Cjp से सेंटर तक:बहुत कुछ पहली बार घटा, छात्र आंदोलन ने ‘नई पीढ़ी का तरीका दिखाया; 36 दिन में तंत्र की ‘सफाई’ – Cjp Aka Cockroach Insta To Jantar Mantar In India Many First Time Things Students And New Generation Approach
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की एक कथित टिप्पणी में कॉकरोच शब्द के इस्तेमाल से शुरू हुए इस प्रसंग में अब तक बहुत कुछ घट चुका। इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम की मुहिम अमेरिका से शुरू हुई और सेंटर यानी भारत की राष्ट्रीय राजधानी तक आ पहुंची। लंबे छात्र आंदोलन के बाद शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हुआ। बहुत कुछ पहली बार घटा। दिल्ली के इस बहुचर्चित आंदोलन में क्या कुछ खास रहा, पढ़िए इस रिपोर्ट में
जंतर मंतर पर सीजेपी का आंदोलन फिलहाल समाप्त हुआ – फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स-एजेंसी
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आंदोलनों की मदद से क्या बदला जा सकता है? इस सवाल का एक जवाब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की एक महीने से अधिक समय की दिल्ली में हुई लड़ाई में मिलता है। दरअसल, इसी साल मई महीने में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया। इसके बाद वे कई मौकों पर सफाई दे चुके हैं कि उनकी बातों का गलत मतलब निकाला गया। मीडिया में रिपोर्ट की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्होंने देश के सभी युवाओं को लेकर टिप्पणी नहीं की है। हालांकि, इस टिप्पणी के बाद अमेरिका में बैठे अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नाम की मुहिम शुरू की। सोशल मीडिया पर इससे करोड़ों युवा जुड़े। अभिजीत भारत आए और आंदोलन दिल्ली तक पहुंचा। जंतर मंतर पर शुरू हुए धरना-प्रदर्शन में लद्दाख के सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने 26 दिनों की भूख हड़ताल की। सीजेपी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जो 25 जुलाई को पूरी हुई। इसे देखने का एक नजरिया यह है कि जंतर मंतर पर जमा हुए हजारों युवा ये दिखाने में सफल रहे कि ‘नई पीढ़ी का नया तरीका’ कैसा है? 36 दिन में तंत्र की ‘सफाई’ का जिक्र करते हुए सीजेपी ने कहा है कि वे युवाओं के मुद्दे उठाते रहेंगे, अभी जो हुआ ये केवल ट्रेलर है। बीते करीब तीन महीने में बहुत कुछ ऐसा रहा जो पहली बार हुआ। पढ़िए अमर उजाला की ये रिपोर्ट