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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेल रहे विराट कोहली ने अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप में खेलने की इच्छा ज़ाहिर की है.
हालांकि उन्होंने कहा है कि ‘जहाँ उनकी अहमियत पर सवाल उठेंगे, वहाँ वह नहीं रहना नहीं चाहेंगे.’
आईपीएल फ़्रेंचाइज़ी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पॉडकास्ट में विराट कोहली ने कहा, “भारतीय टीम में अपनी जगह को लेकर मैं चीज़ों को और जटिल नहीं बनाना चाहता. अगर मुझे लगातार अपनी अहमियत साबित करना होगा, तो ऐसा माहौल मेरे लिए नहीं है.”
इस इंटरव्यू में उन्होंने साफ़ किया कि उन्हें अपनी अहमियत को लेकर बार-बार बदलती राय बिल्कुल पसंद नहीं है.
आईपीएल के इस सीज़न में विराट कोहली आरसीबी की ओर से शानदार खेल का प्रदर्शन कर रहे हैं और कई बार उनकी बैटिंग और फ़ील्डिंग की तारीफ़ हुई है.
37 साल के टॉप ऑर्डर बल्लेबाज़ विराट कोहली ने आईपीएल 2026 के 12 मैचों में 53.77 की औसत से 484 रन बनाए हैं.
वो इस सीज़न में सर्वाधिक रन बनाने वाले तीसरे बल्लेबाज़ हैं. पहले नंबर हेनरिक क्लासेन (508 रन) और दूसरे स्थान पर साई सुदर्शन (501) हैं.
उन्हें ऑरेंज कैप का मज़बूत दावेदार माना जा रहा है. आरसीबी अंक तालिका में 16 अंकों के साथ शीर्ष पर बनी हुई है.
2027 वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर क्या कहा
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कोहली अब सिर्फ़ वनडे फ़ॉर्मेट खेलते हैं. उन्होंने 2024 में टी20 इंटरनेशनल और 2025 में टेस्ट क्रिकेट छोड़ दिया था. पिछले कुछ सालों में वनडे मैचों की संख्या काफ़ी कम हुई है और उनकी मौजूदगी भी.
ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या वह अगले साल होने वाले वर्ल्ड कप मैच खेलेंगे.
ये पूछे जाने पर कि 2027 वर्ल्ड कप में खेलने को लेकर उनका क्या कहना है? इस पर उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया.
कोहली ने कहा, “मैं हमेशा तैयार रहता हूं क्योंकि यही मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी है. मैं वर्कआउट करता हूं, घर पर अच्छा खाना खाते हैं. ऐसा सिर्फ़ क्रिकेट खेलने के लिए नहीं है, बल्कि मुझे इसी तरह जीना पसंद है. तो मैं इसी स्थिति में हूं. यह 27 वाली बातचीत और यह सब…मुझसे कई बार पूछा गया है.”
उन्होंने कहा, “मुझे जवाब पता है. जैसे, मैं अपना घर क्यों छोड़ूंगा, अपना सामान क्यों समेटूंगा और कहूंगा कि मुझे नहीं पता मैं क्या चाहता हूं. बिल्कुल, अगर मैं खेल रहा हूं तो मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं. मैं आगे खेलना चाहता हूं. भारत के लिए वर्ल्ड कप खेलना शानदार है. लेकिन जैसा मैंने कहा, अहमियत दोनों तरफ़ से होनी चाहिए.”
गौरतलब है कि टीम का हिस्सा बने रहने की इच्छा के बावजूद, भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने अब तक कोहली और दूसरे बड़े वनडे खिलाड़ी रोहित शर्मा के भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट बात नहीं कही है.
आईपीएल 2026 की शुरुआत से ठीक पहले गौतम गंभीर ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “2027 के वर्ल्ड कप की तैयारी आईपीएल के बाद शुरू होगी. हमें वर्ल्ड कप से पहले 25 से 30 वनडे मैच खेलने हैं.”
“दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट खेलना आसान नहीं है. हम अपना टीम कॉम्बिनेशन देखेंगे और उन प्लेयर्स को खोजने की कोशिश करेंगे जो वहां के हालात में अच्छी तरह खेल सकते हैं. सेलेक्टर्स और कोच ये काम करेंगे. आईपीएल 2026 ख़त्म होने के बाद वनडे वर्ल्ड कप 2027 को लेकर हमारी तस्वीर साफ़ होगी.”
विराट कोहली ने ज़ोर देकर कहा, “मेरा नज़रिया बिल्कुल साफ़ है. अगर उस माहौल में मेरी अहमियत है जिसका मैं हिस्सा हूं और वह माहौल भी महसूस करता है कि मैं कुछ वैल्यू एड कर सकता हूं, तो मैं वहाँ रहूंगा. अगर मुझे यह महसूस कराया जाए कि मुझे अपनी अहमियत साबित करनी है, तो मैं उस जगह पर नहीं हूं.”
