धार भोजशाला से सटी जमीन पर नमाज अदा:  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीसरे शुक्रवार नमाज पढ़ी गई, पुलिस तैनात रही – Dhar News

धार भोजशाला से सटी जमीन पर नमाज अदा: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीसरे शुक्रवार नमाज पढ़ी गई, पुलिस तैनात रही – Dhar News

धार भोजशाला से सटी जमीन पर नमाज अदा:  सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर तीसरे शुक्रवार नमाज पढ़ी गई, पुलिस तैनात रही – Dhar News


धार में भोजशाला से लगी सर्वे नंबर 612 की जमीन पर मुस्लिम समाज ने शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद यहां लगातार तीसरे शुक्रवार नमाज हुई। नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नमाज को लेकर प्रशासन ने विशेष व्यवस्था की थी। नमाज स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई थी। सफेद पर्दे भी लगाए गए थे। सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। देखें तस्वीरें… 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था अंतरिम आदेश सुप्रीम कोर्ट ने 14 जुलाई को अंतरिम आदेश जारी कर प्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे कि मुस्लिम समाज के लिए हर शुक्रवार जुमे की नमाज के लिए भोजशाला के पास खाली वैकल्पिक जगह उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद प्रशासन ने मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। प्रशासन ने चालीस पीर दरगाह के पास खाली जमीन पर नमाज की व्यवस्था करने की बात कही। जमीन को समतल भी कराया गया था। मुस्लिम समाज ने इस जगह पर आपत्ति जताई। समाज के लोगों का कहना था कि चालीस पीर दरगाह भोजशाला से काफी दूर है। उनका कहना था कि नमाज के लिए भोजशाला से लगी खाली जमीन ही उपलब्ध कराई जाए। इसके बाद मुस्लिम समाज ने चालीस पीर की जगह पर जुमे की नमाज नहीं पढ़ी और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। भोजशाला के पीछे सर्वे नंबर 612 की जमीन पर नमाज इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को भोजशाला के पास उपयुक्त खाली जगह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने भोजशाला के पीछे दाईं ओर स्थित सर्वे नंबर 612 की जमीन को जुमे की नमाज के लिए तय किया। पिछले दो शुक्रवार से मुस्लिम समाज के लोग इसी जमीन पर नमाज अदा कर रहे थे। शुक्रवार को यहां तीसरी बार नमाज हुई। प्रशासन की ओर से हर बार सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। तीनों शुक्रवार को नमाज शांतिपूर्वक संपन्न हुई।

Source link
#धर #भजशल #स #सट #जमन #पर #नमज #अद #सपरम #करट #क #नरदश #पर #तसर #शकरवर #नमज #पढ #गई #पलस #तनत #रह #Dhar #News

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *