शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। घटना के बाद प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को घर से ही टिफिन ला…और पढ़ें

HighLights
- शिशुकुंज प्रबंधन ने टिफिन लाने के दिए निर्देश
- आक्रोशित परिजनों ने कैंपस में किया हंगामा
- बीमार बच्चों में गैस्ट्रोएंटेराइटिस की हुई पुष्टि
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर के प्रतिष्ठित शिशुकुंज स्कूल में लंच के बाद 150 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। घटना के बाद प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को घर से ही टिफिन लाने के लिए कहा गया। मंगलवार को विद्यार्थी घर से ही टिफिन लेकर पहुंचे, हालांकि विद्यार्थियों की उपस्थिति कम रही।
बीमार बच्चों के घर पहुंची डॉक्टरों की टीम
मंगलवार को डॉक्टरों की टीम भी करीब 30 बीमार बच्चों के घर पहुंची और जांच की। डॉक्टरों ने जानकारी ली कि कोई बच्चा अधिक बीमार तो नहीं है। बुधवार को भी डॉक्टरों की टीम अन्य बीमार बच्चों के घर पहुंचेगी। स्वजन ने बताया कि अभी हम स्कूल द्वारा दिए जा रहे भोजन पर भरोसा नहीं कर सकते, घर से खाना भेज रहे हैं। शनिवार को खाने के बाद से बच्चों को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई है। डॉक्टरों ने जांच में गैस्ट्रोएंटेराइटिस और डिहाइड्रेशन की समस्या बताई है।
स्कूल परिसर में हंगामा, प्रबंधन को मिले 35 ई-मेल
घटना के बाद माता-पिता ने झलारिया स्थित स्कूल कैंपस में पहुंचकर हंगामा किया। स्कूल के चौथी कक्षा तक के बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। इस संबंध में करीब 35 ई-मेल ही अब तक प्रबंधन के पास पहुंचे थे।
खाद्य विभाग की सुस्त कार्रवाई
किचन सील तक ही कार्रवाई खाद्य विभाग की टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए किचन सील करने की कार्रवाई की थी। किचन में एक्सपायरी डेट का अचार मसाला, सेव सहित अन्य सामग्री मिली। लेकिन मामले में सिर्फ किचन सील की कार्रवाई की गई। यह पहली बार नहीं है हमेशा लोगों की जान के साथ दूषित खानपान खिलाकर खिलवाड़ किया जाता है और कार्रवाई के नाम पर कुछ दिनों तक किचन या दुकान सील कर दी जाती है। यही कारण है कि मिलावटी और एक्सपायरी डेट की खाद्य सामग्री धड़ल्ले से खिलाई जाती है।
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लाखों रुपये फीस के बावजूद सामने आई बड़ी अव्यवस्था
लाखों रुपये फीस के बावजूद अव्यवस्था स्कूल द्वारा विद्यार्थियों से सालाना लाखों रुपये फीस ली जाती है, लेकिन इसके बावजूद सुविधा नहीं दी जाती है। यह पहली बार नहीं है कई स्कूलों में इस तरह की घटना हो चुकी है।
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