इंदौर में भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर बेटे को लेकर भटकते रहे माता-पिता, अस्पताल के कर्मचारी नहीं करते मदद

इंदौर में भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर बेटे को लेकर भटकते रहे माता-पिता, अस्पताल के कर्मचारी नहीं करते मदद

शासकीय अस्पतालों में मरीजों को आधुनिक इलाज की सुविधा देने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां गरीब और जरूरतमंद मरीज परेशान होते रहते हैं। …और पढ़ें

Publish Date: Sun, 07 Jun 2026 01:51:45 PM (IST)Updated Date: Sun, 07 Jun 2026 01:51:45 PM (IST)

इंदौर में भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर बेटे को लेकर भटकते रहे माता-पिता, अस्पताल के कर्मचारी नहीं करते मदद
स्ट्रेचर धकाते हुए माता-पिता। (नईदुनिया प्रतिनिधि)

HighLights

  1. करोड़ों रुपये का भुगतान बीवीजी को, फिर भी कर्मचारी नहीं धकाते स्ट्रेचर
  2. एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है
  3. उन्हें अस्पताल में जांच के नाम पर बार-बार एक अस्पताल से दूसरे में भेजा जा रहा है

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शासकीय अस्पतालों में मरीजों को आधुनिक इलाज की सुविधा देने का दावा किया जाता है, लेकिन हकीकत यह है कि यहां गरीब और जरूरतमंद मरीज परेशान होते रहते हैं। एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें माता-पिता अपने बेटे को भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर लेकर भटक रहे हैं। उन्हें अस्पताल में जांच के नाम पर बार-बार एक अस्पताल से दूसरे में भेजा जा रहा है।

एमवायएच से सुपर स्पेशिएलिटी माता-पिता बेटे को स्ट्रेचर पर धकाकर लाए। इस बीच एक दृश्य यह भी बना कि मां ने अपनी चुन्नी पानी से भिगोकर बच्चे पर ढंकी, ताकि उसे धूप न लगे। स्ट्रेचर और व्हीलचेयर से मरीजों को वार्डों और अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी एमजीएम मेडिकल से जुड़े अस्पतालों में आउटसोर्स कंपनी बीवीजी के कर्मचारियों की है, लेकिन 1400 कर्मचारियों का दावा करने के बाद भी कभी ये स्ट्रेचर धकाते हुए नजर ही नहीं आते हैं, जबकि हर माह करोड़ों रुपये का भुगतान कंपनी को होता है। इस कंपनी के पास साफ-सफाई और सुरक्षा की भी जिम्मेदारी है।

एक किमी तक माता-पिता ने धकाया स्ट्रेचर

जानकारी अनुसार एमवाय अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में आदर्श नाम का बच्चा भर्ती है। इसकी रीढ़ की हड्डी में परेशानी है। शनिवार को एमवाय से डाक्टरों ने सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में बच्चे को किसी डॉक्टर को दिखाने के लिए भेजा। मौके पर कोई कर्मचारी स्ट्रेचर धकाने को नहीं मिला तो मां ज्योति और पिता गोलू ही स्ट्रेचर से बच्चे को लेकर गए, लेकिन यहां जाकर पता चला कि बच्चे को दिखाना ही नहीं था। सिर्फ डाक्टर को दस्तावेज देखने थे। बेवजह धूप में परेशान हुए माता-पिता दोबारा उसे एमवायएच लेकर आए। यानी करीब एक किमी स्ट्रेचर धकाया। मां ज्योति ने बताया कि 15 दिन से बेटे को चलने में समस्या हो रही है। पहले न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया, अब एमवायएच में भर्ती है।

लगातार गलती कर रही बीवीजी कंपनी, कोई कार्रवाई नहीं

कंपनी द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। हाल ही में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल की पार्किंग में कार में शराब की पेटियां मिली थीं। तब भी सुरक्षा की बात सामने आई थी। चार मेडिकल कालेज में बीवीजी कंपनी का कार्य अच्छा नहीं होने पर इसे ब्लैकलिस्टेड किया गया है। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक वीडियो संज्ञान में आया है। मामले की जांच की जा रही है।

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