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बचाओ-बचाओ…मुझे सांप ने काट लिया,यहीं-कहीं सीट पर छिपा हुआ है, जल्दी से डाक्टर को बुलाओ, अगर इलाज नहीं मिला तो मर जाऊंगा। चलती ट्रेन में एक यात्री की यह चीख सुनते ही अफरा-तफरी मच गई। यात्री अपनी सीटें छोड़कर दूसरे डिब्बों की ओर भागने लगे। ट्रेन के जबलपुर स्टेशन पहुंचते ही आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक, हेल्थ स्टाफ और सर्प विशेषज्ञ मौके पर पहुंचे। घायल यात्री को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसे इंजेक्शन लगाया गया। शाम तक उसकी हालत सामान्य हो गई। बाद में उसने बताया कि उसे ठीक से पता नहीं है कि सांप ने काटा था या चूहे ने। मेडिकल जांच सामान्य आने के बाद रेलवे प्रशासन ने राहत की सांस ली। पुणे-पटना एक्सप्रेस के एस-8 कोच में अफरा-तफरी घटना शुक्रवार को पुणे से पटना जा रही एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 17610) के स्लीपर कोच एस-8 में हुई। बिहार के सुपौल निवासी 20 वर्षीय विकास कुमार बर्थ नंबर-69 पर सफर कर रहे थे। जब ट्रेन जबलपुर पहुंचने वाली थी, तभी उन्होंने अचानक शोर मचाते हुए कहा कि उन्हें सांप ने काट लिया है। उनकी बात सुनते ही कोच में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और घबराए यात्री दूसरे डिब्बों में चले गए। सीटों के नीचे तक तलाशी, सांप नहीं मिला सूचना मिलते ही जबलपुर स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी, सीएंडडब्ल्यू स्टाफ, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञ ने संयुक्त जांच की। प्लेटफॉर्म नंबर-4 पर ट्रेन पहुंचते ही संबंधित कोच की सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की गहन तलाशी ली गई, लेकिन कहीं भी सांप नहीं मिला। इसके बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। यात्री को सिर्फ पूंछ दिखी, चूहे की आशंका यात्री विकास कुमार ने बताया कि वह बर्थ पर सो रहा था। इसी दौरान उनकी उंगली में किसी जीव ने काट लिया। आंख खुलने पर उन्हें केवल उसकी पूंछ दिखाई दी। लगा कि वह सांप था, इसलिए उन्होंने शोर मचा दिया। उपचार के बाद हालत सामान्य, आगे की यात्रा पर रवाना सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे अधिकारियों ने विकास कुमार को जबलपुर स्टेशन पर उतारकर विक्टोरिया अस्पताल भेजा। चिकित्सकों ने उनका उपचार किया और शाम तक उनकी हालत सामान्य हो गई। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वह यह निश्चित नहीं बता सकते कि उन्हें सांप ने काटा था या चूहे ने। इसके बाद उन्हें आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। एस-8 कोच की पूरी तलाशी में नहीं मिला सांप रेलवे, आरपीएफ, जीआरपी, रेलवे चिकित्सक और सर्प विशेषज्ञों ने एस-8 कोच की विस्तृत जांच की। सीटों के नीचे, लगेज रैक और अन्य संभावित स्थानों की तलाशी लेने के बावजूद कहीं भी सांप नहीं मिला। जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे के लिए रवाना किया गया। सर्प विशेषज्ञ बोले- जहरीला सांप होता तो हालत गंभीर होती सर्प विशेषज्ञ ने बताया कि सूचना मिलने पर वह तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूरे कोच की जांच की, लेकिन कोई सांप नहीं मिला। उनका कहना है कि यदि यात्री को जहरीले सांप ने काटा होता तो कुछ ही घंटों में उसकी हालत गंभीर हो जाती। उपचार के बाद शाम तक यात्री पूरी तरह सामान्य था। यात्री नहीं बता सका सांप था या चूहा जीआरपी टीआई संजीवनी ने बताया कि पूछताछ के दौरान यात्री यह स्पष्ट नहीं बता सका कि उसे सांप ने काटा था या चूहे ने। वह काफी घबराया हुआ था। जिला अस्पताल में उपचार के बाद उसकी स्थिति सामान्य पाई गई और उसे आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे की अपील- अफवाह से बचें, पहले सूचना दें रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत रेलवे स्टाफ को सूचना दें, लेकिन बिना पुष्टि के अफवाह न फैलाएं। संयम बनाए रखने से अनावश्यक घबराहट और भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सकता है।
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