हालांकि संभावना है कि वह अगली बार 14 जुलाई से 19 जुलाई तक इंग्लैंड के ख़िलाफ़ होने वाली तीन मैचों की वनडे सिरीज़ में खेलते नज़र आएंगे.
‘जब तक टीम चाहेगी खेलते रहेंगे’

कोहली ने कहा कि जब तक टीम उन्हें चाहती रहेगी, वह खेलते रहेंगे.
उन्होंने कहा, “मैं अपनी तैयारी के प्रति ईमानदार हूं, मैं खेल को जिस तरह अपनाता हूं, उसके प्रति ईमानदार हूं. मैं सिर झुकाकर मेहनत करता हूं. जब मैं खेलने पहुंचता हूं, तो मैं किसी भी दूसरे खिलाड़ी जितनी या उससे ज़्यादा मेहनत करता हूं और खेल को सही तरीके से खेलता हूँ.”
अपने खेल के नज़रिए पर बात करते हुए कोहली ने कहा कि वह हमेशा कठिन मेहनत के लिए तैयार रहते हैं, यहां तक कि एक फ़ील्डर के तौर पर “40 ओवर तक बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ने” के लिए भी.
उन्होंने कहा, “मैं ऐसा करूंगा क्योंकि मैं उसी हिसाब से तैयारी करता हूं. मैं इस बात के लिए तैयार रहता हूं कि मुझे 50 ओवर फ़ील्डिंग करनी होगी. इस तरह काम करने के बाद भी अगर मुझे अपनी क़ीमत और अहमियत साबित करनी पड़े, तो वह जगह मेरे लिए नहीं है.”
कोहली ने 2025-26 सीज़न में दो दशक बाद विजय हज़ारे ट्रॉफ़ी में वापसी का ज़िक्र भी किया. उन्होंने दिल्ली के लिए दो मैच खेले और एक में शतक लगाया. इसके साथ ही वह सबसे तेज़ 16,000 लिस्ट ए रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने.
उन्होंने कहा, “मेरे दिमाग़ में यह बात बिल्कुल साफ़ थी कि मैं वहां किसी को कुछ साबित करने नहीं जा रहा हूं. मैं वहां खेलने जा रहा हूं क्योंकि मुझे यह खेल पसंद है. मैंने विजय हज़ारे भी इसी सोच के साथ खेला. यह शानदार था.”
उन्होंने कहा, “मैं सोच रहा था कि इतने लंबे समय तक खेला है, क्या अब भी मेरे भीतर प्रेरणा है? लेकिन जैसे ही मेरा इरादा यह हुआ कि ‘मैं खेलना चाहता हूं क्योंकि मुझे खेल से प्यार है’, मुझे बल्लेबाज़ी में मज़ा आने लगा. मैं फिर से बच्चे जैसा महसूस करने लगा. मुझे लगा कि यह किसी और के बारे में नहीं है, यह मेरे और खेल के बीच की बात है.”
‘चीज़ों को मुश्किल मत बनाइए’
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कोहली ने कहा कि उन्हें खेलने में ख़ुशी मिलती है, लेकिन ऐसे माहौल में नहीं जहां चयन के बाद भी सवाल उठाए जाएं.
उन्होंने कहा, “जिस पल मुझे यह महसूस होता है कि लोग मेरे लिए चीज़ों को मुश्किल बनाने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं ‘यह और वह’, तो या तो साफ़, ईमानदार और सीधे रहिए या फिर चुप रहिए और मुझे खेलने दीजिए.”
“अगर आप किसी कार्यस्थल पर जाएं और लोग कहें कि उन्हें आपकी क्षमता पर भरोसा है, और एक हफ़्ते बाद वही लोग आपके काम करने के तरीक़े पर सवाल उठाने लगें, तो सवाल उठता है कि क्यों?”
उन्होंने कहा, “या तो पहले दिन ही बता दीजिए कि मैं अच्छा नहीं हूं या मेरी ज़रूरत नहीं है. लेकिन अगर आपने कहा है कि मैं अच्छा हूं और आप कुछ और नहीं सोच रहे, तो फिर चुप रहिए. अगर आप नतीजों के हिसाब से ऊपर-नीचे होने लगेंगे, तो कभी भी एक जैसा रुख़ नहीं रख पाएंगे.”
वनडे क्रिकेट के सबसे महान बल्लेबाज़ों में गिने जाने वाले कोहली ने 311 मैचों में 58.71 की औसत से 14,797 रन बनाए हैं.
उन्होंने अपने वनडे करियर में 54 शतक और 77 अर्धशतक लगाए हैं. दबाव में शानदार प्रदर्शन करने की वजह से उन्हें ‘चेज़ मास्टर’ भी कहा जाता है.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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