इंदौर में बड़ा होर्डिंग गिरा, युवक को आई चोट, आठ दिन से भूख हड़ताल पर बैठे समाजसेवी की तबीयत बिगड़ी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : समाजसेवी प्रहलाद पांडेय आठ दिन से रीगल तिराहा पर गांधी प्रतिमा के पास भूख हड़ताल पर बैठे है। बुधवार शाम को प्रहलाद की तबीयत बिगड़ने पर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, पाटनीपुरा मेनरोड पर गणेश उत्सव के लिए लगाया गया बड़ा होर्डिंग दोपहर को अचानक गिर गया।

हादसे में श्रेय शर्मा के कंधे के पीछे और सिर में चोट आई है। अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के बाद स्थानीय निवासियों ने होर्डिंग हटाया। जानकारी के अनुसार गोल स्कूल में होने वाले गणेश चतुर्थी आयोजन के लिए पाटनीपुरा मेनरोड पर बड़ा गेट और होर्डिंग लगाया गया था। श्रेय के पिता राजेश शर्मा ने बताया कि उनका बेटा चौराहे पर सामान लेने गया था। वहां से वह रोड नंबर-28 स्थित घर लौट रहा था। होर्डिंग गिरने से चपेट में आ गया। श्रेय के कंधे के पीछे और सिर में चोट लगी है।

होर्डिंग के विरुद्ध दंपती कर रहे प्रदर्शन

पाटनीपुरा मेनरोड पर लगाए गए होर्डिंग समेत शहर में अवैध होर्डिंग, बैनर और पोस्टर के खिलाफ प्रहलाद पांडेय और उनकी पत्नी संगीता पांडेय प्रदर्शन कर रहे हैं। आठवें दिन बुधवार को शाम चार बजे अचानक प्रहलाद को सीने में दर्द, शुगर और बीपी कम होने की शिकायत के चलते सुपर स्पेशलिटी अस्पलात में भर्ती कराया गया।

फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बनी हुई है। वहीं, उनकी पत्नी संगीता पांडेय भी नगर निगम के गेट के बाहर अवैध होर्डिंग बैनर के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं। हाथ में बैनर लेकर बैठी हैं, जिस पर लिखा है- “अवैध बैनर पोस्टर हटाओ, इंदौर को स्वच्छ बनाओ। उनके अनशन को कई लोगों का समर्थन भी मिल रहा है। हालांकि उनके पति की तबीयत बिगड़ने पर वो सहयोगियों के साथ रीगल तिराहा पर पहुंची गई।

होर्डिंग नहीं हटे तो नहीं कराऊंगा उपचार

प्रहलाद ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायत हुई थी। अस्पताल ले जाने के बाद भी दर्द बना रहा। उनका ब्लड शुगर भी कम है। उपचार कराने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अवैध होर्डिंग और बैनर नहीं हटाए जाते, तब तक उपचार नहीं कराऊंगा। प्रहलाद ने कहा कि पाटनीपुरा में होर्डिंग गिरने की जानकारी मिली है। होर्डिंग के गिरने की बात सामने आई है, उसकी शिकायत भी पहले की गई थी।

नगर निगम और प्रशासन को ऐसी स्थिति पैदा ही नहीं होने देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि ठेले और फुटपाथ पर कार्रवाई के लिए प्रशासन स्वतः संज्ञान लेता है, लेकिन कोई व्यक्ति शिकायत करता है तो उस पर कार्रवाई नहीं होती। पांडेय ने आरोप लगाया कि रसूखदार लोगों के होर्डिंग और बैनर पर कार्रवाई नहीं की जाती। संगीता ने कहा अवैध होर्डिंग शहरवासियों के लिए बड़ा खतरा हैं। नगर निगम में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उनके अनुसार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों को हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए अवैध स्वागत द्वार, बैनर और पोस्टर हटाने चाहिए।

महापौर, निगमायुक्त व कलेक्टर होंगे जिम्मेदार

संगीता ने कहा कि हमें आश्वासन नहीं, कार्रवाई चाहिए। जब तक नगर निगम ठोस कार्रवाई नहीं करता, अनशन जारी रहेगा। आरोप है कि पति को कुछ हुआ तो इसके लिए महापौर, निगमायुक्त व कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। वीआईपी के आने पर रातोंरात सफाई कर दी जाती है, अवैध होर्डिंग और बैनर हटाने पर कार्रवाई नहीं हो रही। दंपती की मांग है कि शहर में लगे अवैध स्वागत द्वार, बैनर और पोस्टर हटाए जाएं।

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