झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर कई दिनों से छात्र सड़क पर हैं। आंदोलन, धरना और भूख हड़ताल के बीच छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र ने बुधवार को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी फोन पर बातचीत की।
ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर देवेंद्र नाथ महतो कौन हैं, उनकी राजनीतिक और आंदोलनकारी पृष्ठभूमि क्या है? वे इन दिनों सुर्खियों में क्यों हैं? पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ? सरकार ने क्या कदम उठाए?
अभी चर्चा में क्यों हैं देवेंद्र नाथ महतो?
देवेंद्र नाथ महतो इन दिनों 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना शुरू किया और 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। उनका कहना था कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं करती, तब तक वे भोजन ग्रहण नहीं करेंगे।
करीब चार दिन तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अपील और आंदोलन को समर्थन देने के आश्वासन पर उन्होंने आज केवल पानी और नमक लेकर अपना अनशन समाप्त किया। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि झारखंड के छात्रों को न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे कहते हैं कि पिछले 26 वर्षों से झारखंड के युवा भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से परेशान हैं। नौकरियां बेची जा रही हैं और लगभग हर परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है।