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पूनम ढिल्लों ने नूरी (1979), त्रिशूल (1978), सोहनी महिवाल (1984) जैसी कई फिल्मों में काम किया है।
एक्ट्रेस और सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की प्रेसिडेंट पूनम ढिल्लों डेंगू से संक्रमित होने के बाद मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती हैं। उनका पिछले कई दिनों से अस्पताल में इलाज चल रहा है।
यह जानकारी पत्रकार विक्की लालवानी ने सोशल मीडिया के जरिए शेयर की। उन्होंने बताया कि पूनम ढिल्लों से सुबह मैसेज पर बात हुई और एक्ट्रेस ने अपनी तबीयत में सुधार की जानकारी दी।
विक्की लालवानी ने लिखा कि पूनम ढिल्लों कई दिनों से अस्पताल में हैं और अब रिकवरी कर रही हैं। उन्होंने एक्ट्रेस के जल्द पूरी तरह ठीक होने की कामना भी की।

विक्की ललवानी की पोस्ट।

पूनम ढिल्लों CINTAA विवाद को लेकर चर्चा में थीं
गौरतलब है कि पूनम ढिल्लों हाल ही में CINTAA को लेकर भी चर्चा में रही हैं। CINTAA की एग्जीक्यूटिव कमेटी के 8 सदस्यों ने हाल ही में अपने पदों और कमेटी से इस्तीफा दे दिया। इन सदस्यों ने आरोप लगाया था कि उन्हें संगठन की मौजूदा लीडरशिप पर कोई भरोसा नहीं है। उन्होंने नए चुनाव कराने की मांग भी की थी।

वहीं, पूनम ढिल्लों ने अपने और वाइस प्रेसिडेंट पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ लगे आरोपों को बहुत आपत्तिजनक बताया था।
पूनम ढिल्लों ने अपने खिलाफ लगाए आरोपों को खारिज किया। उन्होंने ANI से बात करते हुए कहा था,
बात यह थी कि चीजें उनके हिसाब से नहीं हो रही थीं। वे CAWT (सिने आर्टिस्ट्स वेलफेयर ट्रस्ट) के जरिए CINTAA सदस्यों पर नियंत्रण रखने की कोशिश कर रहे थे। जब ऐसा नहीं हो पाया तो उन्होंने हमारे खिलाफ अजीब और गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए।

पूनम ने आरोपों की भाषा पर नाराजगी जताते हुए कहा था,
आप यकीन नहीं करेंगे कि आरोप कितने अश्लील थे। वे इतने आपत्तिजनक थे कि अगर हम चाहते तो इसमें शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ मानहानि की कार्रवाई करने पर विचार कर सकते थे। ऐसे आरोप, दुख पहुंचाने वाले बयान और आपत्तिजनक भाषा बड़े स्तर पर फैलाई गई।


पूनम ने बताया था कि इस विवाद का उन पर इमोशनल असर पड़ा और उन्होंने कई बार कार्यकारी समिति से इस्तीफा देने के बारे में सोचा। उन्होंने कहा कि दो या तीन लोग, जिन्हें उन्होंने पेड प्रवक्ता बताया, इसी तरह की बातें करते थे।
उन्होंने कहा था कि उनमें से एक या दो CINTAA के सदस्य भी थे। उन्होंने बहुत अनुचित और दुख पहुंचाने वाले बयान दिए। फिर भी हमने चुप रहना चुना।

