इंदौर में गर्मी में आइसक्रीम की मांग बढ़ने के साथ मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं। …और पढ़ें

HighLights
- जंग लगे सांचे, गंदा पानी, बिना लाइसेंस बना रहे थे आइसक्रीम
- रुद्राक्ष आइसक्रीम फैक्ट्री में भी गंदगी, 6 सैंपल भी लिए गए
- आइसक्रीम की पैकेजिंग पर जानकारी भी अधूरी मिली
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। गर्मी के मौसम में आइसक्रीम का चलन बढ़ जाता है, ऐसे में मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। शहर में गंदगी के बीच, जंग लगे बर्तन, गंदे पानी आदि से आइसक्रीम का निर्माण किया जा रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। रविवार को खाद्य विभाग की टीम ने दो आइसक्रीम निर्माण इकाइयों पर कार्रवाई करते हुए 10 सैंपल लिए।
राजाराम नगर स्थित चैंपियंस आइसक्रीम एंड फ्रोजन फूड इकाई का निरीक्षण किया। यहां कारोबारकर्ता नीलेश विश्वकर्मा मौके पर मिले। निरीक्षण के दौरान निर्माण के लिए वैध अनुज्ञप्ति उपलब्ध नहीं पाई गई। साथ ही पैकेजिंग सामग्री पर लेबलिंग संबंधी जानकारी भी अपूर्ण मिली। रा मटेरियल का भंडारण अस्वच्छ एवं अव्यवस्थित पाया गया।
साथ ही जंग लगे सांचे भी उपयोग में पाए गए। निर्माण में प्रयुक्त पानी की जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की गई। फ्रीजर रूम में खाद्य सामग्री का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। मौके से वनीला फ्रोजन डेजर्ट, केसर पिस्ता कुल्फी, मावा एवं चाकलेट पेस्ट के चार सैंपल लिए।
रुद्राक्ष आइसक्रीम से छह सैंपल लिए
इसी प्रकार छोटा बांगड़दा स्थित रुद्राक्ष आइसक्रीम इकाई का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रभारी नरेश कुमावत मौके पर मिले। जांच में विभिन्न फ्लेवर की आइसक्रीम का निर्माण गंदगी के बीच हो रहा था। मौके से आइसक्रीम के पांच एवं टूटी फ्रूटी का एक सैंपल जांच के लिए लिया गया। बिना लेबल पाए गए फ्लेवर्स का मौके पर ही विनष्टीकरण करवाया। साथ ही विक्रेता को नोटिस भी जारी किया जाएगा।
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