ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में है। उन पर पद छोड़ने का भारी दबाव है। लेबर पार्टी के अंदर ही बगावत शुरू हो गई है। पार्टी नेता अब एंडी बर्नहैम को नया प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं। हाल ही में मेकरफील्ड सीट पर उपचुनाव हुआ था। इस चुनाव में बर्नहैम ने बहुत बड़ी जीत हासिल की है। उन्होंने धुर दक्षिणपंथी नेता नाइजेल फराज की पार्टी ‘रिफॉर्म यूके’ को बुरी तरह हरा दिया। इस जीत के बाद बर्नहैम की दावेदारी सबसे मजबूत हो गई है।
अपनों की बगावत से घिरे स्टार्मर
लेबर पार्टी के भीतर अब खुलकर विरोध होने लगा है। स्टार्मर की अपनी कैबिनेट के मंत्री भी उनके खिलाफ हो गए हैं। लंदन के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है। कयास हैं कि स्टार्मर अगले हफ्ते ही प्रधानमंत्री आवास खाली कर सकते हैं। हालांकि स्टार्मर अभी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। शनिवार को उन्होंने पत्रकारों से बात की। स्टार्मर ने कहा कि दो साल पहले जनता ने उन्हें बड़ा जनादेश दिया था। वह देश की सेवा के लिए चुने गए थे। उन्होंने साफ कहा कि वह मैदान छोड़कर कहीं नहीं भागेंगे।

बर्नहैम की तैयारी और नया संकट
स्टार्मर भले ही अपनी जिद पर अड़े हैं, लेकिन उनकी पकड़ कमजोर हो चुकी है। दूसरी तरफ एंडी बर्नहैम ने अपनी नई कैबिनेट बनाने की तैयारी भी शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 300 लेबर सांसद बर्नहैम के साथ हैं। व्यापार सचिव पीटर काइल ने रविवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि स्टार्मर को राजनीतिक हकीकत को समझना होगा। अगर स्टार्मर इस्तीफा देते हैं, तो दो रास्ते होंगे। वह नए नेता के चुने जाने तक पद पर रह सकते हैं या तुरंत इस्तीफा देकर किसी को केयरटेकर पीएम बना सकते हैं।
यह भी पढ़ें: अमेरिका-ईरान शांति वार्ता: स्विस समकक्ष कैसिस से मिले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची, बैठक की तैयारियां तेज
क्या हैं लेबर पार्टी के नियम?
लेबर पार्टी में नए नेता का चुनाव इतना आसान भी नहीं है। नियम बहुत कड़े हैं। चुनौती देने वाले उम्मीदवार को कम से कम 20 प्रतिशत सांसदों का समर्थन चाहिए। इसके अलावा 5 प्रतिशत क्षेत्र की लेबर पार्टियों या तीन बड़े संगठनों का साथ भी जरूरी है। इस रेस में पूर्व स्वास्थ्य सचिव वेस स्ट्रीटिंग का नाम भी चल रहा है। अगर स्टार्मर हटते हैं, तो ब्रिटेन में बड़ा रिकॉर्ड बनेगा। देश 10 साल में अपना सातवां प्रधानमंत्री देखेगा। जबकि स्टार्मर ने जुलाई 2024 में 174 सीटों के भारी बहुमत से सरकार बनाई थी।
विवादों और यू-टर्न से बिगड़ी बात
स्टार्मर की सरकार पिछले कुछ महीनों से लगातार विवादों में है। उन्होंने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका का राजदूत बनाया था। इस फैसले पर खूब हंगामा हुआ। मैंडेलसन के रिश्ते बदनाम अपराधी जेफ्री एपस्टीन से थे। इसके अलावा टैक्स और सोशल बेनिफिट्स पर सरकार के यू-टर्न से जनता नाराज थी। अब सोमवार को बर्नहैम संसद लौट रहे हैं। उन्होंने कहा है कि यह लेबर पार्टी के पास बदलाव का आखिरी मौका है। बर्नहैम ने वादा किया है कि वह पानी, बिजली और रेल का किराया कम करके जनता को राहत देंगे।
Source link
#कर #सटरमर #पर #इसतफ #क #दबवएड #बरनहम #क #पकष #म #उठ #आवज #ज #सकत #ह #बरटश #परधनमतर #क #करस #Pressure #Mounts #Keir #Starmer #Resign #Favour #Andy #Burnham