पूनम ने आत्मसम्मान को सबसे जरूरी बताया
पूनम ने कहा था कि मैं सिर्फ एक बात कहना चाहूंगी। मेरा आत्मसम्मान और ईमानदारी मेरे लिए बहुत जरूरी है। हमने जो कुछ वर्षों में कमाया है, वह एक-दो साल में नहीं कमाया। हमने अपने व्यवहार, गरिमा, मौजूदगी और लोगों के साथ व्यवहार व बातचीत के तरीके से दशकों में अपनी प्रतिष्ठा और आत्मसम्मान बनाया है।
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ एक और इंटरव्यू में पूनम ने कहा कि वह और पद्मिनी CINTAA के लिए गुडविल बनाने के लिए अपने रिसोर्स और कनेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इसका मकसद पर्सनल फायदा नहीं है।
पूनम ने कहा कि संगठन के सदस्यों के लिए कुछ करने की पहल कोई और नहीं कर रहा था, इसलिए मैं उनके आरोपों से हैरान हूं।
CAWT और कार्यक्रम से जुटाई रकम पर सफाई
पूनम ने कहा था कि इस्तीफा देने वाले सदस्य CAWT को बचाने की कोशिश कर रहे थे। यह ट्रस्ट दिवंगत दिलीप कुमार, अमरीश पुरी, अमजद खान और दूसरे वरिष्ठ कलाकारों ने बनाया था।
उन्होंने कहा कि इस ट्रस्ट ने सदस्यों को मेडिकल सुविधाएं देने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। पूनम के मुताबिक, पिछले कुछ दशकों में मौजूदा समिति के किसी सदस्य ने CAWT के लिए रकम नहीं जुटाई।
उन्होंने बताया कि हाल में एक कार्यक्रम के जरिए रकम जुटाई गई। कार्यक्रम में प्रस्तुति देने वाली कलाकार कविता कृष्णमूर्ति और मधुश्री को साड़ियां दी गईं, जबकि बिना फीस प्रस्तुति देने वाले नितिन मुकेश को कुर्ता दिया गया।
पूनम ने कहा,
इस्तीफा देने वाले सदस्य हम पर साड़ियां खरीदने का आरोप लगा रहे हैं। क्या हमने वे साड़ियां अपने लिए खरीदी थीं? हम यह मानते हैं कि इन कलाकारों ने बिना फीस हमारे लिए प्रस्तुति दी थी, इसलिए उन्हें ये उपहार दिए गए। पद्मिनी और मैंने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था और अपने अनुरोध पर उनसे प्रस्तुति करवाई थी। इन गायकों ने CINTAA के लिए मदद की। हमने इन परफॉर्मेंस से 1 करोड़ रुपए जुटाए। ऐसे में अगर हम कलाकारों के उपहारों पर 1 लाख रुपए खर्च करते हैं तो इसमें समस्या क्या है?

‘42 साल से इंडस्ट्री में हूं, क्या ऐसा विश्वासघात कर सकती हूं’
पूनम ने सवाल किया था कि फिल्म इंडस्ट्री में दशकों तक काम करने के बाद क्या उन पर संगठन से विश्वासघात करने का आरोप लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा था,
हम इस इंडस्ट्री में 42 साल से हैं। कुछ लोग 45 साल से और कुछ 48 साल से इसका हिस्सा हैं। क्या आपको सच में लगता है कि इतने वर्षों बाद हम ऐसा विश्वासघात कर सकते हैं? मैं आपके साथ एक बहुत निजी बात साझा करना चाहती हूं। पिछले एक या डेढ़ साल में कई बार ऐसा लगा कि CINTAA की कार्यकारी समिति से इस्तीफा देकर अलग हो जाऊं।

उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा था कि इन लोगों ने हमारा जीवन बहुत मुश्किल बना दिया था। हर एक चीज का विरोध किया गया। हर पहल का विरोध किया गया।

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एक्ट्रेस पूनम ढिल्लों ने बॉलीवुड में कदम रखने से पहले साल 1977 में मिस इंडिया यंग का खिताब अपने नाम कर लिया था। इसके बाद हिंदी सिनेमा के लीजेंडरी फिल्ममेकर यश चोपड़ा ने पूनम को अपनी फिल्म ‘त्रिशूल’ में काम करने का ऑफर दिया। एक्ट्रेस ने पहले यश चोपड़ा के ऑफर को रिजेक्ट कर दिया था। बाद में वो एक शर्त के साथ फिल्म में काम करने के लिए तैयार हो गईं। पूरी खबर यहां पढ़ें…


