इंदौर में ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक में खाद्य सुरक्षा से लेकर एआई आधारित खेती पर होगा मंथन

इंदौर में ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक में खाद्य सुरक्षा से लेकर एआई आधारित खेती पर होगा मंथन

प्रदेश की आर्थिक राजधानी और सांस्कृतिक पहचान रखने वाला इंदौर अब वैश्विक कृषि कूटनीति का नया केंद्र बनने जा रहा है। 9 जून से ब्रिक्स देशों के कृषि मंत् …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 07 Jun 2026 09:32:10 AM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 09:32:10 AM (IST)

इंदौर में ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक में खाद्य सुरक्षा से लेकर एआई आधारित खेती पर होगा मंथन
इंदौर में ब्रिक्स कृषि समूह की बैठक होगी। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. 21 देशों के प्रतिनिधि देखेंगे इंदाैर की सांस्कृतिक, स्वच्छता और मेहमाननवाजी का संगम
  2. न केवल भारत बल्कि वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है
  3. इस आयोजन में दुनिया के कई देशों की नजरें इंदौर पर टिकी रहेंगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। प्रदेश की आर्थिक राजधानी और सांस्कृतिक पहचान रखने वाला इंदौर अब वैश्विक कृषि कूटनीति का नया केंद्र बनने जा रहा है।

9 जून से ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित होगी, जिसे न केवल भारत बल्कि वैश्विक कृषि क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है। इस आयोजन में दुनिया के कई देशों की नजरें इंदौर पर टिकी रहेंगी। बैठक में कृषि, खाद्य सुरक्षा से लेकर एआइ आधारित खेती पर मंथन होगा।

इंदौर में पांच दिवसीय बिक्स कृषि कार्य समूह की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। 9 से 11 जून तक कृषि कार्य समूह (एडब्ल्यूजी) की बैठक होगी, जिसमें सदस्य और साझेदार देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। वहीं 12 और 13 जून को कृषि मंत्रियों का सम्मेलन आयोजित होगा। इस दौरान 21 देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी संभावित है।

अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी है

आयोजन के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने अलग-अलग अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी है। मुख्य आयोजन शेरेटन होटल में होगा। अधिकारियों और मंत्रियों के लिए लाइजनिंग अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।एयरपोर्ट से लेकर आयोजन स्थल तक अलग-अलग अधिकारियों की जिम्मेदारी रहेगी।स्वास्थ्य सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एंबुलेंस और डाक्टरों की टीम मौजूद रहेगी।वहीं अरविंदों और बाम्बे हास्पिटल में भी आपातकालीन सुविधा उपलब्ध रहेगी।

बैठक में इन मुद्दों पर होगा मंथन

मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें कृषि विशेषज्ञ वैश्विक चुनौतियों और समाधान पर मंथन करेंगे। बैठक का केंद्र बिंदु वैश्विक खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, अनुसंधान और आधुनिक कृषि तकनीकें रहेगी। बढ़ते तापमान, अनियमित वर्षा और बदलते जलवायु परिदृश्य के बीच कृषि को टिकाऊ और लाभकारी बनाने पर चर्चा होगी। साथ ही डिजिटल कृषि, प्रिसिजन फार्मिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और डेटा आधारित फसल प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों पर चर्चा होगी।मंत्रिस्तरीय बैठक से पहले तकनीकी सत्र होंगे, जिनमें कृषि विशेषज्ञ वैश्विक चुनौतियों और समाधान पर मंथन करेंगे।

ब्रिक्स देशों के पास 42 प्रतिशत कृषि भूमि

ब्रिक्स देशों के पास दुनिया की 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और लगभग 45 प्रतिशत वैश्विक अनाज उत्पादन होता है।इसमें 68 प्रतिशत लघु किसान है। ऐसे में देश और प्रदेश के लघु किसानों को आयोजन में हुए निर्णय काें का लाभा मिलेगा। सम्मेलन स्थल पर प्रदर्शनी और ग्रामीण हाट बाजार में प्राकृतिक उत्पादों के बाजार से प्रदेश के कृषि नवाचारों और प्राकृतिक खेती जैसे प्रयासों को वैश्विक मंच पर पहचान मिलेगी। इंदौर और प्रदेश की सांस्कृति धरोहर से भी अतिथि रुबरू होंगे। एक दिन मांडू भ्रमण भी रहेगा।

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