
Indore news: मकान मालिक यदि यह साबित कर देता है कि उसे अपने बेटे की पढ़ाई या परिवार के सदस्य के बेहतर इलाज के लिए दूसरे शहर में रहना है, तो उस शहर को चुनने के फैसले का अलग से औचित्य साबित करने की जरूरत नहीं है। अपनी जरूरत के लिए कौन-सी जगह उपयुक्त है, यह मकान मालिक और उसका परिवार ही सबसे बेहतर तरीके से तय कर सकते हैं। खजराना क्षेत्र की खिजराबाद कॉलोनी स्थित मकान से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए किराएदार की सेकंड अपील खारिज कर दी।
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