बढ़ते बिजली बिल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली खपत की आदतों में सुधार कर बिल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत् …और पढ़ें

नईदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। बढ़ते बिजली बिल को लेकर विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली खपत की आदतों में सुधार कर बिल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने उपभोक्ताओं को ऊर्जा संरक्षण के सरल उपाय अपनाने की सलाह दी है।
कंपनी के अनुसार अधिकांश घरों में टीवी, एसी, म्यूजिक सिस्टम और कंप्यूटर जैसे उपकरणों को रिमोट से बंद कर स्टैंडबाय मोड पर छोड़ दिया जाता है। इस स्थिति में उपकरण बंद दिखाई देते हैं, लेकिन उनमें लगातार बिजली प्रवाहित होती रहती है।
सेवानिवृत्त अधिकारी की मिसाल और सर्वेक्षण के आंकड़े
अरेरा कालोनी के एक सेवानिवृत्त अधिकारी का मासिक बिजली बिल मात्र पांच से 15 सौ रुपये के बीच रहता है, क्योंकि वे सभी उपकरणों को मुख्य स्विच से बंद करते हैं। एक सर्वेक्षण के अनुसार 70 प्रतिशत लोग टीवी को केवल रिमोट से आन-आफ करते हैं। इससे 21 इंच के टीवी में लगभग 15 वाट बिजली लगातार खर्च होती रहती है, जिसके कारण उपभोक्ताओं को हर महीने करीब दो सौ रुपये तक अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों की सलाह और प्रभावी उपाय
ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि एलईडी बल्ब, बीईई फाइव स्टार रेटेड पंखे और ऊर्जा दक्ष एसी के उपयोग से बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। एलईडी बल्ब पारंपरिक बल्बों की तुलना में लगभग 90 प्रतिशत तक कम बिजली खर्च करते हैं और उनकी आयु भी अधिक होती है।
फ्रिज की नियमित सफाई, एसी के फिल्टर साफ रखना, तापमान 26 डिग्री सेल्सियस पर सेट करना तथा कंप्यूटर को उपयोग न होने पर बंद रखना भी बिजली बचत के प्रभावी उपाय हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि घर के आसपास हरियाली और पेड़ों की छांव से एसी की बिजली खपत में 40 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकती है। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग करें और अनावश्यक बिजली खपत रोककर अपने मासिक बिल को नियंत्रित रखें।
ऊर्जा बचत से जुड़े प्रमुख आंकड़े
- टीवी स्टैंडबाय मोड खपत 15 वाट जबकि 15 वाट टीवी की मासिक खपत 10.8 यूनिट।
- जिस कारण अतिरिक्त मासिक खर्च लगभग 200 रुपये हो जाता है।
- स्टैंडबाय उपकरणों की खपत 5 से 15 वाट।
- कंप्यूटर को स्लीप मोड में रखने से बचत लगभग 40% बचत होती है।
- एलईडी बल्ब की क्षमता 4-5 वाट (40 वाट बल्ब जितनी रोशनी)।
- एलईडी बनाम सामान्य बल्ब 10 गुना अधिक प्रकाश।
- एलईडी की आयु सामान्य बल्ब से लगभग 10 गुना अधिक।
- ऊर्जा दक्ष पंखों से बचत उल्लेखनीय ऊर्जा बचत।
- एसी का आदर्श तापमान 26°सी।
- पेड़ों की छांव से एसी बचत 40% तक।
- एलईडी, ट्यूबलाइट और दक्ष पंखों से कुल बचत लगभग 30% तक।
आदतों में बदलाव से नियंत्रित होगा बिल
‘उपकरणों के ज्यादा उपयोग से बिजली का बिल ज्यादा आता है। यदि थोड़ी सी सावधानी बरतें तो बिल ज्यादा आने की आपकी चिंता नहीं होगी। चाहें तो अपने बढ़ते बिल को नियंत्रण में रख सकते हैं। बस अपनी आदतों में बदलाव करना होगा।
आकलन के अनुसार अधिकांश शहरवासी रिमोट चलित विद्युत उपकरणों को ”स्टैंडबाय” मोड पर छोड़ देते हैं, जिससे उपकरण तो बंद हो जाते हैं परन्तु इनमें सतत् विद्युत प्रवाहित होती रहती है। इस कारण बिजली की खपत लगातार होती रहती है।’ – मनोज द्विवेदी, वरिष्ठ जनसंपर्क अधिकारी, म.प्र. शासन, ऊर्जा विभाग।
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