राज्यसभा के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी पदाधिकारी और विधायक भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार् …और पढ़ें

HighLights
- रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा के दबाव में किया काम
- सत्ता के दुरुपयोग और तानाशाही का लगाया आरोप
- मीनाक्षी नटराजन मामले में सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
राज्य ब्यूरो, नईदुनिया, भोपाल। राज्यसभा के लिए कांग्रेस की प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद पार्टी पदाधिकारी और विधायक भोपाल में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। उधर, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, सचिन पायलट, जयराम रमेश, भूपेश बघेल सहित अन्य पदाधिकारी आपत्ति दर्ज कराने दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी तो वे धरने पर बैठ गए। आयोग ने बुधवार को पार्टी पदाधिकारियों को बुलाया है। वहीं, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की भी तैयारी है।
जीतू पटवारी का एलान और विधायकों की भूख हड़ताल
भोपाल स्थित कांग्रेस प्रदेश कार्यालय में पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि बुधवार को निर्वाचन आयोग के कार्यालय के बाहर पार्टी के सभी विधायक भूख हड़ताल पर बैठेंगे। सभी जिला कांग्रेस कमेटियां भी इसी तरह उपवास करेंगी। जिस आधार पर नामांकन निरस्त किया गया है, वह मामला ही नहीं बनता है। रिटर्निंग अधिकारी ने सरकार और भाजपा के दबाव में काम किया है। यह संविधान और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, जिसे पार्टी पूरी ताकत से लड़ेगी।
सत्ता के दुरुपयोग का आरोप और पुतला दहन का प्रयास
वहीं, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा ने अपनी सत्ता, दबाव और तंत्र का दुरुपयोग करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करवा दिया। जब चुनाव मैदान में मुकाबला करने का साहस नहीं बचता, तब भाजपा हथकंडों का दुरुपयोग करती है। आज यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा लोकतंत्र नहीं, बल्कि तानाशाही में विश्वास करती है। बाद में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। प्रदेश कार्यालय के बाहर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय के पुतलों के दहन का प्रयास किया। मंदसौर के शामगढ़ में भी प्रदर्शन हुआ।
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‘सीट चोरी’ का आरोप और दिग्विजय सिंह की खामोशी
उधर, राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने पूरे घटनाक्रम को लेकर एक्स पर पोस्ट किया कि अब वोट चोरी से अगले स्तर पर सीट चोरी का सिलसिला शुरू हो गया है। मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन निरस्त नहीं हुआ, बल्कि प्रजातंत्र की हत्या हुई है। पत्रकारवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी और मीनाक्षी नटराजन ने भी आग्रह किया, फिर भी कुछ नहीं कहा। जबकि, वह मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदवारी के बाद से लगातार सक्रिय रहे। विधायक दल की बैठक में उपस्थित रहने के साथ मंगलवार को विधानसभा में भी बैठे रहे।
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