कहा कि रीवा की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। जैन समाज शांतिप्रिय और अहिंसावादी समाज है। जैन साधु-संत त्याग और तपस्या का जीवन जीते हुए पैदल विहार करते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यह केवल दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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