Ganesh Visarjan 2026: गणेश चतुर्थी के साथ घर और पंडालों में विराजे गणपति बप्पा की पूजा-अर्चना का सिलसिला कई दिनों तक चलता है। भक्त रोजाना गणेश जी की पूजा करते हैं, आरती उतारते हैं और उन्हें भोग अर्पित करते हैं। जिस श्रद्धा और उत्साह के साथ बप्पा का स्वागत किया जाता है, उसी भाव के साथ उन्हें विदाई भी दी जाती है।इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को है और इसी दिन मुख्य गणेश विसर्जन किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन से पहले गणपति जी से अपनी मनोकामना कहने, पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगने और अगले वर्ष दोबारा आने का निमंत्रण देने की परंपरा है। आइए जानते हैं विसर्जन से पहले बप्पा के कान में क्या कहा जाता है और इस दौरान किस मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
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गणेश जी के किस कान में कहें मन की बात?
– फोटो : PTI
गणेश जी के किस कान में कहें मन की बात?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विसर्जन से पहले गणपति जी के दाहिने कान में अपनी बात कहने की परंपरा बताई जाती है। भक्त बप्पा के कान के पास धीरे से अपनी प्रार्थना और मनोकामना कहते हैं। इस दौरान हाथ से मुंह और बप्पा के कान को थोड़ा ढककर धीमी आवाज में अपनी बात कहने की मान्यता है।

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विसर्जन से पहले बप्पा के कान में क्या बोलें?
विसर्जन से पहले बप्पा के कान में क्या बोलें?
- मनोकामना के लिए करें प्रार्थना: गणपति विसर्जन से पहले भक्त अपने मन की इच्छा बप्पा के सामने रख सकते हैं। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं, इसलिए अपनी परेशानी और मनोकामना उनके सामने रखकर उसके पूरा होने की प्रार्थना की जाती है।
- पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा: पूजा-पाठ के दौरान जाने-अनजाने में हुई किसी भूल के लिए गणपति जी से क्षमा मांगना भी शुभ माना जाता है। बप्पा के कान में अपनी गलती के लिए क्षमा याचना करते हुए आगे भी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना कर सकते हैं।
- अगले साल आने का दें निमंत्रण: गणपति विसर्जन के समय बप्पा को अगले वर्ष फिर से घर आने का निमंत्रण देने की भी परंपरा है। भक्त उनसे भावपूर्वक कहते हैं कि वे अगले साल फिर उनके घर पधारें। इस दौरान ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ जैसे भाव के साथ गणपति जी को विदाई दी जाती है।

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गणपति विसर्जन
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गणेश विसर्जन के समय कौन सा मंत्र पढ़ें?
गणपति विसर्जन के समय भगवान गणेश का स्मरण करते हुए मंत्र जाप किया जाता है। इस दौरान पूजा स्वीकार करने, मनोकामना पूरी करने और दोबारा पधारने की प्रार्थना वाला यह मंत्र पढ़ा जाता है:
ॐ यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्ध्यर्थं पुनरागमनाय च॥

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गणपति विसर्जन
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गणेश विसर्जन 2026 का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश विसर्जन शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को किया जाएगा। विसर्जन पूजा के लिए सुबह 6:11 बजे से 11:06 बजे तक का समय बताया गया है। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर 2026 की रात 11:18 बजे शुरू होगी और 25 सितंबर 2026 की रात 11:08 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि के अनुसार, 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन किया जाएगा। गणपति बप्पा को विदाई देते समय श्रद्धा, भक्ति और पूरे मन से उनकी पूजा करें। विसर्जन से पहले बप्पा से अपनी मनोकामना कहें, पूजा में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें और अगले वर्ष फिर पधारने का निमंत्रण देकर प्रेमपूर्वक विदाई दें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है
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